आध्यात्म के अलावा हर मंदिर में कई ऐसी खासियतें होती हैं कि दूर-दराज के इलाकों से भी लोग खींचे चले आते हैं। श्रद्धालुओं को आकर्षित करने में मंदिरों की वास्तुकला के साथ-साथ वहां मिलने वाले प्रसाद का भी अहम योगदान होता है। कई बार ऐसा भी होता है कि मंदिर में भीड़ अधिक होने की वजह से श्रद्धालु वहां मिलने वाले विशेष प्रसाद को पाने से वंचित रह जाते हैं। लेकिन...

ऋषिकेश में आकर यह अफसोस गंगा नदी में धुल जाएगी। जी नहीं, हम पाप धुलने या गंगा किनारे घूमकर दिल बहलने की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि ऋषिकेश के एक रेस्तरां के बारे में बता रहे हैं, जहां देशभर के मंदिरों का प्रसाद परोसा जाता है।
ऋषिकेश, जिसके बारे में हम सभी जानते हैं कि इस शहर का आधार ही आध्यात्म है। योग नगरी के रूप में लोकप्रिय ऋषिकेश में सिर्फ देसी ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी साल भर पहुंचते रहते हैं। एडवेंचर एक्टिविटी के शौकिन से लेकर गंगा के किनारे योग साधना करने वाले, सभी तरह के लोगों के लिए ऋषिकेश के पास काफी कुछ है।
ऋषिकेश की झोली में छिपा हुआ एक Hidden Gem है 'वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया'। यह एक ऐसा रेस्तरां है, जहां आपको भारत के सभी प्रमुख मंदिरों में मिलने वाले 'भोग' प्रसाद को पारंपरिक कांस्य थाली में परोसा जाता है।
रेस्तरां में मंदिरों से भी आते हैं प्रसाद

'वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया' रेस्तरां में काफी किफायती कीमतों पर विभिन्न मंदिरों का प्रसाद परोसा जाता है। खास बात यह है कि मंदिरों में भगवान को अर्पित किये जाने वाले भोग की रेसीपी के आधार पर ही नहीं बल्कि यहां कुछ व्यंजन आपको ऐसे भी मिल सकते हैं, जो सीधे मंदिरों से यहां आते हैं।
यानी आपकी किस्मत अच्छी हुई तो मंदिरों में भगवान को चढ़ाया हुआ भोग भी प्रसाद के रूप में ग्रहण करने मौका आपको मिल जाएगा। इसके अलावा विभिन्न मंदिरों में पकने वाले भोग-प्रसाद की रेसीपी के आधार पर बने व्यंजनों का पूरा मेन्यू आपको मिल जाएगा जिसमें से आप अपनी पसंदीदा थाली को चुन सकते हैं।
सबसे पहले करना पड़ता है आचमन
जिस तरह मंदिरों का प्रसाद ग्रहण करने से पहले हम अपने हाथों को धोकर शुद्धिकरण करते हैं, ठीक उसी तर्ज पर इस रेस्तरां में टेबिल पर खाना परोसने से पहले हर ग्राहक को आचमन करवाया जाता है। इसके बाद पंचामृत दिया जाता है, जिसमें दूध, घी, शहद, गंगाजल और तुलसी शामिल होती है। इसके बाद छाछ परोसी जाती है और साथ में फ्रेश जूस भी दिया जाता है। किसी भी आम रेस्तरां की तरह यहां आपको स्टार्टर, मेनकोर्स और आखिर में डेजर्ट परोसा जाता है।
आप चाहे तो अपने लिए भोग थाली भी ऑर्डर कर सकते हैं। रेस्तरां में आम तौर पर 4 तरह की थाली परोसी जाती है जो आपको अलग-अलग दिन मिल जाएंगी। अगर आप थाली न लेकर अलग-अलग डिश ट्राई करना चाहते हैं, तो यहां आपको 22 से अधिक स्वादिष्ट व्यंजनों के विकल्प भी मिल जाएंगे। बता दें, यहां भोजन कांसे और मिट्टी के बर्तनों में ही परोसी जाती है।
क्या-क्या मिलेगा मेन्यू में
'वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया' रेस्तरां में मूल रूप से विभिन्न मंदिरों में भगवान को भोग के रूप में अर्पित किये जाने वाले व्यंजनों को ही परोसा जाता है। देशभर के प्रमुख मंदिरों के प्रसाद जिनका आनंद आप इस रेस्तरां में उठा सकते हैं, उनमें चार धाम भोग का लोकप्रिय 'अरबी के गुटके', वैष्णो देवी के 'चने', ब्रजभूमि की 'खिचड़ी', अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के लंगर का 'आलू वड़ी', मथुरा के 'पेड़े' आदि शामिल हैं। इस रेस्तरां में मिलने वाले व्यंजन बड़े ही स्वादिष्ट होते हैं।
इन सबके अलावा अगर आप बद्रीनाथ मंदिर, पुरी के जगन्नाथ मंदिर के महाप्रसाद और मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर का पारुप्पु सोराक्कई कुटू का स्वाद लेना चाहते हैं तो इस रेस्तरां में आपको वो भी मिल जाएगा। हां, आप जब भी 'वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया' रेस्तरां में जाएं तो वहां का सिग्नेचर ड्रिंक 'धुआं' ट्राई करना मत भूलें। यह स्मोकी फ्लेवर वाला छाछ होता है, जिसका स्वाद आपकी जुबान पर लंबे समय तक बना रहेगा।
अपनी संस्कृति को करीब से देखने का देती है मौका
आज की दौड़ती भागती जिंदगी में जहां लोग अपनी संस्कृति से दूर होते चले जा रहे हैं, वहीं 'वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया' रेस्तरां आपको कुछ पल के लिए अपनी मिट्टी और जड़ों के करीब लौटने का मौका देता है। यहां एक ही जगह पर कई राज्यों के मंदिरों का प्रसाद परोसा जाता है, जो पूरी तरह से सात्विक होता है।
ऋषिकेश में यह रेस्तरां कोयल घाटी में मौजूद है। यहां लंच का समय दोपहर 12.30 से शाम को 3 बजे तक है और डिनर शाम 7.30 से रात 10 बजे तक परोसा जाता है। दो लोगों के लिए 'वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया' में आपको करीब ₹1,200 खर्च करने पड़ सकते हैं।
हमें पूरा यकिन है कि ऋषिकेश की अपनी अगली यात्रा पर आप देश के अलग-अलग मंदिरों का स्वाद किसी रेस्तरां में चखने के लिए 'वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया' जरूर जाएंगे। हमारा यह आर्टिकल अपने उन दोस्तों व परिवार के सदस्यों से भी जरूर शेयर करें जिन्हें मंदिरों का भोग प्रसाद खाना खूब पसंद है या जो अगले कुछ समय में ऋषिकेश घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं।



Click it and Unblock the Notifications














