पुराने किलों या महलों में बने होटलों में रहने का शौक रखने वाले लोगों को अब तक राजस्थान में सबसे ज्यादा विकल्प मिलते थे। लेकिन अब जल्द ही आपको उत्तर प्रदेश के कई चुनिंदा शहरों में मौजूद महलों व किलों में राजसी ठाठ-बाट के साथ रहने का मौका मिलने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग ने कई किलों व महलों को चिह्नित किया है, जिन्हें होटलों में परिवर्तित किया जाएगा।
ऐसा उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विकास और ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित के साथ-साथ राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों से यहां आने वाले देसी और विदेशी पर्यटकों को परिचित करवाने के लिए किया जा रहा है।

लग्जरी होटल ब्रांड बनाएंगे होटल
मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों की मानें उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कई महलों व किलों को चिह्नित किया गया है जिन्हें 5 और 7 स्टार होटलों में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए कई बड़े-बड़े होटल ब्रांड जैसे लीला होटल्स, इंडियन होटल्स कंपनी (ताज ग्रुप), नीमराना ग्रुप, महिंद्रा होटल्स एंड रिसॉर्ट, ओबेरॉय होटल्स, हयात रिजेंसी और ललित होटल्स आदि ने इसमें अपनी दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि इन होटल ब्रांड्स की तरफ से अभी तक आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की गयी है।
उत्तर प्रदेश सरकार का क्या है कहना?
मीडिया को दिये गये अपने बयान में उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग के मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेशरम का कहना है कि इससे राज्य के पर्यटन को न सिर्फ बढ़ावा और विकास होगा बल्कि यहां आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी। इन किलों और महलों में सभी प्रकार और श्रेणियों के पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ही संरचनात्मक विकास किये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिन पर्यटकों को लग्जरी के साथ रहना ज्यादा पसंद है, उनके लिए कई प्रमुख होटल ब्रांड के साथ बात की जा रही है। होटल ब्रांड ने कई महलों व हवेलियों को नयी पर्यटन नीति पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (PPP मॉडल) के तहत अपनी दिलचस्पी भी जाहिर की है।

कितनी होगी लागत?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी भी ऐतिहासिक धरोहर को होटल में तब्दिल करने में करीब ₹30 करोड़ से ₹100 करोड़ रुपए तक का खर्च हो सकता है। इस सभी लग्जरी होटल में सिर्फ ठाठ-बाट के साथ रहना ही नहीं बल्कि पर्यटकों की सुख व सुविधाओं का पूरा-पूरा ख्याल रखा जाएगा। यहां वेलनेस सेंटर, म्यूजियम, हेरिटेज रेस्तरां, थीम पार्क, कल्चरल कार्यक्रम आदि की सुविधाएं भी पर्यटकों को उपलब्ध होगी।
कौन से महल व किले बनेंगे होटल
मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में मौजूद कई होटलों को इसके लिए चुना गया है जिन्हें अलग-अलग चरणों में होटल में परिवर्तित किया जाएगा। पहले चरण में जिन किलों व महलों को चुना गया है, उनके नाम निम्न हैं :
| किला/महल | शहर |
| चुनार किला | मिर्जापुर |
| बरुआ सागर किला | झांसी |
| जल महल | बरसाना |
| छत्तर मंजिल | लखनऊ |
| कोठी रोशन-उद-दौला | लखनऊ |
| शुक्ला तालाब हवेली | कानपुर |

राज्य सरकार की अनुमति मिलने के बाद जिन महलों व किलों को होटल में परिवर्तित करने की योजना है :
| किला/महल | शहर |
| मस्तानी महल व लेक पैलेस | महोबा |
| तेहरोली | झांसी |
| तालबेहात किला | ललितपुर |
किला और महलों के अलावा और भी कई ऐतिहासिक इमारतें हैं, जिनको पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित व संभव हो सका तो इन्हें भी होटल बनाने की परियोजना का हिस्सा बनाया जा सकता है। किलों व महलों के अलावा जिन जगहों पर यह परियोजना लागू की जा सकती हैं वो हैं :
- किरावली, आगरा में अकबर का शिकारगाह
- बिठुर का बरादरी
- लखनऊ का कोठी गुलिस्तां-ए-इरम
- लखनऊ का कोठी विलास
- वजिरगंज, गोंडा का बरादरी



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