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फिश के अलावा यहां के सी-फूड्स कहीं आपको दीवाना न बना दें

Written By: Nripendra

विविध संस्कृति के साथ भारत अपने लजीज व्यंजनों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। भारतीय थाली हर वो स्वाद परोसती है जिनके चटखारे लेकर विदेशियों के मुंह से भी यही शब्द निकलते हैं, 'ग्रेट इंडिया..इनक्रेडिबल इंडिया'। घर हो या बाहर, पांच सितारा होटल्स हों या सड़क किनारे बने देशी ढाबें, भारतीय खाने की खूशबू सुबह से ही चारों दिशाओं में महकने लगती है।

भारत व्यंजनों के मामले में एक ऐसा गंतव्य है जहां परंपरागत शाही पकवानों के अलावा स्वादिष्ट सी फूड्स चखने का मौका मिलता है। जिसके स्वाद में खोकर कई विदेशी भारत के ही होकर रह गए। 'नेटिव प्लानेट' की 'फूड सफारी' में हमारे साथ जानिए भारत के खास तटीय शहरों के बारे में जो अपने स्वादिष्ट सी फूड्स से पूरी दुनिया को आकर्षित करते हैं।

1- भारत की पहली राजधानी (कोलकाता)

1- भारत की पहली राजधानी (कोलकाता)

PC - Mahakalxx

माछ आर...माछेर झोल..ये शब्द आपको हर बंगाली के मुंह से जरूर सुनने को मिलेंगे। 'माछ' यानी मछली और 'झोल' मतलब सूप। बंगाली मछलियों के इतने प्रेमी होते हैं कि इनके हर विशेष अवसरों पर मछली का होना अनिवार्य है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बंगाल में जितने प्रकार के 'मछली व्यंजन' बनाए जाते हैं उतने विश्व के किसी कोने में नहीं बनते। अगर आप सी फूड्स के शौकीन हैं, तो भारत के कोलकाता शहर आ सकते हैं।

सी फूड्स की भरमार

सी फूड्स की भरमार

PC- Biswarup Ganguly

चूंकि कोलकाता शहर समुद्र किनारे बसा है तो यहां आपको सी फूड्स की भरमार मिलेगी। यहां आपको मछलियों की विभिन्न प्रजातियां जैसे इलिश, कतला, रोहू, मांगुर आदि का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा आप यहां समुद्री झींगे (लाब्स्टर) केकड़े (क्रैब) आदि का लाजवाब स्वाद चख सकते हैं। बंगाली घरों में ज्यादातर कतला और रोहू मछलियां खाई जाती हैं, जबकि शादी ब्याहों में 'इलिश माछ' बनाने का चलन है।

2- सी फूड का निर्यातक कोच्चि

2- सी फूड का निर्यातक कोच्चि

PC- stu_spivack

नारियल, कथकली और अपने उत्तम समुद्री तटों के लिए प्रसिद्ध केरल स्वादिष्ट सी फूड्स का घर माना जाता है। यहां प्रकृति प्रेमियों के अलावा भारी संख्या में फूड लवर्स आना पसंद करते हैं। हाउस बोट में आराम फरमाते हुए सी-फूड्स का लुत्फ उठाना क्या होता है यह कोई केरल घूमा हुआ पर्यटक ही बता सकता है। बता दें कि केरल सी-फूड्स के सबसे बड़े निर्यातकों में गिना जाता है। अगर आप सी-फूड्स के किसी अलग स्वाद की खोज में हैं तो आप केरल के तटीय शहर कोच्चि आ सकते हैं।

नारियल के साथ मछली

नारियल के साथ मछली

PC- Eddy Milfort

चूंकि केरल में नारियल की पेड़ों की अधिकता है इसलिए यहां के भोजनों में नारियल व नारियल तेल का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। जो यहां के व्यंजनों को सबसे अलग स्वाद देने का काम करते हैं। यहां आपको मछलियों की विभिन्न प्रजातियों के साथ केकड़े व छोटे आकार के झींगे ज्यादा दिखेंगे। यहां पॉम्फ्रेट, भारतीय सैल्मन, सुरमई आदि मछलियों का ज्यादा चलन है। केरल के मछली बाजारों को 'मीन चांथा' कहा जाता है।

 3- समुद्री तटो के साथ पणजी

3- समुद्री तटो के साथ पणजी

PC- Miran Rijavec

भारत में विदेशी आबोहवा का मजा लेने के लिए सैलानी गोवा का प्लान जरूर बनाते हैं। यहां के समुद्री तटों का आराम की सांस लेने के लिए देश-दुनिया से पर्यटक आते हैं। यह राज्य अपने पर्यटन स्थलों के साथ सी-फूड्स के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां रहने वाली एक बड़ी आबादी यहां के समुद्री व्यंजनों का भरपूर आनंद उठाती है। अगर आप यहां के समुद्री परिवेश में रहकर सी-फूड्स का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो गोवा के पणजी शहर आ सकते हैं।

इग्ज़ाटिक सी-फूड्स

इग्ज़ाटिक सी-फूड्स

PC- Sandor Diego Weijn

गोवा में सी-फूड्स की इतनी वराइअटी उपलब्ध हैं, जितनी आपको भारत के किसी और तटीय राज्य में नहीं मिलेगी। किंग फिश, मैकरल, स्क्विड, बेबी प्रॉन्स, क्रैब, लाब्सटर, सी-शेल, पॉम्फ्रेट, रेड स्नैपर, सी-बास, जंबो टाइगर प्रॉन्स, ब्लैक स्नैपर आदि यहां के मुख्य समुद्री व्यंजन हैं। पणजी में आपको के ऐसे रेस्तरां मिल जाएंगे जो अपने लजीज सी-फूड्स से पूरी दुनिया का आकर्षित करते हैं। विदेशियों का यहां समुद्री व्यंजन बहुत ही ज्यादा भाते हैं।

 4- उड़ीसा का पुरी

4- उड़ीसा का पुरी

PC- Ankur P

उड़ीसा का शहर पुरी धार्मिक विशेषताओं के साथ-साथ अपने समुद्री व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। समुद्र से निकटता होने के कारण यह शहर सी-फूड्स का धनी है। यहां की एक बड़ी आबादी समुद्र व चिलका झील पर निर्भर है। भारत की सबसे बड़ी समुद्री झील चिलका लगभग 150,000 मछुआरों का भरण पोषण करती है। इसलिए मछली व अन्य यहां के भोजन का हिस्सा हैं। और साथ ही आमदनी का मुख्य साधन।

 खान-पान का पूरा इंतजाम

खान-पान का पूरा इंतजाम

PC- Ankur P

पुरी लंबे समय से आस्था व पर्यटन का मुख्य केंद्र रहा है। यहां स्थित बीच सैलानियों के मध्य काफी लोकप्रिय हैं। आप यहां स्वादिष्ट सी-फूड्स का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। यहां आपको मछलियों के साथ केकड़े व लाब्सटर आदि ज्यादा देखने को मिलेंगे। यहां बंगाल की तरह ही भोजन पकाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। आपको यहां कतला, रोहू व इलिश मछलियां ज्यादा खाने को मिलेंगी। इसके साथ ही आप यहां समुद्री लाब्सटर व छोटी मछलियां का स्वाद भी चख सकते हैं।

5- पांडिचेरी की विशेषता

5- पांडिचेरी की विशेषता

पांडिचेरी भारत का वो प्रदेश है जहां सबसे पहले फ्रांसीसी आए थे। विदेशियों ने यहां अच्छा-खास समय बिताया है। भले ही फ्रांसीसी यहां से चले गए पर वे अपने पीछे स्वादिष्ट व्यंजन बनाने की रेसिपी छोड़ गए। जो अब पांडिचेरी की विशेषता में शामिल हो गया है। यहां के व्यंजन फ्रेंच व तमिल संस्कृति से प्रभावित हैं। इसलिए यहां आज भी फ्रेंच लोग आना पसंद करते हैं।

इंडियन-वेस्टर्न का सम्मिश्रण

इंडियन-वेस्टर्न का सम्मिश्रण

अगर आप चाहें तो यहां के लजीज इंडियन-वेस्टर्न कल्चर से प्रभावित सी-फूड्स का लुत्फ उठा सकते हैं। आप यहां समुद्री व्यंजनों में फिश, लाब्सटर, क्रैब व प्रॉन्स का मजा ले सकते हैं। यहां आपको कई ऐसे होटल्स व रेस्तरां मिल जाएंगे जो अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट व्यंजन परोसते हैं। यहां के भोजनों में आपको अगल ही फ्लेवर नजर आएगा। समुद्री नजारों के बीच सी-फूड्स का आनंद किसी सपने से कम नहीं। अगर आप इस बीच यहां आएं तो यहां की संस्कृति में शामिल भोजनों का जरूर आनंद लें।

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