अपनी आरामदायक और सुरक्षित यात्रा के साथ सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस धुम मचा रही है। साल 2019 में शुरू हुई पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की 34 से ज्यादा ट्रेनें विभिन्न रूट्स पर देश को जोड़ रही है। लेकिन इसका किराया काफी अधिक होने की वजह से मध्यम वर्गीय और निम्न मध्यम वर्गीय लोगों के लिए वंदे भारत में सफर करना एक सपना ही बना हुआ है।

ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ही भारतीय रेलवे ने साल 2023 से वंदे भारत के नॉन-एसी वर्जन वंदे साधारण एक्सप्रेस (आधिकारिक नाम नहीं) चलाने का फैसला लिया है। इस ट्रेन को फिलहाल 5 रूट्स पर चलाने का फैसला लिया गया है।
ट्रायल रन की तैयारी शुरू
वंदे भारत की तरह ही वंदे साधारण एक्सप्रेस के कोच का निर्माण चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में किया जा रहा है। नीली-सफेद वंदे भारत एक्सप्रेस की जगह पर वंदे साधारण एक्सप्रेस को केसरिया और स्लेटी रंग में तैयार किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस ट्रेन को तैयार करने में लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत आयी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रेन में 22 कोच होंगे, जिनमें से 12 स्लीपर, 8 जनरल और 2 गार्ड कोच होंगे। इस ट्रेन के पहले ट्रायल रन के लिए रविवार की सुबह वंदे साधारण एक्सप्रेस को मुंबई लाया गया है। इसे मझगांव के वडीबंदर रेलवे यार्ड में खड़ा किया गया है जहां इसकी जांच होगी।
किन 5 रूट्स पर मिली मंजूरी
- पटना-नई दिल्ली
- हावड़ा-नई दिल्ली
- हैदराबाद-नई दिल्ली
- मुंबई-नई दिल्ली
- एर्नाकुलम-गुवाहाटी

वंदे भारत एक्सप्रेस से कितनी होगी अलग
वंदे साधारण एक्सप्रेस को वंदे भारत एक्सप्रेस का नॉन-एसी वर्जन कहा जाता है लेकिन यह सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस से काफी अलग होगी।
- वंदे भारत जहां फुल एसी ट्रेन है, वहीं वंदे साधारण एक्सप्रेस नॉन-एसी ट्रेन होगी।
- वंदे भारत एक्सप्रेस में सीसीटीवी, ऑटोमेटिक डोर लॉकिंग, पैंट्री केबिन आदि की सुविधाएं मौजूद होती हैं, जो इस ट्रेन का प्रमुख आकर्षण भी होती हैं। लेकिन वंदे साधारण एक्सप्रेस में ये सुविधाएं नदारद रह सकती हैं।
- सुविधाओं में अंतर होने की वजह से दोनों ट्रेन के किराए में भी काफी फर्क नजर आ सकता है।
- इन दोनों ट्रेनों में सबसे ज्यादा अंतर इनकी स्पीड का होगा। वंदे भारत एक्सप्रेस जहां सेमी हाई स्पीड ट्रेन है, जो सर्वोच्य 160 किमी/घंटा की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ती है, वहीं वंदे साधारण एक्सप्रेस अधिकतम 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी।
- वंदे भारत एक्सप्रेस में एसी चेयरकार और एग्जिक्यूटिव कार श्रेणियों में कोच होते हैं, जबकि वंदे साधारण एक्सप्रेस में स्लीपर और जनरल कोच होंगे।
ट्रेन के नाम का नहीं हुआ है ऐलान
वंदे भारत के तर्ज पर आम लोगों के लिए नॉन एसी ट्रेन का संचालन शुरू करने की योजना को वंदे साधारण एक्सप्रेस के नाम से पुकारा तो जा रहा है लेकिन अभी तक आधिकारिक तौर पर इस ट्रेन के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। कई जगहों पर इसे वंदे भारत एक्सप्रेस का नॉन-एसी वर्जन के नाम से भी बुलाया जाता है। इस ट्रेन का ट्रायल रन कब होगा, इस बारे में अभी तक तो कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन संभावना जाहिर की जा रही है कि जल्द ही वंदे साधारण एक्सप्रेस का ट्रायल रन शुरू होगा।
बता दें, फरवरी 2019 को देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस वाराणसी-नई दिल्ली के बीच चलायी गयी थी। उसके बाद से लेकर अब तक करीब 34 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो चुका है। इनमें से कुछ रूट्स पर ट्रेन 8 कोच की मिनी वंदे भारत एक्सप्रेस भी होती हैं और कुछ रूट्स पर 22 कोच वाली ट्रेन होती है।



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