इस साल गर्मी पिछले सारे रिकॉर्ड्स तोड़ रही है। सिर्फ दिल्ली, पटना, वाराणसी, कोलकाता या राजस्थान ही नहीं बल्कि सऊदी अरब जैसे देश भी इस हिटवेव की चपेट में आए हुए हैं। इस साल हज यात्रा पर मक्का गये तीर्थ यात्रियों में हिटवेव की चपेट में आकर करीब 900 यात्रियों की मौत हो चुकी है जिसमें से 68 भारतीयों के होने की पुष्टि मक्का के प्रशासनिक अधिकारी ने भी की है।
बताया जाता है कि मक्का का तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है। 68 भारतीय हज यात्रियों की मौत के बारे में मक्का के प्रशानिक अधिकारियों ने मीडिया को दिये बयान में कहा कि यहां आने वाले यात्री काफी उम्रदराज होते हैं। इतनी ज्यादा संख्या में यात्रियों की मौत की एक वजह मौसम और उसका प्रभाव भी है।

बता दें, इस्लाम धर्म के मुताबिक जीवन में एक बार प्रत्येक मुस्लिम को हज यात्रा पर जाना अनिवार्य होता है। भारतीयों के अलावा मक्का में जिन हज यात्रियों की मौत हुई है वे इंडोनेशिया, इरान, सेनेगल, ट्यूनिशिया और इराक के ऑटोनोमस क्षेत्र कर्दिस्तान के रहने वाले बताये जाते हैं।
इसी सप्ताह के शुरुआत में सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ईद-अल-अधा के पहले दिन हिट स्ट्रेस की 2,764 घटनाएं घटने की पुष्टि की थी। वहीं सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री ने पिक समर आवर (सुबह 11 से शाम 4 बजे) के दौरान हज नियमों का पालन न करने की सलाह दी थी। उन्होंने लोगों से सीधे धूप में बाहर निकलने से भी परहेज करने की सलाह दी थी।

क्यों मई 2024 में इतना गर्म रहा भारत
विभिन्न शोध में पता चला था कि अप्रैल 2024 पिछले कई सालों के मुकाबले अधिक गर्म रहा है। लेकिन मई ने भी कोई कसर बाकी नहीं रखी। इस साल मई में गर्मी एशियाई क्षेत्रों में, खासतौर पर भारत, बांग्लादेश और सऊदी अरब में काफी खराब रही। न सिर्फ तापमान नयी ऊंचाई पर पहुंच गया बल्कि हिटवेव भी लंबे समय तक ही टिका रहा।
ClimaMeter के वैज्ञानिकों ने पिछले 40 सालों के प्राप्त आंकड़ों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की, जिसके अनुसार भारत में मई 2024 में हिटवेव और गर्मी बढ़ने की दो प्रमुख वजहों में मानवजनित कारण और प्राकृतिक कारण दोनों की बात ही सामने आयी है। वैज्ञानिकों ने पाया कि भारत में आने वाली हिटवेव जैसी गर्मी अब लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक तीव्र हो गई है। इस विश्लेषण की विस्तृत रिपोर्ट www.climameter.org पर उपलब्ध है।

क्या बच पाएगा पेरिस ओलंपिक?
इस समय लोगों की निगाहें पेरिस ओलंपिक 2024 पर टिकी हुई है। लोगों के मन में सवाल भी जरूर आ रहे हैं कि क्या हिटवेव के इस प्रभाव से पेरिस ओलंपिक बच पाएगा? पर्यावरणविद और विज्ञान, पर्यावरण व क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में कम्यूनिकेशनल प्रोफेशनल डॉ. सीमा जावेद ने इस बारे में कहा कि हिटस्ट्रेस का प्रभाव सिर्फ मक्का में हज पर गये तीर्थ यात्रियों पर ही नहीं बल्कि जुलाई-अगस्त 2024 को होने वाले पेरिस ओलंपिक पर भी पड़ने की संभावना है। अग्रणी एथलीटों ने चेतावनी दी है कि तीव्र गर्मी के कारण प्रतियोगी बेहोश हो सकते हैं और सबसे खराब स्थिति में ओलंपिक खेलों के दौरान उनकी मृत्यु भी हो सकती है।



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