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उड़ान भरने से पहले विमान में फॉगिंग क्यों की जाती है, किस गैस का होता है इस्तेमाल?

विमान यात्रा करते समय आपने गौर किया होगा कि उड़ान भरने से ठीक पहले यात्रियों की सीट के ऊपर एयरपैनल, जहां लाइट्स और एसी के पैनल लगे होते हैं, वहां से सफेद रंग का धुंआ निकलता है। ऐसा हर विमान के उड़ान भरने से ठीक पहले होता है। कई बार यात्री इसे देखकर घबरा भी जाते हैं।

fogg inside plane

चलिए आज हम आपको इस फॉगिंग की असली वजह बताते हैं

क्यों होती है फॉगिंग

विमान में उड़ान भरने से पहले फॉगिंग के जरिए जो धुंआ निकलता है वह विमान को ठंडा करने के लिए निकली हवा होती है। वास्तव में धुंए की तरह दिखने वह चीज बेहद कम दबाव के साथ विमान के केबिन में छोड़ी जाने वाली ठंडी हवा होती है। ऐसा तब भी दिखाई देता है जब विमान के बाहर का वातावरण काफी उमस भरा होता है।

fogg

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कम दबाव के कारण ठंडी हवा अपनी नमी खोने लगती है और उमस भरे वातावरण की वजह से वह सफेद धुंए की तरह दिखाई देती है। यह कोई एक खास गैस नहीं बल्कि साधारण वातावरण में मौजूद सभी गैसों का मिश्रण ही होता है, जिसे विमान के केबिन में ऑक्सिजन की मात्रा और केबिन को ठंडा बनाए रखने के लिए छोड़ी जाती है।

विमान के अंदर कहां से आती है ऑक्सीजन

कोई भी यात्री विमान अपने साथ ऑक्सीजन का सिलेंडर लेकर उड़ान नहीं भरती है। वातावरण से ऑक्सीजन खींचकर ही उसे विमान के अंदर उपलब्ध करवायी जाती है। विमान के अंदर बैठे यात्री को आमतौर पर ऑक्सीजन के लिए किसी मास्क का उपयोग नहीं करना पड़ता है। विमान के इंजन के जुड़े टर्बाइन बाहर से ऑक्सीजन को कंप्रेस कर उसे विमान के अंदर पहुंचाते हैं। इंजन से होकर गुजरने की वजह से हवा काफी गर्म हो जाती है जिसे कुलिंग प्रक्रिया के तहत ठंडा किया जाता है। इस कारण हवा में नमी की कमी हो जाती है।

oxygen

क्या हो अगर ऑक्सीजन का दबाव कम हो

विमान से यात्रा करते समय अक्सर आपने विमान के अंदर 'केबिन का प्रेशर' जैसी बातें सुनी होंगी। केबिन का प्रेशर को हम आम बोलचाल की भाषा में विमान के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा कह सकते हैं। अगर विमान के अंदर ऑक्सीजन की कमी होने लगती है तो यात्रियों को सिर दर्द और कभी-कभी कानों से खून निकलने की समस्या भी हो सकती है।

ऐसी स्थिति से निपटने के लिए ही विमान में प्रत्येक यात्री की सीट के साथ एक ऑक्सीजन मास्क आवंटित रहती है। अगर केबिन में कभी ऑक्सीजन का दबाव कम होने लगती है या ऑक्सीजन का संतुलन बिगड़ने लगती है तो यह मास्क अपने-आप यात्री के सामने आ जाती है।

FAQs
केबिन का प्रेशर क्या होता है?

केबिन का प्रेशर को हम आम बोलचाल की भाषा में विमान के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा कह सकते हैं। इसे संतुलित रखने के लिए विमान के इंजन में टर्बाइन लगे होते हैं।

विमान में ऑक्सीजन कहां से आता है?

विमान के इंजन के जुड़े टर्बाइन बाहर से ऑक्सीजन को कंप्रेस कर उसे विमान के अंदर पहुंचाते हैं। यह हवा काफी गर्म होती है जिसे कुलिंग पद्धति से ठंडा किया जाता है।

क्या विमान के अंदर फॉगिंग में कोई जहरीली गैस होती है?

उड़ान भरने से पहले विमान के अंदर निकलने वाला धुंआ या फॉगिंग कोई जहरीली गैस नहीं बल्कि साधारण वातावरण में मौजूद गैस ही होती है।

उड़ान भरने से पहले विमान के अंदर धुंआ क्यों निकलता है?

उड़ान भरने से पहले विमान के अंदर निकलने वाला धुंआ कम दबाव के साथ छोड़ी गयी ठंडी हवा होती है। यह हवा विमान के अंदर ऑक्सीजन के संतुलन और विमान को ठंडा रखती है।

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