हाईवे से होकर आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा में कोई कमी न आए और यात्रा का उनका अनुभव शानदार बने। इन दोनों बातों को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच के बीच 4 लेन चौड़ा हाईवे बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, जो बड़ा खास होने वाला है। यह हाईवे उत्तर प्रदेश का पहला डिजिटल हाईवे होगा, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह से लैस होगा।
इस परियोजना में कुछ ऐसा देखने को मिलेगा, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ है। आइए आपको बताते हैं, ऐसा क्या खास होने वाला है उत्तर प्रदेश के पहले डिजिटल हाईवे, बाराबंकी-बहराइच हाईवे, में जो इसे हर तरह से खास बनाएगा।

बिछाए जाएंगे ऑप्टिकल फाइबर
बाराबंकी-बहराइच हाईवे हर तरह की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इस हाईवे का निर्माण नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा किया जाएगा, जिसके लिए NHAI ने सर्वेक्षण का काम भी शुरू कर दिया है। बाराबंकी-बहराइच के बीच यह हाईवे करीब 101 किमी लंबा होने वाला है।
इस हाईवे पर सड़क के ठीक किनारे-किनारे ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जाएगा ताकि भविष्य में ऑप्टिकल फाइबर को बिछाने के लिए हाईवे को फिर से खोदने की जरूरत न हो। सड़क के किनारों पर 3 मीटर चौड़ा ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जाएगा। Times of India की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मार्च 2025 तक इस हाईवे का निर्माण शुरू हो जाएगा।
क्या-क्या होंगी खासियतें?
बाराबंकी-बहराइच हाईवे हर तरह की आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। हाईवे पर बेहतरीन कनेक्टिविटी होगी, ताकि लोगों को इससे होकर गुजरते समय अपनों से या किसी भी आपातकालिन समय में किसी से संपर्क करने में कोई समस्या न हो। इसके अलावा यहां 24/7 नेटवर्क उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही नेशनल परमिट रजिस्टर (NPR) कैमरा और आवश्यकतानुसार लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी।

इस हाईवे पर सबसे पहले यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना होगा। इसे ऐसे डिजाइन किया जाएगा, ताकि दुर्घटना कम से कम हो। हाईवे पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था रात के समय ड्राईविंग को आसान बनाएगा। वहीं हाईवे की डिजिटल संरचना तेज रफ्तार यातायात के बहाव को बनाए रखेगा।
कौन-कौन से शहरों को जोड़ेगा?
बाराबंकी-बहराइच हाईवे उत्तर प्रदेश के अंदर क्षेत्रीय संपर्कों को बेहतर बनाने का काम करेगा। उम्मीद की जा रही है कि इस हाईवे की वजह से राज्य की आर्थिक प्रगति भी होगी। वर्तमान में इस क्षेत्र से होकर 2 लेन की सड़क गुजरती है, जिसपर महादेव कॉरिडोर के बन जाने के बाद ट्रैफिक का बहाव काफी बढ़ गया है।
इस वजह से संजय सेतु ब्रिज की हालत भी खराब होती जा रही है, जो दुर्घटना को दावत दे रहा है। इसके साथ ही सड़क जाम की वजह से ट्रैफिक की रफ्तार भी कम हो रही है। बाराबंकी-बहराइच हाईवे जिन प्रमुख इलाकों से होकर गुजरेगा, उनमें शामिल हैं -
- लखनऊ
- श्रावस्ती एयरपोर्ट
- NH-27
- भारत-नेपाल की सीमा जो NH-927 का एक हिस्सा है
बताया जाता है कि इस जगह पर 4 लेन का हाईवे बन जाने से हर दिन करीब 25000 वाहन इस सड़क से होकर आवाजाही कर सकेंगे।
गौरतलब है कि NHAI का देश भर में 10,000 किमी डिजिटल रोड बनाने की योजना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसकी शुरुआत हैदराबाद-बेंगलुरु कॉरिडोर और दिल्ली-मुंबई मोटरवे से की गयी है। भविष्य में होने वाले विकास के बारे में बाराबंकी-बहराइच हाईवे का निर्माण पूरा होने के बाद ही सोचा जाएगा।



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