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अगले महीने खुल रहा है उत्तराखंड का वैली ऑफ फ्लावर ट्रैकिंग, जानें कब से और कैसे पहुंचे वहां?

उत्तराखंड में पहाड़ों की तराई में मौजूद है वैली ऑफ फ्लावर्स। साल में सिर्फ कुछ महीनों के लिए ही वैली ऑफ फ्लावर्स की ट्रैकिंग को खोला जाता है। जरा सोचिए, हिमालय पर्वत श्रृंखला ठीक वैसी जैसी तस्वीरों में दिखायी देती है और उसके सामने रंग-बिरंगे फूलों की कालीन...उन पर मंडराती कई तरह की तितलियां...बिल्कुल स्वर्ग जैसा नजारा होता होगा...है न।

यहीं नजारा तब दिखायी देता है जब उत्तराखंड में जोशीमठ के पास करीब 17 किमी लंबी ट्रैकिंग के बाद पर्यटक वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचते हैं। अगले महीने से ही वैली ऑफ फ्लावर्स को पर्यटकों के लिए खोल दिया जा रहा है। बता दें, वैली ऑफ फ्लावर्स UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट लिस्ट में शामिल है। आइए आपको इसकी Details बताते हैं।

valley of flowers opening date

कब से खुल रहा है वैली ऑफ फ्लावर्स?

वैली ऑफ फ्लावर्स की ट्रैकिंग इस साल पर्यटकों के लिए 1 जून से खोल दी जा रही है। वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क उत्तराखंड के चमोली जिले में करीब 87 वर्ग किमी के दायरे में फैला हुआ है। इसके दो कोर ज़ोन हैं, जिसमें से एक नंदा देवी बायोस्फेयर रिजर्व और दूसरा नंदा देवी नेशनल पार्क कहलाता है। साल 1931 में इसे UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल किया गया था।

पायी जाती हैं 600 से ज्यादा प्रकार के फूल

वैली ऑफ फ्लावर्स में 600 प्रकार की फूलें और उनकी अलग-अलग किस्में मिलती हैं। हर साल निर्धारित समय के लिए ही वैली ऑफ फ्लावर्स को पर्यटकों के लिए खोला जाता है। यहां ऑर्किड, पॉप्पिज, गेंदा, डेजी समेत कई अन्य किस्मों के फूल भी खिलते हैं।

फूलों के अलावा इस क्षेत्र में कई प्रकार के वन्य जीव जैसे काले भालू, लाल सियार, लाइम तितली, स्नो लेपर्ड आदि भी गाहे-बगाहे नजर आते रहते हैं। अगर आपको प्रकृति और वन्य जीवों से प्यार है, तो आपको निश्चित रूप से वैली ऑफ फ्लावर्स की ट्रैकिंग पर जरूर जाना चाहिए, जो 1 जून से शुरू होने वाला है।

valley of flowers trecking

कैसे पहुंचे वैली ऑफ फ्लावर्स

यहां प्रवेश करने वाले सभी पर्यटकों को उत्तराखंड में वैली ऑफ फ्लावर्स से लगभग 3 किमी की दूरी पर मौजूद घांगरिया से परमिट लेना पड़ता है, जो अगले 3 दिनों तक वैलिड रहता है। यहां सिर्फ दिन के समय ही ट्रैकिंग करने की अनुमति होती है। वैली ऑफ फ्लावर्स की ट्रैकिंग गोविंदघाट से शुरू होती है, जो जोशीमठ के पास मौजूद है।

यह जगह वैली ऑफ फ्लावर्स से लगभग 17 किमी की दूरी पर मौजूद है। वैली ऑफ फ्लावर्स जाने के लिए सड़के सिर्फ गोविंदघाट तक ही जुड़ी हुई है। आगे का पूरा रास्ता पैदल ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यहां स्थानीय परिवहन का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पैदल चलना ही एकमात्र विकल्प होता है।

ट्रेन से कैसे पहुंचे

वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचने का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है। यह घाटी से करीब 272 किमी की दूरी पर मौजूद है। ऋषिकेश के लिए आपको देश के सभी प्रमुख जगहों से ट्रेन मिल जाएगी। ऋषिकेश स्टेशन पहुंचने के बाद वहां से जोशीमठ, गोविंदघाट या फिर चमोली में अन्य गंतव्यों के लिए आपको किराए पर गाड़ियां आसानी से मिल जाएगी। गोविंदघाट पहुंचने के बाद आगे का रास्ता पैदल ही पार करना होगा।

how to reach valley of flowers uttarakhand

विमान द्वारा कैसे पहुंचे

विमान से वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट वैली ऑफ फ्लावर्स से करीब 292 किमी की दूरी पर मौजूद है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और देश के दूसरे कई प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से देहरादून सीधा जुड़ा हुआ है। देहरादून एयरपोर्ट से गोविंदघाट तक के लिए आपको टैक्सी या किराए पर गाड़ियां मिल जाएंगी।

वैली ऑफ फ्लावर्स के आसपास देखने लायक जगहें -

  • हेमकुंड झील
  • नैनी झील
  • टिहरी झील
  • वासुकी ताल
  • भागिरथी शिखर

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