पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर केदारनाथ मंदिर परिसर में बनने वाली रील्स की बाढ़ आयी हुई थी। ऐसा लग रहा था मानों सोशल मीडिया पर रील्स बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स केदारनाथ में महादेव के पवित्र स्वरूप का दर्शन करने नहीं बल्कि सिर्फ रील्स बनाने के लिए ही पहुंच रहे थे। काफी लोगों ने इस बात पर आपत्ति जतानी भी शुरू कर दी थी। इस बीच ऐसा ही एक रील आया जिसके बाद लोगों का गुस्सा फुट पड़ा।

इस रील के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने निर्णय लिया कि केदारनाथ धाम मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। ना कोई फोटो ले सकेगा और ना ही कोई वीडियो बना सकेगा। लेकिन सैंकड़ों-हजारों किमी दूर से पहुंच रहे भक्त अपना मोबाइल आखिर रखेंगे कहां? ऐसा क्या था उस रील में जिसने मंदिर समिति को यह निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया?
कौन से रील के बाद लिया गया निर्णय?
यूं तो इस साल केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद से ही सोशल मीडिया पर भारी तादाद में रील्स बन रहे थे। लेकिन बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने जिस रील के बाद मंदिर परिसर में मोबाइल पर बैन लगाने का निर्णय वह किसी लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर का बताया जाता है। इसमें एक युवक और युवती, दोनों पीले रंग के कुर्ते व साड़ी में केदारनाथ मंदिर के ठीक बाहर नजर आ रहे हैं। युवक भगवान भोलेनाथ को प्रणाम कर रहा होता है, ठीक उसी समय युवती पीछे से किसी से कुछ मांगती है।

दूसरा व्यक्ति उसके हाथों में एक छोटा सा डिब्बा पकड़ा देता है। वह डिब्बा अंगूठी का होता है। इसके बाद वह युवती अंगुठी को लेकर घुटनों पर बैठकर उस युवक को शादी के लिए प्रपोज करती है। इस रील के सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद एक और रील में एक महिला केदारनाथ के गर्भगृह में नोट हवा में उड़ाती नजर आ रही है। आरोप लगाया गया कि इस तरह के रील्स से केदारनाथ धाम के महत्व, मर्यादा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है जिसके बाद मंदिर समिति में मंदिर परिसर में वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर पूरी तरह से बैन लगाने का निर्णय ले लिया।
लगाएं गये हैं बोर्ड
मंदिर समिति के निर्णय के बाद ही केदारनाथ मंदिर परिसर में जगह-जगह बोर्ड लगा दिये गये हैं। इन बोर्ड्स पर लिखा है कि मंदिर के अंदर किसी भी प्रकार की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी प्रतिबंधित है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के साथ प्रवेश ना करें। आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से 'सभ्य कपड़े' पहनने और मंदिर परिसर में तंबू या शिविर लगाने से परहेज करने के भी निर्देश दिये गये हैं। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लगाये गये इस बोर्ड पर साफ अक्षरों में लिखा है कि आदेशों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कहां रखेंगे मोबाइल?
ऐसी स्थिति में सवाल यह उठता है कि केदारनाथ धाम में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने वाले दर्शनार्थी अपना मोबाइल कहां रखेंगे? बताया जाता है कि केदारनाथ परिसर में अभी तक क्लॉक रुम या लॉकर रुम की व्यवस्था नहीं है। लेकिन जल्द ही इस बारे में मंदिर समिति विचार करेगी। फिलहाल तीर्थ यात्रियों से अपना मोबाइल फोन मंदिर परिसर में स्वीच ऑफ करके रखने के लिए कहा गया है।

जितनी देर तीर्थ यात्री मंदिर परिसर में रहेंगे, तब तक मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार का कैमरा बंद ही रहेगा। इस दौरान तीर्थ यात्री किसी को कॉल भी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम में मोबाइल फोन से फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करता हुआ पाया गया तो उसे 4000 से 5000 रुपये या उससे भी ज्यादा का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उसका मोबाइल फोन जब्त भी किया जा सकता है।



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