उत्तराखंड में चार धाम यात्रा को शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। वहीं दूसरी ओर हेमकुंड साहिब, जो दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित गुरुद्वारा है, के कपाट खुलने और बंद होने की तारीख भी आ चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के चेयरमैन नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव राधा रतुरी से मुलाकात कर, उन्हें गुरुद्वारा खुलने की तारीखों की जानकारी दी।

बताया जाता है कि उत्तराखंड सरकार ने इन तारीखों पर अपनी सहमति जता दी है और यात्रा के दौरान हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
बता दें, वर्तमान समय में हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा और आसपास के क्षेत्र में भारी बर्फबारी हो रही है। गुरुद्वारा और आसपास का पूरा इलाका लगभग 5 से 8 फीट ऊंची बर्फ के नीचे दबा हुआ है। हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा खुलने से लगभग 1 महीने पहले आर्मी के अधिकारी इस क्षेत्र से बर्फ हटाने की जिम्मेदारी अपने कंधो पर उठा लेते हैं, ताकि यहां तक आने वाले तीर्थ यात्रियों का रास्ता साफ किया जा सकें।

इस साल हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा के कपाट 25 मई को खुलेंगे और 10 अक्टूबर 2024 को कपाट बंद कर दिये जाएंगे। हर साल लाखों की संख्या में सिख समुदाय के लोग हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए पहुंचते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2022 में लगभग 2.4 लाख और 2023 में 1.7 लाख श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब की चढ़ाई चढ़ी थी।
हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को उत्तराखंड के गोविंद घाट से लगभग 15 किमी दूर स्थित हेमकुंड साहिब तक पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। हेमकुंड साहिब दुनिया में सबसे अधिक, 15000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद गुरुद्वारा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ या अमरनाथ यात्रा की तरह ही हेमकुंड साहिब की चढ़ाई भी लोगों के मानसिक और शारीरिक धैर्य की परीक्षा लेता है।

कैसे पहुंचे हेमकुंड साहिब
हेमकुंड साहिब का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून एयरपोर्ट है, जो यहां से करीब 320 किमी की दूरी पर मौजूद है। टैक्सी या फिर गाड़ी किराए पर लेकर एयरपोर्ट से गोविंद घाट पहुंचकर वहां से चढ़ाई शुरू करनी पड़ती है। गोविंद घाट का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश स्टेशन है, जो यहां से लगभग 273 किमी की दूरी पर मौजूद है।



Click it and Unblock the Notifications














