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असम की यात्रा को खास बनाना है तो इस स्थल पर आना न भूलें

अगर आप किसी ऐसे स्थल की यात्रा करने की सोच रहे हैं जहां प्रकृति, धर्म-संस्कृति और विज्ञान का खूबसूरत मेल हो, तो आपको असम के नलबारी जरूर आना चाहिए। नलबारी पूर्वोत्तर भारतीय राज्य असम का एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो अपने प्राचीन मंदिरों, प्राकृतिक हरियाली और संस्कृति के लिए जाना जाता है। दूर-दूर से सैलानी यहां के अद्भुत आकर्षणों को देखने के लिए यहां तक आते हैं।

एक शानदार पारिवारिक अवकाश के लिए यह स्थल काफी खास माना जाता है, जहां आप कुदरती खूबसूरती का आनंद जी भरकर उठा सकते हैं। इस लेख के माध्यम से जानिए पर्यटन के लिहाज से यह स्थल आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

बिलेश्वर मंदिर

बिलेश्वर मंदिर

नलबारी भ्रमण की शुरूआत आप यहां के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों से कर सकते हैं। बिलेश्वर मंदिर यहां के प्रसिद्ध मंदिरों में गिना जाता है, जहां श्रद्धालुओं के साथ साथ यहां आने पर्यटकों का अच्छा खासा जमावड़ लगता है। जानकारी के अनुसार भगवान कृष्ण का यह मंदिर 500 साल पुराना है। इस स्थल से एक दिलचस्प कहानी भी जुड़ी हुई है, माना जाता है कि इस स्थल पर खुदाई के दौरान शिवलिंग निकला था, लेकिन सोचने वाली बात यहां जो मंदिर है वो भगवान कृष्ण को समर्पित है।

यह स्थल का महत्व भगवान शिव के प्राचीन स्थलों में भी गिना जाता है। पर्यटक इस तथ्य को सुनकर यहां आना ज्यादा पसंद करते हैं। अगर आप इस अद्भुत स्थल को देखने चाहते हैं तो यहां जरूर आएं।

हरि मंदिर

हरि मंदिर

PC- Birshu

बिलेश्वर मंदिर के अलावा आप यहां के अन्य प्रसिद्ध हरि मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर भी भगवान कृष्ण को समर्पित है, जिसका निर्माण 1965 में किया गया था। यह नलबारी के चुनिदा पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां 15 दिनों तक चलने वाला रास महोत्स्व काफी प्रसिद्ध है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी आते हैं।

भारत के अलग-अलग कोनों से श्रद्धालु इस त्योहार का हिस्सा बनने के लिए आते हैं। अगर आप नलबारी आएं तो इस खास मंदिर के दर्शन करना न भूलें।

तारामंडल एवं विज्ञान केंद्र

तारामंडल एवं विज्ञान केंद्र

धार्मिक स्थलों के अलावा नलबारी अपने तारामंडल एवं विज्ञान केंद्र के लिए भी जाना जाता है। इस तारामंडल में रोजाना शो आयोजित होते हैं, जिनका उद्देश्य खगोल विज्ञान, भौतिक-विज्ञान और गणित संबंधी ज्ञान का विस्तार करना है। इस विज्ञान भवन में अलग-अलग सेक्शन बने हुए हैं जहां आप विज्ञान की विभिन्न शाखाओं संबंधी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

यहां अक्सर स्कूल के बच्चों को घूमाने के लिए लाया जाता है, जिससे वे ब्रह्मांड को अच्छी तरह समझ सकें। अगर आप साइंस के अद्भुत रूपों को देखना चाहते हैं तो यहां जरूर आएं।

कामरूप संस्कृत संजीवनी सभा

कामरूप संस्कृत संजीवनी सभा

PC-Fæ

इन स्थलों के अलावा आप नलबारी में कुछ खास स्थलों की सैर कर सकते हैं। संस्कृति संजीवनी सभा यहां के चुनिंदा पर्यटन स्थलों में गिना जाता है, जहां संस्कृत भाषा संबंधी ज्ञान का विशाल भंडार है। इस भवन की स्थापना 1930 में की गई थी, जहां प्राचीन संस्कृत पांडुलिपियों को सुरक्षित रखा गया है। जानकारी के अनुसार इस संग्रहालय में 1000 के आसपास दुर्लभ संस्कृति भाषा की पांडुलिपियां मौजूद हैं।

भारतीय प्राचीन साहित्य को समझने के लिए आप यहां आ सकते हैं। अगर आप संस्कृति भाषा को लेकर कोई शोध कार्य कर रहे हैं तो आप यहां आ सकते हैं।

बौद्ध मंदिर

बौद्ध मंदिर

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां बौद्ध मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। यह मंदिर मुख्य शहर नलबारी से 30 किमी की दूरी पर स्थित है। जानकारी के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 1965 में नेपाली लोगों द्वारा किया गया था।

मंदिर बनाने का श्रेय छात्र सिंह को जाता है, जिन्होंने 1971 में एक नया गुंबा का भी निर्माण करवाया था। बौद्ध जंयती पर यहां श्रद्धालुओं का अच्छा खास जमावड़ा लगता है। आत्मिक और मानसिक शांति के लिए आप यहां आ सकते हैं।

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