प्रदूषण और दैनिक कोलाहल से दूर अगर सुकून के कुछ पल बिताने हो तो पर्यटक उत्तराखंड का बिनसर अभयारण्य का रुख जरूर करते हैं। यह उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मौजूद एक Hidden Gem है। घने देवदार के जंगलों से घिरा बिनसर अभयारण्य ट्रेकिंग के शौकिनों की भी पसंदीदा जगह रही है। लेकिन अब बिनसर थोड़ा और रोमांचक बनने वाला है। हो सकता है अगली बार जब आप बिनसर अभयारण्य जाएं तो आपको यहां जंगल सफारी का विकल्प भी मिल जाएं।

जी हां, जल्द ही बिनसर अभयारण्य में जंगल सफारी की शुरुआत होने वाली है। सिर्फ इतना ही नहीं, पर्यटक बिनसर अभयारण्य में बाइक राइडिंग का लुत्फ भी उठा सकेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार बिनसर अभयारण्य में वन विभाग ने पर्यटकों के लिए जंगल सफारी और बाइक राइडिंग विकल्प को जल्द शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। हो क्यों ना, पर्यटक अब तक पैदल ही जंगल को एक्सप्लोर किया करते थे। इससे जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का मौका बहुत कम ही मिल पाता था।

बिनसर अभयारण्य कई तरह के जंगली जानवरों जैसे तेंदुआ, हिरण, मस्क डियर, भालु और जंगली सुअर का घर है। अभी तक सिर्फ जिम कॉर्बेट बाघ अभयारण्य में ही जंगल सफारी और बाइक राइडिंग की सुविधा उपलब्ध थी। लेकिन अब बिनसर अभयारण्य आने वाले पर्यटकों को लिए यह बहुत बड़ी खुशखबरी होगी।
कब से शुरू होगी जंगल सफारी
मिली जानकारी के मुताबिक वन विभाग ने इस बाबत अपना प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा है। बिनसर अभयारण्य में जंगल सफारी व बाइक राइडिंग शुरू करने की परियोजना के लिए करीब 12 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले 3 महीने में राज्य सरकारी की तरफ से इस परियोजना के लिए हरी झंडी मिल जाएगी।

इससे उत्साहित डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर दीपर सिंह का कहना है कि बिनसर अभयारण्य में जंगल सफारी का शुरू होना, अपने आप में बहुत खास होगा। इसके बाद कसर देवी इको पार्क में बाइक राइडिंग की शुरुआत भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी और बाइक राइडिंग जैसी सुविधाओं के शुरू होने के बाद यहां पर्यटन को भी जरूर बढ़ावा मिलेगा।
बिनसर का जीरो प्वाएंट
बिनसर अभयारण्य में ट्रेकिंग कर पर्यटकों को जीरो प्वाएंट पर पहुंचना होता है। करीब 2 किमी की ट्रेकिंग के बाद जब पर्यटक जीरो प्वाएंट पर पहुंचते हैं, तो वहां पर जो नजारा दिखता है, उससे आंखे फेरना मुश्किल होता है। आंखों के सामने केदारनाथ, शिवलिंग, त्रिशुल और नंदादेवी की चोटियां साफ नजर आती हैं। जंगल के अंदर चारों तरफ पेड़ों से घिरी यह ऐसी जगह है, जहां से आप पूरे कुमायूं की खुबसूरती को अपलक निहार सकते हैं।

हां, यहां जाते समय अपने साथ अच्छी लेंस वाला कैमरा ले जाना बिल्कुल मत भुलिए, क्योंकि यह जंगल करीब 200 से भी अधिक पक्षियों का घर है। ना जाने कौन सी पेड़ पर आपको कोई ऐसा पक्षी नजर आ जाए जिसे आपने अपने जीवन में कभी ना देखा हो।
बता दें, हर साल बिनसर अभयारण्य में प्रकृति के गोद में सुकून के कुछ पल बिताने के लिए देश और विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक आते रहते हैं। अभयारण्य में कई तरह जंगली पशु तेंदुआ, हिरण, मस्क डियर, भालु और जंगली सुअर हैं, जो गाहे-बहागे जंगल से बाहर निकलकर पर्यटकों के सामने आते रहते हैं। लेकिन एक बार जंगल सफारी शुरू हो जाने के बाद जंगली पशुओं को उनके प्राकृतिक आवास में देखना पर्यटकों के लिए आसान तो होगा ही, साथ में यह उनके लिए एक रोमांचक अनुभव भी होगा।



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