रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के प्रमुख मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के बेटे अनंत और राधिका की शादी की चर्चा देश-दुनिया में हो रही है। पहले रोका फिर प्री-वेडिंग सेरेमनी और संगीत संध्या। इस दौरान नामी-गिरामी हस्तियों का जमावड़ा लगा। लोग तस्वीरें देखने को लोग सोशल मीडिया में अब भी गोते लगा रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि ये तस्वीरें ग्लैमर से भरी हुई हैं, लेकिन अगर आप थोड़ी सी गहराई में जायेंगे ता आपको इसमें 'त्रिशूल' दिखाई देगा। इस त्रिशूल को अस्त्र नहीं शक्ति का प्रतीक समझिये। दरअसल यह त्रिशूल तीन महत्वपूर्ण चीजों को परिलक्षित करता है।
दरअसल यहां पर आपको दो त्रिशूल मिलेंगे। पहला इस लेख में आपको गाइड करेगा और दूसरा नृत्य करते हुए नीता अंबानी के हाथों में। यहां पहले त्रिशूल के तीन अंग हैं- अर्थ, धर्म और संस्कार। कैमरे में कैद इस भव्य समारोह के तमाम क्षणों में से कुछ को हमने इन्हीं तीनों के आधार पर अलग किया है। और हमारी हर बात के पीछे एक लॉजिक होगा और वो लॉजिक यह बताने के लिए काफी होगा कि यह शादी प्रत्येक भारतीय के लिए एक प्रेरणा बन रही है।

1. अर्थ
मार्क ज़करबर्ग हों या फिर बिल गेट्स, रिहाना हो या इवांका ट्रम्प। ब्रावो से लेकर राशिद खान तक को आपने यहां देखा। खास बात यह है कि समारोह में पहुंचने के बाद ये सभी भारतीय रंग में रंग गये। यह महज एक समारोह मात्र नहीं, बल्कि सच पूछिए तो इस बात का संकेत है कि संपूर्ण विश्व अब भारत-मय होन की दिशा में है। और तो और इसे तेजी से आगे बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था से भी जोड़ कर देखा जा सकता है। अंबानी परिवार के साथ उनकी यह दोस्ती महज एक मित्रता नहीं, बल्कि भविष्य में खुलने वाले वो द्वार हैं जो भारत में समृद्धि का प्रवेश करायेंगे। हो सकता है अनंत-राधिका की शादी में आपको एलन मस्क, जेफ बेज़ॉस, वॉरेन बफे, जैसी कई और हस्तियां देखने को मिलें।

2. धर्म
नीता अंबानी के नृत्य का वीडियो आपने जरूर देखा होगा। इस डांस की कोरियोग्राफी और स्टेज पर तमाम चीजें थीं, और हर चीज के कोई न कोई मायने हैं। इसके कुछ उदाहरण हम यहां रख रहे हैं।
मॉं दुर्गा का चित्र- स्टेज पर मॉं दुर्गा का बड़ा सा चित्र शक्ति और मातृत्व के संकेत दे रहा है। ऐसे किसी भी तत्व के विरुद्ध जो शांति, समृद्धि और धर्म के आगे बाधा डाले।
मॉं लक्ष्मी- स्टेज पर बायीं ओर मॉं लक्ष्मी समृद्धि का संकेत हैं। यहां पर मॉं लक्ष्मी का चित्र न केवल एक परिवार की समृद्धि को दर्शा रहा है, बल्कि यह बता रहा है भारत समृद्धि की ओर अग्रसर है। मॉं लक्ष्मी के हाथ में कमल का फूल इस बात का संकेत होता है कि आप चाहे कितने भी अमीर न हो जायें, आपकी जड़ें जमीन से जुड़ी रहनी चाहिए, और यह आध्यात्मिक प्रगति का संकेत भी देता है।

मॉं शैलपुत्री- स्टेज पर दाहिनी ओर मॉं शैलपुत्री का चित्र है। नंदी पर सवार हाथ में त्रिशूल लिये मॉं शैलपुत्री हिमालय की पुत्री हैं और प्रकृति की मॉं का प्रतीक हैं। सच पूछिए तो प्री-वेडिंग के पहले वनतारा का औपचारिक अनावरण भी प्रकृति की सेवा का एक बड़ा उदाहरण है।
त्रिशूल- मॉं काली और भगवान शिव के अस्त्र त्रिशूल को प्रमुखता के साथ इस नृत्य में दर्शाया गया। दरअलस त्रिशूल में तीन शूल होते हैं- सत्वा, राजस और तमस। पहला जागृत रहने का संकेत है, दूसरा बड़े समने देखने का और तीसरा मेहनत के बाद चैन का संकेत है।

सतंभ- मंदिर हो, मस्जिद हो, महल या किला। इन सभी जगहों पर सतंभ का काम होता है कि चाहे तूफान आये या बारिश, बाढ़ आये या ओले गिरें, वह पूरे ढांचे को दृढ़ता के साथ लिखे खड़ा रहता है। नीता अंबानी के नृत्य के पीछे स्तंभ यह साफ दर्शा रहे हैं कि वो और उनके पति मुकेश अंबानी वो स्तंभ हैं, जो पूरे रिलायंस साम्राज्य को संभाले हुए हैं। अगर भारतीय अर्थ व्यवस्था में उनके योगदान की बात करें तो भी भारत के कुल एक्सपोर्ट में 7 प्रतिशत भागीदारी रखने वाला रिलायंस ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था में किसी स्तंभ से कम नहीं।
नृत्य के दौरान मुद्राएं- नीता अंबानी ने नृत्य के दौरान कई सारी मुद्राएं प्रदर्शित की। उनमें हंस मुद्रा बौद्धिक विकास को प्रदर्शित करती है वहीं मुष्टि मुद्रा जिसमं अंगूठा एक राजा का प्रतीक होता है और बाकी की चारों उंगलियां प्रजा का और कुल मिलाकर यह मुद्रा सबको साथ लेकर चलने का प्रतीक होती है।
3. संस्कार
भारतीय संस्कृति यही कहती है कि हम अपने बड़ों का आदर करें, मेहमान का सम्मान करें और अपने परिवार को बांध कर चलें। अंबानी परिवार के प्रत्येक सदस्य की बॉडी लैंगवेज में भारतीय संस्कार उभर कर सामने आ रहे थे। यही नहीं जिस तरह से जामनगर समारोह के अंत में नीता एवं मुकेश अंबानी ने जामनगर में कार्यरत रिलायंस के कर्मियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि आप आने वाली जैनरेशन के लिए एक मोटीवेशन बनेंगे, उसमें भी आभार व्यक्त करने की भारतीय परंपरा साफ तौर पर झलक रही थी।

अंबानी परिवार की बॉडी लैंगवेज
अनंत अंबानी और राधिका ने स्टेज पर क्या-क्या कहा, हम उस पर नहीं जाकर बस उनकी इस तस्वीर को देखेंगे। इस तस्वीर में दोनों जिस तरह एक दूसरे का हाथ पकड़े हुए हैं, उसमें भी एक सीख है जो हर दंपत्ति को प्रेरित करेगी। बॉडी लैंगवेज एक्सपर्ट करेन डोनल्डसन के अनुसार जब दो लोग उंगलियों को गूंथ कर हाथ पकड़ते हैं, तो उसका मतलब होता है कि वो जीवन भर एक दूसरे के साथ रहना चाहते हैं। इस तरह से हाथ पकड़ना दोनों के बीच बॉन्डिंग को भी दर्शाता है।

आम तौर आपने देखा होगा कि बेटी की शादी में माता-पिता की ऑंखें नम रहती हैं और विदाई आते-आते ऑंसू छलक ही आते हैं। बेटे की शादी में अगर ऐसा हो, तो समझ लीजिये उसका भी एक अलग मतलब है। जी हॉं, बेटे की शादी में पिता की ऑंखों में आंसू मील का पत्थर पार करने के संकेत होते हैं। बच्चों के जीवन में एक नई शुरुआत होते देख पिता की ऑंखें भर ही आती हैं यही नहीं इन आंसुओं के पीछे अपने बच्चों के प्रति एक गर्व भी छिपा होता है, जो पिता सीधे तौर पर नहीं देर्शाते।



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