प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के संभल में कल्कि धाम मंदिर की नींव रखी। कल्कि धाम मंदिर भारत ही नहीं दुनिया का सबसे अनोखा मंदिर होने वाला है। पुराणों में कहा गया है कि जब धरती पर पाप और अधर्म बढ़ता है तब धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु अवतार लेते हैं।
कहा जाता है कि अब तक भगवान विष्णु के 9 अवतार हो चुके हैं और 10वां अवतार कलयुग के अंत में कल्कि अवतार के रूप में होगा। यानी संभल में तैयार होने वाला मंदिर भविष्य के भगवान का मंदिर होने वाला है, जिन्होंने अभी तक अवतार नहीं लिया है।

क्यों संभल में बन रहा है कल्कि धाम?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कलयुग के अंत में संभल ग्राम में विष्णुयश ब्राह्मण के घर भगवान कल्कि अवतार लेंगे जो सफेद घोड़े पर सवार रहेंगे। इस वजह से ही संभल में कल्कि धाम स्थापित करने का फैसला लिया गया है। संभल में उसी गुलाबी पत्थर से मंदिर का निर्माण किया जाएगा, जिससे अयोध्या में राम मंदिर और गुजरात में सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया गया है।
5 एकड़ के क्षेत्र में बनने वाले इस मंदिर को पूरा तैयार होने में करीब 5 साल का वक्त लगने वाला है। बताया जाता है कि कल्कि धाम मंदिर में भी स्टील या लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। कल्कि धाम मंदिर सिर्फ भगवान विष्णु के कल्कि अवतार का ही नहीं बल्कि उनके दशावतार का मंदिर होगा।
क्या है कल्कि धाम का अयोध्या कनेक्शन?
इतिहासकारों के अनुसार लगभग 500 साल पहले संभल में भगवान कल्कि का मंदिर हुआ करता था। 1528 में मुगल वंश की नींव रखने वाले बाबर के आदेश पर उसके वफादार मीर बेग ने कल्कि मंदिर को नष्ट कर मंदिर के अवशेष पर ही मस्जिद बनायी थी। कहा जाता है कि मस्जिद की दीवारों पर आज भी मंदिर के अवशेष नजर आते हैं।

इतिहासकारों का दावा है कि बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी पर अपनी जीत के प्रतिक के रूप में वहां काबुली नाग मस्जिद का निर्माण करवाया। अयोध्या में राम मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद और संभल में तीसरी मस्जिद शाही जामा मस्जिद बनवायी थी।
क्या होंगा कल्कि धाम मंदिर में खास?
- गुजरात के सोमनाथ और अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल हुए गुलाबी पत्थरों से होगा मंदिर का निर्माण।
- मंदिर का निर्माण 5 एकड़ के क्षेत्र में किया जाएगा।
- मंदिर में 11 फीट ऊंचा चबुतरा होगा, जिसके शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी।
- मंदिर में 68 तीर्थों की स्थापना होगी, जिसमें कहीं भी स्टील या लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
- कल्कि धाम मंदिर में भगवान कल्कि की नयी प्रतिमा स्थापित होगी। पुराना कल्कि पीठ ज्यों का त्यों बना रहेगा।
- मंदिर में एक नहीं बल्कि 10 गर्भगृह होंगे और हर एक गर्भगृह में भगवान विष्णु के एक अवतार की प्रतिमा स्थापित होगी।



Click it and Unblock the Notifications














