उत्तराखंड में इस साल चार धाम यात्रा के शुरू होने का इंतजार बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं। उनके लिए एक अच्छी खबर है। इस साल अप्रैल महीने से शुरू होने वाली है चार धाम की यात्रा। हर साल लाखों की संख्या में तीर्थ यात्री चार धाम की यात्रा पर जाते हैं। उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा पर अलग-अलग धाम की यात्रा होती है, जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले साल सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ की यात्रा पर गये थे, जो न सिर्फ द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक है बल्कि पंच केदार में भी प्रमुख माना जाता है। हिमालय की गोद में बसे चार धाम की यात्रा पर जाने के इच्छुक हर तीर्थ यात्री के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है।

इस साल शुरू होने वाली चार धाम यात्रा के बारे में विस्तार से जानते हैं -
कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन?
चार धाम में से प्रत्येक धाम की यात्रा पर जाने से पहले तीर्थ यात्रियों को रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इस साल चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 2 मार्च 2025 से शुरू होगी। श्रद्धालु ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
उत्तराखंड राज्य सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से चार धाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विशेष मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया है जहां केदारनाथ धाम में रुद्राभिषेक आदि की बुकिंग भी ऑनलाइन माध्यम से की जा सकेगी।

कब से शुरू होगी चार धाम की यात्रा?
वर्ष 2025 के लिए चार धाम यात्रा की शुरुआत 29 अप्रैल से होगी। चार धाम में से सबसे पहले यमुनोत्री धाम मंदिर के कपाट खुलेंगे। उत्तरकाशी में मौजूद देवी यमुना को समर्पित इस मंदिर को यमुना नदी के उद्गम स्थल के रूप में पूजा जाती है।
यमुनोत्री धाम के अलावा चार धाम की यात्रा में गंगोत्री धाम (देवी गंगा को समर्पित मंदिर), केदारनाथ धाम (महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक) और बद्रीनाथ धाम (भगवान विष्णु को समर्पित मंदिर) भी शामिल हैं। इन सभी मंदिरों का इतिहास पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।

हालांकि अभी तक केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख की आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गयी है लेकिन मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार रुद्रनाथ धाम के खुलने की तारीख तय कर ली गयी है। जानते हैं -
कब खुलेगा कौन सा धाम?
- यमुनोत्री धाम : 29/30 अप्रैल 2025
- गंगोत्री धाम : 30 अप्रैल 2025
- रुद्रनाथ : 18 मई 2025
- बद्रीनाथ धाम : 4 मई 2025
यमुनोत्री धाम मंदिर : यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए उत्तराखंड में जानकी चट्टी से लगभग 6 किमी की ट्रैकिंग करनी पड़ती है। Times of India की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मंदिर का निर्माण टिहरी गढ़वाल के महाराजा प्रताप शाह द्वारा करवाया गया था।
गंगोत्री धाम मंदिर : यमुनोत्री धाम के बाद श्रद्धालु गंगोत्री धाम मंदिर की तरफ आगे बढ़ते हैं। यह मंदिर देवी गंगा को समर्पित है, जो समुद्रतल से करीब 3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
केदारनाथ धाम : द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक केदारनाथ धाम पंच केदार में प्रमुख मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जो लगभग 3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हिमालय की पहाड़ी क्षेत्रों से घिरा हुआ इस मंदिर के चारों तरफ का प्राकृतिक नजारा बड़ा ही सुन्दर होता है, जो दिल को बड़ा सुकून देता है। मान्यताओं के अनुसार केदारनाथ मंदिर की स्थापना पांडवों द्वारा की गयी थी जिसका बाद में पुनर्रुद्धार बाद में आदि शंकराचार्य ने किया था।
बद्रीनाथ धाम : चार धाम यात्रा का अंतिम पड़ाव बद्रीनाथ धाम मंदिर होता है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। मंदिर में 3.3 मीटर का काले रंग के पत्थर से बना बद्रीनारायण की प्रतिमा स्थापित है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह वैदिक काल का निर्मित है।



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