भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत करीब 5000 हजार साल पुरानी है। यहां सांस्कृतिक विरासत और मंदिरों की भरमार है, जहां हमेशा लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसमें से ही एक बद्रीनाथ का धाम है, जो भारत में प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है और चार धाम की यात्रा में से एक दार्शनिक स्थल भी है। बद्रीनाथ से जुड़े कई दिलचस्प तथ्य व रहस्य हैं, जिनके बारे में आपको इस लेख के जरिए हम बताने जा रहे हैं। साथ ही बद्रीनाथ व बद्रीनाथ के आस-पास के जगह के बारे में भी बताएंगे, जहां आप घूम सकते हैं और अपने परिवार या दोस्तों के साथ प्रकृति के अद्भुत नजारें को अपनी यादों में सहेज कर रख सकते हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित बद्रीनाथ धाम चार धामों में से एक है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। बद्रीनाथ धाम में ऐसे तो साल भर सर्दियों का मौसम होता है। कभी-कभी तो हालात इस कदर हो जाते हैं कि मई-जून में ही यहां पर बर्फबारी होने लगती है।

बद्रीनाथ के दर्शन
बद्रीनाथ के दर्शन करने से पहले श्रद्धालुओं को यहां स्थित तप्त कुंड में स्नान करना पड़ता है, जो बद्रीनाथ मंदिर के पास में ही स्थित है। इस कुंड की खास बात यह है यहां का पानी काफी गर्म होता है जो यहां की ठंड के चलते स्नान करने से काफी सुकून देता है। तप्त कुंड में स्नान करने के बाद आपको वहां बने काउंटर से टोकन भी लेना पड़ता है। इसके बाद आप बद्रीनाथ के दर्शन के लिए लाइन में लग सकते हैं। दर्शन करने के दौरान आपको एक खास बात का ध्यान रखना होगा कि आपके पास किसी प्रकार का कोई मोबाइल या कैमरा ना हो। क्योंकि, मंदिर परिसर में किसी प्रकार का उपकरण ले जाना सख्त मना है।

दो दिन में पूरी करें बद्रीनाथ की यात्रा
हरिद्वार से आपको डायरेक्ट बद्रीनाथ धाम के लिए बस मिल जाती है, जिसका किराया हजार रुपए के आसपास है। आप बस की बुकिंग पहले ही करा लें। क्योंकि, कभी-कभी यात्री भार ज्यादा होने के कारण बस में जगह नहीं मिल पाती। कोशिश करें कि सुबह की ही बस का टिकट लें। इसके बाद शाम तक आप बाबा के धाम में पहुंचकर एक होटल ले लें। बद्रीनाथ धाम में लंगर की भी व्यवस्था होती है, जहां जाकर आप अच्छे भोजन कर सकते हैं।

इसके बाद अगले दिन सुबह जल्दी उठकर मंदिर के लाइन में लग जाए और बाबा बद्रीनाथ के दर्शन कर लें। अब अगर आपको वहां के प्राकृतिक नजारों को देखना हो तो आप वहां रुक सकते हैं। नहीं तो आप हरिद्वार के लिए बस पकड़कर वापस आ सकते हैं। ऐसे में बद्रीनाथ धाम की यात्रा आप 2 से 3 दिन में पूरी कर सकते हैं। इस दौरान, बद्रीनाथ धाम की यात्रा करने में आपको प्रति व्यक्ति 5 से 7 हजार रुपऐ का खर्च आएगा।
बद्रीनाथ के प्रमुख स्थल
बद्रीनाथ यात्रा के दौरान आप यहां के आस-पास स्थित कुछ प्रसिद्ध जगहों पर जरूर जाएं। जैसे- चरण पादुका, बसुधारा झरना, व्यास गुफा, गणेश गुफा, सरस्वती माता मंदिर व भीम पुल। इसके अलावा आपको सरस्वती मंदिर से 1 किलोमीटर आगे बढ़ने पर भारत की अंतिम दुकान मिलेगी, जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते हैं और अपनी यादों में सहेज सकते हैं। वहीं, बद्रीनाथ धाम से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भारत का अंतिम गांव है, जिसका नाम माडा है। इस गांव के बाद इंडिया और चाइना का बॉर्डर शुरू हो जाता है।
कैसे पहुंचे बद्रीनाथ धाम
इसके लिए आपको हवाई मार्ग, रेल मार्ग व सड़क मार्ग तीनों सुविधाएं उपलब्ध है। यहां का नजदीकी हवाई मार्ग देहरादून में स्थित है। वहीं, नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार है।



Click it and Unblock the Notifications












