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ये हैं भारत के मॉडर्न गांव, जिनके आगे महानगर भी है नतमस्तक

By Namrata Shatsri

 किसी भी देश के विकास और शांति के लिए गांव की अहम भूमिका होती है। गांव किसी भी देश के लंबे समय तक टिके रहने और संतुलन का मुख्य आधार होते हैं। शायद इसलिए भारतीय गांव के विषय में राष्ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने कहा था कि 'भारत की आत्‍मा यहां के गांव में बसती है।

अपने इस कथन से महात्‍मा गांधी जी ने साफ कर दिया था, कि भारत में गांवों का योगदान और महत्‍व बहुत ज्‍यादा है। हालांकि, आज गांवों को पिछड़ा हुआ समझा जाता है, जिस कारण इन्हें विकास मॉडल में जगह नहीं मिल पाती है।

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इस भ्रम को तोड़ते हुए आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे गांवों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कई मायनों में शहरी जीवन से कई ज्यादा आगे हैं। तो चलिए जानते हैं इन गांवों के बारे में जो आपकी यात्रा का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

पोथानिक्‍कड़, केरल

पोथानिक्‍कड़, केरल

कहा जाता है कि ग्रामीण जीवन के साथ यहां की शिक्षा का स्‍तर भी काफी नीचा होता है, लेकिन पोथानिक्‍कड़ इस बात को पूरी तरह से खारिज करता है। इस गांव में शिक्षा का स्‍तर 100 प्रतिशत है। पिछले कुछ समय में पोथानिक्‍कड़ में कई सरकारी और प्राइवेट स्‍कूल खोले गए हैं, जिस वजह से इस गांव के शिक्षा स्‍तर में इतना बदलाव देखा गया है। इस गांव ने अपनी सदियों पुरानी परंपराओं और संस्‍कृति को भी संजोकर रखा है।

अगर आप गांव के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच खोना चाहते हैं तो आप इा गांव से महज़ 16 किमी की दूरी पर स्थित थोम्‍मानकुथु झरना देखने जा सकते हैं। इसके अलावा आप पोथानिकेड सैंट मैरी जैकोबाइट सिरिअन चर्च और पोथानिकेड उम्‍मानिकुन्‍नू सैंट मैरी ऑर्थोडॉक्‍स सिरियन चर्च भी देख सकते हैं।Pc:Brandvenkatr

मावलिनोंग, मेघालय

मावलिनोंग, मेघालय

ये गांव बहुत ही खूबसूरत है और यहां का प्राकृतिक सौंदर्य आपको मंत्रमुग्ध होने पर मजबूर कर देगा। मावलिनोंग को यहां के निवासियों ने अपनी कला से सजाया है। साल 2003 में इस गांव को एशिया के सबसे स्‍वच्‍छ गांव की उपाधि मिली थी और तभी से ये ऑफबीट ट्रैवलर्स के बीच प्रसिद्ध हो गया।

शिलॉन्‍ग से लगभग 80 किमी की दूरी पर स्थित मावलिनोंग गांव स्‍वच्‍छता और हाइजीन भरे वातावरण के लिए देश भर में जाना जाता है। इस गांव की सड़कें पूरी तरह से साफ हैं और यहां जगह-जगह पर बांस से बने कूड़ेदान रखे गए हैं। इस गांव में धूल और गंदगी से दूर रहने के लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं। यहां पर आप लिविंग रूट ब्रिज और झरनों के साथ-साथ मावलिनोंग के स्‍वादिष्‍ट लोकल फूड का मज़ा भी ले सकते हैं।Pc:Ashwin Kumar

शनि शिंगणापुर, महाराष्‍ट्र

शनि शिंगणापुर, महाराष्‍ट्र

क्‍या आपने कभी बिना दरवाज़ों के घरों के बारे में सुना है ? जी हां, सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन इस शहर में ये बात बिलकुल सच है। इस शहर के किसी भी घर में आपको दरवाज़ा या ताला दिखाई नहीं देगा। इस शहर को देश का सबसे सुरक्षित शहर भी कहा जाता है। सबसे खास बात तो ये है कि यहां पर कोई भी पुलिस स्‍टेशन तक नहीं है। यहां पर कई शनि मंदिर भी हैं। इन मंदिरों के कारण आपको महाराष्‍ट्र के इस शहर में हर जगह अध्‍यात्‍म की छाया बिखरी हुई नज़र आएगी।Pc:Vishal0soni

पुनसारी, गुजरात

पुनसारी, गुजरात

देश और दुनिया के लिए उदाहरण बने गांवों की लिस्‍ट में पुनसारी गांव को कैसे भूला जा सकता है। इस गांव में सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं जैसे सीसीटीवी कैमरा और वाईफाई सुविधा आदि उपलब्‍ध हैं। पुनसारी में किसी भी तरह की आधुनिक सुविधा की कमी नही है। इस गांव को देखकर भारत के कई मॉडर्न शहरों तक को शर्म आ जाएगी। अहमदाबाद से महज़ 2 घंटे की ड्राइव की दूरी पर पुनसारी गांव पहुंचा जा सकता है। आधुनिकीकरण की दुनिया में इस गांव में आपको ग्रामीण जीवन के बीच सभी मॉडर्न सुविधाएं मिलेंगीं।Pc:Tharish

धरनई, बिहार

धरनई, बिहार

बिहार का छोटा सा गांव है धरनई, जहां 30 सालों तक बिजली की सुविधा नहीं थी और इस बात से परेशान होकर इस गांव के लोगों ने खुद बिजली का उत्‍पादन शुरु कर दिया। से भारत का पहला सोलर पॉवर गांव है जिसमें हरित क्रांति के बाद आत्‍मनिर्भर होने का बल आया है। आज पूरा धरनई गांव सोलर पॉवर पर चलता है और अब इस छोटे से गांव के हर घर में बिजली है।Pc:officialy page

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