उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र की ऊंची पहाड़ी पर मौजूद है केदारनाथ धाम। महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंग और पंच केदार में से प्रमुख केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई से खोल दिये गये हैं। अब तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं और लाखों की संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम जाने की योजना बना रहे हैं।
केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड और गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक की चढ़ाई करनी पड़ती है। कुछ दूरी तक तो रास्ता सपाट होता है लेकिन जैसे-जैसे चढ़ाई आगे बढ़ती है, खड़ी ढलान पर चलना मुश्किल होने लगता है। इस वजह से केदारनाथ तक जाने के लिए श्रद्धालु घोड़ा-खच्चर या पिट्टू का सहारा लेते हैं तो काफी संख्या में भक्त हेलीकाप्टर सुविधा का लाभ उठाकर बाबा केदार के दर्शन करने जाते हैं।

लेकिन घोड़ा-खच्चर या फिर हेलीकाप्टर में से यातायात का कौन सा माध्यम सस्ता और सुरक्षित है? घोड़ा-खच्चर या पिट्टू अथवा हेलीकाप्टर में यातायात का कौन सा साधन केदारनाथ में ज्यादा अच्छा माना जाता है? आइए जानने की कोशिश करते हैं :-
घोड़ा-खच्चर या हेलीकाप्टर - किससे कितना लगेगा समय
केदारनाथ धाम जाने के लिए तीर्थ यात्री घोड़ा-खच्चर अथवा हेलीकाप्टर दोनों तरह के साधनों का सहारा लेते हैं। हालांकि हेलीकाप्टर के लिए टिकट मिलना काफी चुनौतीपूर्ण काम होता है। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकाप्टर सेवा की मांग ज्यादा होने की वजह से हेलीकाप्टर सीट की बुकिंग भी काफी जल्दी ही फुल हो जाती है। लेकिन खच्चर या घोड़ा की बुकिंग केदारनाथ धाम के विभिन्न पड़ावों पर उपलब्ध रहती है।
हां, किराए में अंतर जरूर हो सकता है। हेलीकाप्टर से केदारनाथ धाम जाने में महज 10 से 15 मिनट का समय लग सकता है। लेकिन घोड़ा या खच्चर से केदारनाथ धाम की चढ़ाई करने में कम से कम 5 से 6 घंटों का वक्त लग सकता है। इसके अलावा घोड़ा-खच्चर के मुकाबले हेलीकाप्टर सेवा कहीं ज्यादा आरामदायक भी होती है। खासतौर पर अगर परिवार के बुजुर्गों के साथ केदारनाथ धाम की यात्रा पर गये हैं तो घोड़े या खच्चर की जगह हेलीकाप्टर से यात्रा उनके लिए भी ज्यादा आरामदायक ही होगा।

किसकी बुकिंग कहां से?
चार धाम यात्रा के लिए हेलीकाप्टर सेवा की बुकिंग IRCTC के आधिकारिक वेबसाइट से ही हो सकती है। हालांकि हेलीकाप्टर सेवा की मांग अधिक होने की वजह से इसका टिकट मिलना कई बार काफी मुश्किल भी हो जाता है। लेकिन IRCTC के आधिकारिक वेबसाइट के अतिरिक्त किसी और ट्रैवल एजेंट या व्यक्ति से टिकट न खरीदें। आपको हेलीकाप्टर में सवार ही नहीं होने दिया जाएगा।
घोड़ा-खच्चर की बुकिंग गौरीकुंड से होने लगती है। घोड़ा अथवा खच्चर के मालिकों से बात करके अथवा काउंटर से आप इनकी बुकिंग कर सकते हैं। ध्यान रहे घोड़ा-खच्चर आदि गौरीकुंड से आगे भी मिलते हैं लेकिन जितना आगे बढ़ने पर इनकी बुकिंग की जाती है, किराया भी उतना ही मनमाने तरीके से वसूले जाने की संभावना भी बढ़ जाती है।

कितना है किराया?
हेलीकाप्टर सेवा
| जगह | किराया |
| गुप्तकाशी-केदारनाथ | ₹8126 |
| फाटा-केदारनाथ | ₹5774 |
| सिरसी-केदारनाथ | ₹5772 |
घोड़ा-खच्चर से किराया
| जगह | किराया (लगभग) |
| गौरीकुंड-केदारनाथ बेस कैंप | ₹3200 |
| भीमबली-केदारनाथ बेस कैंप | ₹1800 |
| केदारनाथ बेस कैंप-गौरीकुंड | ₹2250 |
| केदारनाथ बेस कैंप-भीमबली | ₹1250 |
निष्कर्ष
हेलीकाप्टर के मुकाबले घोड़ा-खच्चर से केदारनाथ की चढ़ाई निश्चित रूप से सस्ती जरूर लग रही है लेकिन इस रास्ते में बारिश-पानी की वजह से फिसलन, वजन के आधार पर घोड़ा-खच्चर की चढ़ाई की गति आदि भी निर्भर करती है। घोड़ा या खच्चर से चढ़ाई को पूरी करने में ज्यादा वक्त लग सकता है। अगर आप शारीरिक रूप से असमर्थ हैं व केदारनाथ की चढ़ाई पैदल पूरी नहीं कर सकते हैं और बाबा केदार के दर्शन करने के लिए थोड़ा ज्यादा खर्च करने के लिए भी राजी हैं, तो आप हेलीकाप्टर सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
लेकिन अगर आपका बजट थोड़ा टाइट है तो आप खच्चर-घोड़ा की सवारी से केदारनाथ धाम तक का रास्ता पूरा कर सकते हैं। घोड़ा-खच्चर से केदारनाथ धाम तक की चढ़ाई करने में करीब 5-6 घंटे या उससे थोड़ा ज्यादा का वक्त लग सकता है। वहीं दूसरी तरफ हेलीकाप्टर से केदारनाथ पहुंचने में महज 15 मिनट का समय लग सकता है। हालांकि मौसम का असर हेलीकाप्टर सेवा और खच्चर की सवारी दोनों पर ही समान रूप से पड़ता है।
नोट - अगर तीर्थ यात्री का वजन अधिक है लेकिन शारीरिक रूप से वह फिट है तो उसे घोड़ा-खच्चर अथवा पालकी किसी भी माध्यम केदारनाथ की चढ़ाई पूरी न करने की सलाह ही दी जाती है।



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