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हर बार अपना रंग-रूप बदलता झील: त्सोंगमो झील!

ऊँचाई पर स्थित झीलों की मोहक खूबसूरती की बात ही कुछ अलग होती है। यहाँ पहुँचने वाले पर्यटकों के लिए ये ऐसे दृश्य का निर्माण करते हैं जहाँ की खूबसूरती निहार पर्यटक पूरी तरह से उसी में समा जाते हैं। झील के चारों तरफ धुंध से ढका वातावरण, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ और ठण्ड से कंपकंपाता मौसम पर्यटकों के उत्साह में और वृद्धि करता है। ऐसे ही खूबसूरत दृश्यों से भरा पूरा है ऊंचाई पर स्थित, त्सोंगमो झील जो आपको अपनी उत्कृष्ट खूबसूरती में बांध देगा। जी हाँ यहाँ हम बात कर रहे हैं सिक्किम के त्सोंगमो झील की जो गंगटोक के नज़दीक ही स्थित है।

[गंगटोक जाने से पहले जाने वहां की कुछ खास बातें!]

त्सोंगमो झील सिक्किम पर्यटन के दिलचस्प आकर्षणों में से एक है। यह सिक्किम के पूर्वी सिक्किम जिले में स्थित है। इस जल स्रोत के चारों ओर बसा वातावरण का सुरम्य दृश्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। लगभग 3753 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस जल स्रोत में पानी पास ही स्थित हिमानी (ग्लेशियर) से आकर जमा होता है।

[गुरुडोंगमार झील: सिक्किम के माथे को ताज की तरह सुशोभित करता सबसे उँचा झील!]

ठण्ड के मौसम में जहाँ इसका पानी पूरी तरह से बर्फ के रूप में जम जाता है वहीं गर्मी के मौसम में यह खिले हुए फूलों से घिरा होता है। यह झील कई प्रवासी पक्षियों का भी वास स्थल है। चलिए आज हम चलते हैं सिक्किम के इसी खूबसूरती की झलक को देखने।

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील को यहाँ चंगू झील के नाम से भी जाना जाता है।

Image Courtesy: Rudolph.A.furtado

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

झील की सतह अलग-अलग मौसम में अलग-अलग रंगों को दर्शाती है। इसलिए सिक्किम के मूल निवासियों के तौर पर यह एक पवित्र झील के रूप में माना जाता है।

Image Courtesy: Vinay.vaars

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील को गुरु पूर्णिमा के शुभ उत्सव के लिए एक पवित्र स्थल माना जाता है। लोगों का मानना है कि इस झील का पानी औषधीय गुणों से भरा-पूरा है।

Image Courtesy: Sandy0091

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

झील के चारों ओर स्थित अल्पाइन जंगल कई अलग अलग प्रजाति के पक्षियों का वास स्थल हैं।

Image Courtesy: Indrajit Das

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

आप झील के पास ही याक जिसे गँवाई भाषा में सुरागाय कहते हैं, की सवारी का आनंद भी ले सकते हैं। यह आपका अपना एक अलग ही तरह का खास अनुभव होगा। इन सारी विशेषताओं के साथ यह झील एक दिलचस्प जगह का निर्माण करता है।

Image Courtesy: shankar s.

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

आप हर बार जब भी अलग-अलग मौसम में इस झील की यात्रा पर जायेंगे, झील का रंग बदला हुआ पाएंगे। इस झील की खास विशेषता यह है कि भारतीय डाक सेवा ने वर्ष 2006 में इस झील को समर्पित एक टिकट जारी किया था।

Image Courtesy: Robin S Kishore

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

त्सोंगमो झील की कुछ दिलचस्प बातें

आमतौर पर आप त्सोंगमो झील की यात्रा, नाथुला पास की यात्रा के दौरान भी कर सकते हैं। यह झील गंगटोक-नाथुला हाईवे पर ही, गंगटोक से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

Image Courtesy: Sudhanshu Gupta

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रे की एक सैर

आप अपनी इस यात्रा में सबसे पहले नाथुला दर्रे की यात्रा भी कर सकते हैं और उसके बाद वापस लौटते हुए त्सोंगमो झील की यात्रा। नाथुला दर्रा,सिक्किम और चीन के अधीन तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र की सीमा पर एक पहाड़ी पास है।

Image Courtesy: Giridhar Appaji Nag Y

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रे की एक सैर

गंगटोक से नाथुला दर्रा की यात्रा भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली यात्रा है। यात्रा के दौरान रास्ते में ही आप रुकमणी प्रपात और कई अन्य ऊंचाई पर स्थित झीलों के भी नज़ारे का आनंद ले सकते हैं।

Image Courtesy: Vaishnav26

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रा वास्तव में आपकी आँखों को सुकून पहुँचाने वाले दृश्य का निर्माण करता है, बर्फ से ढकी चोटियां,कोहरे से ढका परिदृश्य और चारों तरफ अल्पाइन जंगल के खूबसूरत नज़ारे, सच में पूरी प्रकृति एक साथ यहीं पर खूबसूरती का सुंदर दृश्य प्रदर्शित करती है।

Image Courtesy: Indrajit Das

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रे के मार्ग पर ही स्थित बाबा हरभजन सिंह मेमोरियल मंदिर यहाँ के मुख्य आकर्षणों में से एक है, जिसे बाबा हरभजन सिंह, भारतीय जवान की याद में बनवाया गया था। बाबा हरभजन सिंह भारतीय सैनिक थे जिन्होंने सीमा पर अपनी सेवा के दौरान जान गँवाई।

Image Courtesy: PP Yoonus

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रे की एक सैर

ऐसा कहा जाता है कि मृत्यु के बाद वे अपने दोस्त के सपने में आये और उन्हें एक मंदिर बनाने को कहा। जिसके बाद यह मंदिर उनके स्मृति चिन्ह के रूप में बनवाया गया। मंदिर के परिसर में शिव जी की भव्य मूर्ति के साथ एक शिव मंदिर भी स्थित है।

Image Courtesy: Kaurharviene

नाथुला दर्रे की एक सैर

नाथुला दर्रे की एक सैर

बाबा हरभजन सिंह मंदिर की यात्रा के दौरान आप इसके पास ही स्थित एलीफैंट झील की सैर भी कर सकते हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि इन सारेआकर्षणों की सैर करते हुए आप सिक्किम के मनोरम दृश्य के भरपूर मज़े ले पाएंगे।

Image Courtesy: Shubham Garg

त्सोंगमो झील और नाथुला दर्रा पहुँचें कैसे?

त्सोंगमो झील और नाथुला दर्रा पहुँचें कैसे?

त्सोंगमो झील और नाथुला दर्रा सिक्किम के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। त्सोंगमो झील, सिक्किम की राजधानी गंगटोक से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर और वहीं नाथुला दर्रा गंगटोक से केवल 57 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है।

Image Courtesy: Vinay.vaars

त्सोंगमो झील और नाथुला दर्रा पहुँचें कैसे?

त्सोंगमो झील और नाथुला दर्रा पहुँचें कैसे?

त्सोंगमो झील, गंगटोक-नाथुला हाईवे पर ही स्थित है। आपके लिए अच्छा होगा कि आप गंगटोक से कोई निजी गाड़ी बुक करके इन सौन्दर्य की यात्रा पर जाएँ। जैसा कि यहाँ हर जगह पहाड़ी क्षेत्र हैं, यहाँ की सड़कें संकीर्ण और उबड़-खाबड़ हैं। और जैसा कि ये हिमालयी क्षेत्र में ,इसलिए आप बदलते हुए मौसम के लिए भी अपने आप को तैयार कर लें।

Image Courtesy: Sammykay007

त्सोंगमो झील और नाथुला दर्रा पहुँचें कैसे?

त्सोंगमो झील और नाथुला दर्रा पहुँचें कैसे?

त्सोंगमो झील सिक्किम की प्रसिद्द झीलों में से एक है जो अपने रंग बदलते अद्भुत दृश्य के लिए सबसे ज़्यादा प्रसिद्द है। इसलिए आपकी यहाँ की एक मज़ेदार यात्रा तो बनती ही है।

Image Courtesy: Dipta Subhra Sarkar

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