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भारत की ऊँची मीनारे

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अक्सर हम मस्जिदों पर एक मीनार देखते हैं, जिसे कहीं भी दूर से निहारा जा सकता है। विश्व के पुराने देशों में से एक भारत कई ऊँची और पुरानी मीनारों का घर है, जोकि विभिन्न युगों और विभिन्न राजवंशों से संबंधित हैं।

आज भारत में कई खूबसूरत मीनारे मौजूद हैं, जो अपने समय की कहानी को बयाँ करते हुए मजबूताई से खड़े हुईं हैं। भारत में कई ऊँची मीनारे हैं, जो देशी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इस क्रम में आज हम आपको अपने लेख से भारत की कुछ प्रसिद्ध मीनारों से रूबरू से करायेंगे जिनमे 12 वीं शताब्दी से लेकर नव निर्मित मीनारे शामिल हैं-

क़ुतुब मीनार

क़ुतुब मीनार

बात भारत की उंची मीनारों की हो रही हो और क़ुतुब मीनार का नाम ना आये ये तो मुमकिन ही नहीं है। भारत की सबसे पुरानी मीनारों में से एक क़ुतुब मीनार ऐतिहसिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है, यह दिल्ली के जाने-माने स्थानों में से एक है। इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में कराया गया था, जोकि अब विश्व धरोहर स्थल में शामिल हो चुकी है।

अफगानिस्तान की जाम मीनार से प्रेरित होकर बनाया गया कुतब मीनार 240 फीट की ऊंचाई का एक सीढ़ीदार इमारत है, जिसमे करीबन 379 सीढ़ियाँ हैं। बीते कई सालों से खड़ी हुई मीनार आज भी अपने उसी रूप और सुन्दरता को बरकरार रखे हुए,जिसे देखने हर रोज हजारों की तादाद में पर्यटक पहुंचते हैं।Pc: flicker

भारतीय स्मारक: भारत की सबसे उँची मीनार, क़ुतुब मीनार की 7 दिलचस्प बातें!

झूलता मीनार

झूलता मीनार

झूलता मीनारा, दो हिलती मीनारों का एक जोड़ा है, इनमें से एक सिदी बशीर मस्जिद के विपरीत सारंगपुर दरवाजा में स्थित है और दूसरी राज बीबी मस्जिद के विपरीत अहमदाबाद रेलवे स्‍टेशन के अंदर स्थित है। इस जोड़ी वाली मीनारों की खास बात यह है कि जब एक मीनार हिलती है तो थोड़ी देर बाद दूसरी मीनार भी हिलती है। सिदी बशीर मस्जिद की मीनार, तीन मंजिला है जिसमें बालकनी में काफी नक्‍काशी बनी हुई है और यह पत्‍थर की नक्‍काशी से डिजाइन की गई है। माना जाता है कि इसे सिदी बशीर के द्वारा बनवाया गया था, जो सुल्‍तान अहमद शाह का नौकर था।

इसके हिलने का मुख्‍य कारण आज तक नहीं पता चला और इसके पीछे इसकी बनावट का कोई गहरा रहस्‍य छुपा हुआ है, ब्रिटिशों ने इसका कुछ हिस्‍सा नष्‍ट कर दिया था जो आज तक सही नहीं किया जा सका। इन मीनारों पर पर्यटकों को चढ़ना मना है लेकिन फिर भी आज दिन तक यह जगह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
Pc:Palak gajrawala

चार मीनार

चार मीनार

दुनिया में सबसे लोकप्रिय मीनारों में से एक, चारमीनार तेलंगाना राज्य में हैदराबाद के दिल में स्थित है। यह भव्य इमारत प्रचीन काल की उत्कृष्ट वास्तुशिल्प का बेहतरीन नमूना है। इस टॉवर में चार चमक-दमक वाली मीनारें हैं, जो कि चार मेहराब से जुड़ी हुई हैं। मेहराब मीनार को सहारा भी देता है। जब कुली कुतुब शाही ने गोलकुंडा के स्थान पर हैदराबाद को नई राजधानी बनाया, तब चारमीनार का निर्माण करवाया गया था।

वर्तमान में चारमीनार न सिर्फ अपनी भव्य उपस्थिति बल्कि पुराने समय के गौरव के कारण भी बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है।

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 फतेह बुर्ज

फतेह बुर्ज

पंजाब के चापर चिरी के प्राचीन गांव में स्थित विजय टावर के रूप में लोकप्रिय फतेह बुर्ज एक नवनिर्मित मीनार है। इस बुर्ज का निर्माण सिखों द्वारा मुगल साम्राज्य के पतन के बाद कराया गया था। फतेह बुर्ज भारत में सबसे ऊँची मीनारों में से एक है जिसकी ऊंचाई करीबन 328 फीट है। रात के सम्स्य रोहणी में नहाया हुआ यह बुर्ज बेहद ही खूबसूरत नजर आता है, जो पर्यटकों को अपनी और अपनी और आकर्षित करता है।Pc: flicker

चांद मीनार

चांद मीनार

महाराष्ट्र के शहर दौलताबाद में स्थितचांद मीनार एक विजयी बुर्ज के रूप में खड़ी हुई है, जिसका निर्माण 1445 में अलाउद्दीन बहमनी ने कराया था। इस मीनार की ऊंचाई करीबन 210फीट है, जोकि भारत के ऊँची मीनारों में से एक है।

यह मूल रूप से फारसी टाइल्स से सुसज्जित है, कई हमलों के बाद भी अज भी यह इमारत ज्यों की त्यों खड़ी हुई है। आज, यह दौलताबाद में एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और जिसे देश के कोने कोने से पर्यटक देखने पहुंचते हैं।Pc: flicker

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