आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 18 स्मारकों के नाम अपने रजिस्टर्ड लिस्ट से हटाने का फैसला लिया है। इन नामों को लिस्ट से हटाने से पहले आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गयी है जिसके लिए उन्हें 2 महीने का समय भी दिया गया है।
जिन 18 स्मारकों को लिस्ट से हटाने का फैसला लिया गया है, उनमें सबसे अधिक स्मारक उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं। पर अचानक ऐसा फैसला क्यों लिया गया? कौन से वो स्मारक हैं, जिन्हें पहले ASI के महत्वपूर्ण स्मारकों की लिस्ट में शामिल तो किया गया था लेकिन अब उन्हें हटाने का फैसला लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें को CAG ने साल 2013 में अपनी एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी थी, जिसमें कई ऐसे स्मारक थे, जो लापता हो चुके हैं। CAG ने ऐसे 92 लापता स्मारकों की सूची ASI को सौंपी थी, जिसमें से 74 स्मारकों का पता तो लगा लिया गया लेकिन बाकी 18 स्मारकों का कुछ पता नहीं चल पाया। इसलिए इन गायब या यूं कहें लापता स्मारकों के नाम ASI की रजिस्टर्ड लिस्ट से हटाने का फैसला लिया गया है।
स्मारक कैसे हो सकते हैं लापता?
आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर एक पूरा का पूरा स्मारक कैसे लापता हो सकता है। इसके बारे में बताने के लिए थोड़ा Flashback में चलते हैं। साल 1861 में जब ASI का गठन हुआ तब से लेकर अब तक बड़ी संख्या में स्मारकों को ASI के अधीन किया गया है जिस पर इनके देखभाल की जिम्मेदारी रही है। दावा किया जाता है कि आजादी के बाद से केंद्र सरकार का ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और विकासात्मक निर्माणों की तरफ अधिक और स्मारकों की तरफ कम ही गया था।

नतीजा हुआ कि तेजी से होते शहरीकरण और अतिक्रमण की चपेट में आकर स्मारक अपना अस्तित्व खोने लगे। काफी संख्या में स्मारक शहरीकरण, कुछ बांध और जलाशयों में विलुप्त हो गये और कुछ के गायब होने की सटिक वजह ही पता नहीं चल सकी।
कौन से स्मारक हुए लापता
जिन स्मारकों के लापता होने की बात CAG ने अपनी रिपोर्ट में कही है, उनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश के स्मारक शामिल हैं। जिन 18 स्मारकों को ASI की लिस्ट से हटाने का प्रस्ताव दिया गया है, उनके नाम निम्न हैं -
- कोस मीनार संख्या 13, हरियाणा।
- दिल्ली का बाराखंभा कब्रिस्तान।
- मिर्जापुर जिले के अहुगी में 1000 ईसीवीं के 3 छोटे लिंग मंदिर परिधि के अवशेष।
- वाराणसी का तेलिया नाला बौद्ध खंडहर।
- निर्जन गांव का हिस्सा, वाराणसी।
- कोषागार भवन में तख्ती पट्ट, वाराणसी।
- लखनऊ के जहरीला रोड पर 6 और 8 मील पर कब्रिस्तान।
- लखनऊ-फैजाबाद रोड पर 3,4 और 5 मील पर मकबरें।
- गौघाट, लखनऊ का कब्रिस्तान।
- झांसी के रंगून का बंदूकची बुर्किल की कब्र।
- बांदा दक्षिण-पश्चिम शहर का बंद कब्रिस्तान।
- बांदा कटरा नाका।
- गाजीपुर के भारंली गंगा तिर में वट वृक्ष स्थित स्मारक के अवशेष।
- अल्मोड़ा के द्वाराहाट का कुटुम्बरी क्षेत्र नालिस।
- जयपुर (राजस्थान) जिले के शिलालेख।
- कोटा जिले के बारन में स्थित 12वीं सदी का मंदिर।



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