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पहाड़ी आकर्षणों से घिरा महाराष्ट्र का कुलांग किला

Posted By: Namrata Shatsri

महाराष्‍ट्र का ऐसा कोई भी जिला नहीं है जहां पर पर्वतीय किले ना हों। इन्‍हीं में से एक नासिक भी है। नासिक जिले में लगभग 20 किले हैं। ऐतिहासिक महत्‍व रखने के अलावा ये किले ट्रैकर्स और कैंपर्स के बीच भी बहुत मशहूर हैं। इसके सबसे खूबसूरत किलों में से एक कुलांग किला है। अगर आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां पर आप ट्रैकिंग, फोटोग्राफी और महाराष्‍ट्र के इतिहास के बारे में जान सकें तो आपको महाराष्‍ट्र के कुलांग किले की ट्रिप बनानी चाहिए।

कुलांग किले आने का सही समय

कुलांग किले आने का सही समय

PC- Mvkulkarni23

कुलांग किले के आसपास का मौसम में गर्मियों में गरम और सर्दी में ठंडा रहता है। इसलिए यहां आने का सबसे सही समय सितंबर से दिसंबर और फरवरी से मार्च के बीच रहता है।

कुलांग किले का इतिहास और स्‍थान

कुलांग किले का इतिहास और स्‍थान

PC- Ccmarathe

ये किला नासिक के इगतपुरी क्षेत्र में 4825 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ये इस क्षेत्र के सबसे प्राचीन किलों में से एक है और इसे सदियों पहले सत्‍यावाहन राजवंश द्वारा बनाया गया था। माना जाता है कि इस किले को पहले ही बनवा दिया गया था जबकि सत्‍यावाहन वंश ने इसे बाद में पुर्ननिर्मित करवाया था। हालांकि, इस पर कई अन्‍य शासकों की भी हुकूमत रही है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार ये किला मुगलों, मराठाओं और फिर ब्रिटिश सेना के कब्‍जे में रहा था। आज इस किले के अवशेष ही बचे हैं। वीकएंड पर ट्रैकर्स और कैंपर्स यहां घूमने बहुत आते हैं। सालों पुरानी इस इमारत को देखने आप भी यहां आ सकते हैं। इस किले तक पहुंचने के लिए 3-4 घंटे पहाड़ी की चढ़ाई करनी पड़ती है।

क्‍यों आएं कुलांग किला

क्‍यों आएं कुलांग किला

PC- Sandeep Bhattacharya

अगर आपको ट्रैकिंग पसंद है और आप इतिहास प्रेमी हैं तो आपको इस जगह पर जरूर आना चाहिए। यहां का ट्रैक भी बहुत आसान है और पहाड़ी किला देखकर आपको एक अलग ही अनुभव मिलेगा। घने जंगलों, उबड़-खाबड़ रास्‍तों से होकर इस किले पर पहुंचने का अनुभ व कुछ खास ही होगा। किले पर पहुंचकर आप इसकी खूबसूरत हरियाली और छोटे तालाब के पास रिलैक्‍स कर सकते हैं। इस किले के अवशेष इसके इतिहास को बयां करते हैं। किले की चोटि से आसपास के किलों जैसे पट्टा किला और मंदानगढ़ किला का खूबसूरत नज़ारा देखने को मिलता है। आसपास के गांवों का भी शानदार नज़ारा दिखाई देता है।

कुलांग किला कैसे पहुंचे

कुलांग किला कैसे पहुंचे

PC- Sandeep Bhattacharya

वायु मार्ग द्वारा - कुलांग किले से निकटतम हवाई अड्डा मुंबई में स्थित है जोकि 140 किमी दूर है। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद नासिक जिले में स्थित कुलांग किला पहुंचने के लिए आपको कैब लेनी पड़ेगी। एयरपोर्ट से किले में पहुंचने के लिए आपको 4 घंटे का समय लगेगा।

रेल मार्ग द्वारा - नासिक का रेलवे स्‍टेशन निकटतम स्टेशन है और ये अन्‍य शहरों और राज्‍यों से भी जुड़ा हुआ है। आप सीधा नासिक जंक्‍शन की ट्रेन लेकर श्‍हां से कुलांग किले तक की कैब कर सकते हैं। स्‍टेशन से किले तक की दूरी 55 किमी है।

सड़क मार्ग द्वारा - सड़क मार्ग से आसानी से कुलांग किला पहुंचा जा सकता है। हालांकि, इस किले तक पहुंचने के लिए आपको चढ़ाई करनी पड़ेगी।

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