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बड़ा खूबसूरत है उत्तराखंड का श्रीनगर, हसीन वादियों का कोई जवाब नहीं

By Nripendra Balmiki

अभी तक आपने भारत के एक ही श्रीनगर के बारे में सुना होगा, लेकिन आपको बता दें कि देश में एक और श्रीनगर नाम का पर्यटन गंतव्य है जो पहाड़ी खूबसूरती और हसीन वादियों के मामले में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से कम नहीं। यह खूबसूरत गंतव्य उत्तराखंड राज्य में स्थित है जो बद्रीनाथ जाने के रास्ते के दौरान पड़ता है। अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता के साथ-साथ इस शहर का अपना अलग गौरवशाली इतिहास रहा है। बता दें भारत में कई वर्तमान पहाड़ी शहर हैं जोज भारत में अंग्रेजों के आगमन के बाद विकसित हुए, श्रीनगर भी उन्हीं नगरों में शामिल है।

पहाड़ी ऊंचाई पर बसे इस स्थल पर देखने योग्य कई खूबसूरत दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। आज इस खास लेख में जानिए उत्तराखंड के इस खूबसूरत हिल स्टेशन के बारे में, जहां घूमने का प्लान आप इन गर्मियों बना सकते हैं। दिल्ली की चिपचिपाती गर्मियों बीच यह कम दूरी पर स्थित एक आरामदायक स्थल है। 

संक्षिप्त इतिहास

संक्षिप्त इतिहास

PC- Nrana geo

उत्तराखंड का श्रीनगर कभी गढ़वाल के पंवार वंश का राजधानी शहर और एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र हुआ करता था। कहते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं का दंश झेलने के बाद भी इस शहर ने अपना अस्तित्व नहीं खोया। आज भी आप यहां पंवार राजवंश से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों को देख सकते हैं। पंवार राजाओं के शासनकाल के दौरान यहां कई महत्वपूर्ण चीजों विकसित की गईं थी।

यहां मौजूद प्राचीन मंदिर इस पहाड़ी स्थल के एक अलग धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं को सामने रखने का काम करते हैं। इस शहर का अपना पौराणिक महत्व भी है, माना जाता है यह स्थल आदी शंकराचार्य से जुड़ा है। आगे जानिए श्रीनगर से जुड़े और भी रोचक तथ्य।

पौराणिक किवदंतियां

पौराणिक किवदंतियां

PC- Arpita Nishesh

इस शहर का जिक्र पौराणिक लेखों में भी मिलता है, जानकारी के अनसुार इसका उल्लेख श्री क्षेत्र के नाम से किया गया है। श्री क्षेत्र यानी भगवान शिव की पसंद। प्रचलित किवदंतियों के अनुसार महारजा सत्यसंग को कठोर तपस्या के बाद श्री विद्या हासिल हुई थी, जिसके बाद उन्होंने इस विद्या से कोलासुर राक्षस का वध किया था। शहर की पुनर्स्थापना के लिए विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया था।


श्री विद्या के ही कारण इसका नाम श्रीपुर भी पड़ा। बाद में गढ़वाल के शासक अभय पाल ने इस शहर को अपनी राजधानी बनाया। 1803 के गौरखा आक्रमण तक गढ़वाल के शासकों यहां राज रहा। बाद ब्रिटिश काल के दौरान इस शहर का महत्व काफी खत्म हो गया। गढ़वाल का मुख्यालय बाद में पौड़ी को बना दिया गया था।

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एक खूबसूरत पहाड़ी गंतव्य

एक खूबसूरत पहाड़ी गंतव्य

PC- Vvnataraj

ऐतिहासिक महत्व के अलावा अगर इस शहर के पर्यटन बिंदुओं पर नजर डालें तो पता चलता है कि यह शहर प्राकृतिक दृष्टि से काफी ज्यादा उन्नत है। एक शानदार अवकाश बिताने के लिए यह एक शानदार जगह है। हालांकि अभी भी बहुत लोग इस आकर्षक स्थल से बेखबर हैं लेकिन आप यहां खासकर गर्मियों के समय सैलानियों आराम फरमाते देख सकते हैं। यहां बहती अलकनंदा नदी और पहाड़ी घाटियां यहां का मुख्य आकर्षण हैं। मौसम यहां का सालभर खुशनुमा रहता है।

सर्दियों में आप यहां हल्की बर्फवारी का आनंद ले सकते हैं। आप यहां इस दौरान बादलों को काफी नजदीक महसूस करेंगे। इसके अलावा आप यहां से बद्रीनाथ, केदारनाथ, कोटद्वार, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल आदि स्थानों के लिए भी जा सकते हैं।

पक्षी और वन्य जीव विहार

पक्षी और वन्य जीव विहार

गढ़वाल का एक अच्छा खासा वन्य क्षेत्र श्रीनगर की सीमाओं के करीब फैला है। यहां के वृक्ष आपको ज्यादातर पीपल, कचनार, तेजपत्ता, सिसम, आदि दिखेंगे। आप यहां वन्य जीवों को भी देख सकते हैं। श्रीनगर के आसपास आप तेंदुआ, जंगली बिल्ली, चीता, गीदड़, सांभर, गुराल आदि जानवरों को देख सकते हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र 400 से अधिक पक्षी प्रजातियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने का काम करता है। ट

आप यहां पक्षियों में काला सिर वाली पक्षी, कस्तूरिका, बुलबुल, गुलाबी मिनिवेट, हंसोड़ सारिका, कठफोड़वा, निली मक्खी पकड़ने वाले पक्षी देख सकते हैं। प्रकृति के करीब ये सारे अनुभव आपको काफी रोमांचक अनुभूति प्रदान करेंगे।

स्थानीय आकर्षण- मंदिरों के दर्शन

स्थानीय आकर्षण- मंदिरों के दर्शन

PC- DcoetzeeBot

प्राकृतिक खूबसूरती के अलावा यहां के धार्मिक स्थान भी पर्यटकों का काफी ज्यादा ध्यान खींचते हैं। आप यहां के सिद्धेश्वर मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर श्रीनगर का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। माना जाता है कि यह वही स्थान है जहां भगवान विष्णु ने सुरदर्शन चर्क पाने के लिए भोलेनाथ का कठोर तप किया था। इसके अलावा आप यहां शंकर मठ के दर्शन कर सकते हैं, यह श्रीनगर के प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर की वास्तुकला देखने लायक है, यहां आपको उत्तराखंड की विशिष्ट शैली देखने को मिलेगी।

मंदिर का निर्माण पत्थरों के टुकड़े काटकर हुआ है। इसके अलावा आप यहां के जैन मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर जैनों के प्रसिद्ध मंदिरों में गिना जाता है। यहां की वास्तुकला देखने लायक है। इसके अलावा भी श्रीनगर में देखन योग्य काफी सारी जगहें मौजूद हैं जिन्हें आप अपनी यात्रा डायरी में शामिल कर सकते हैं।

कैसे करें प्रवेश

कैसे करें प्रवेश

Abhishekjoshi

श्रीनगर आप परिवहन के तीनों साधनों के माध्यम से पहुंच सकते हैं। यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार और देहरादून है। हवाई मार्ग के लिए आप देहरादून स्थित जॉली ग्रांट हवाईअड्डे का सहारा ले सकते हैं। अगर आप चाहें तो श्रीनगर सड़क मार्गों से भी पहुंच सकते हैं, दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, देवप्रयाग आदि गंतव्यों से आपको आसानी से बस सेवा मिल जाएंगी।

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