देश के अलग-अलग हिस्सों में धीरे-धीरे मानसून पहुंच रहा है। मानसून का आना नेशनल पार्क और अभयारण्यों के बंद होने की खबर भी लाता है। अब बस कुछ ही दिनों का समय बचा रह गया है जब मानसून के लिए बंद होने से पहले नेशनल पार्क और अभयारण्यों में आप जंगल सफारी का आनंद उठा सकेंगे।
मानसून के लिए नेशनल पार्क व अभयारण्यों को एक बार बंद कर देने के बाद कम से कम 4-5 महीनों के बाद ही जंगलों को फिर से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। इन जंगलों को फिर से कब से खोला जाएगा यह अलग-अलग राज्यों और वहां बारिश के बाद उत्पन्न परिस्थिति पर निर्भर करती है।

चलिए आपको बता देते हैं कि खासतौर पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड के जंगल मानसून के लिए कब से बंद किये जाने वाले हैं :
पन्ना नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश का पन्ना नेशनल पार्क मुख्य रूप से टाइगर सफारी के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। यहां पिछले दिनों बाघों की संख्या में काफी वृद्धि दर्ज की गयी है। पन्ना नेशनल पार्क को मानसून के लिए 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रखा जाएगा। यानी पर्यटकों के पास 30 जून का समय है, मानसून से पहले टाइगर और जंगल सफारी के लिए जा सकते हैं।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश का यह जंगल बाघों की घनी आबादी की वजह से पर्यटकों में खूब लोकप्रिय है। यहां घास के मैदान और जंगली क्षेत्र दोनों होने की वजह से बाघों को देखने की संभावना भी ज्यादा रहती है। इस नेशनल पार्क को 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून के लिए बंद रखा जाएगा। अगर आप बांधवगढ़ में घूमना चाहते हैं तो 30 जून तक घूमकर आ सकते हैं।

कान्हा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश
रुडयार्ड किपलिंग के उपन्यास 'द जंगल बुक' का प्रेरणास्थल कान्हा नेशनल पार्क भी बाघों की आबादी और यहां कई अन्य तरह के वन्य जीवों की उपस्थिति के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का पसंदीदा जंगल है। यहां सफारी का लुत्फ उठाने के लिए 30 जून तक का समय है क्योंकि 1 जुलाई से मानसून के लिए जंगल में पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।
पेंच नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच में स्थित पेंच नेशनल पार्क बाघों के साथ-साथ वन्य जीव और विभिन्न प्रकार की पक्षियों का घर माना जाता है। इस नेशनल पार्क में भी घास के खुले मैदान और घने जंगल, दोनों तरह की परिस्थितियां हैं जिस वजह से बाघों के दिखाई देने की संभावना भी बढ़ जाती है। नेशनल पार्क को 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून के लिए बंद रखा जाएगा। इसलिए अगर घूमने जाने का प्लान बनाने का सोच रहे हैं तो ज्यादा देर न करें।

बक्सा टाइगर रिजर्व, पश्चिम बंगाल
उत्तर बंगाल के इस टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अभी ज्यादा नहीं है लेकिन वन्य परिवेश में नदी के किनारे सुकून और ठंडक के साथ समय बिताने की इच्छा से अक्सर पर्यटक यहां आते रहते हैं। इस टाइगर रिजर्व को 15 जून से 15 सितंबर तक मानसून के लिए बंद कर दिया जाता है। इस समय टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहता है। इसलिए अगले 10 दिनों में अगर एक छोटा ट्रिप करने का सोच रहे हैं तो ज्यादा सोच-विचार करने में समय बर्बाद न करें।
ताडोबा-अंधेरी टाइगर रिजर्व, महाराष्ट्र
मुंबई के पास ही मौजूद होने की वजह से महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधेरी टाइगर रिजर्व में घूमने आने वाले पर्यटकों में सर्वाधिक संख्या मुंबईकरों की ही होती है। खासतौर पर फोटोग्राफी, रिल्स और वीडियो बनाने वाले युवा बड़ी संख्या में अब यहां आते रहते हैं।

घने जंगल, शानदार झील और खुले घास के मैदान इस जंगल को सबका पसंदीदा बनाता है। अगर आप भी यहां आना चाहते हैं तो 30 जून से पहले जरूर चले आएं, क्योंकि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक ताडोबा-अंधेरी टाइगर रिजर्व को मानसून के लिए बंद रखा जाएगा।
रणथंबोर नेशनल पार्क, राजस्थान
यह भारत के सबसे लोकप्रिय नेशनल पार्क में सबसे ऊपर आता है। रणथंबोर नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटक सिर्फ जंगलों में घूमने ही नहीं बल्कि इस स्थान की ऐतिहासिक महत्व को देखने के लिए भी आते हैं। मानसून के समय अगर आप राजस्थान में घूमने आने का प्लान बना रहे हैं तो 1 जुलाई से 30 सितंबर के बीच रणथंबोर में आने की कोई योजना मत बनाएं। क्योंकि इस समय रणथंबोर नेशनल पार्क को मानसून के लिए बंद कर दिया जाएगा।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड
उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत के सबसे पुराने जंगलों में एक है, जहां विभिन्न प्रकार और प्रजातियों के वन्य जीव-जंतुओं का बसेरा है। अपनी प्राकृतिक सुन्दरता और टाइगर सफारी के मशहूर यह नेशनल मानसून के लिए 16 जून से 15 नवंबर तक बंद रहेगा। इस पार्क में मुख्य रूप से ढीकाला ज़ोन में सबसे ज्यादा बाघ देखे जाने की जानकारी मिलती है। हालांकि इस नेशनल पार्क के झिरना, ढेला और सीताबनी ज़ोन पर्यटकों के लिए सालभर खुले रहते हैं।



Click it and Unblock the Notifications














