देशभर में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य हो चुका है। जिन लोगों ने अभी तक HSRP नहीं लगवाया है, उनका कई शहरों में चालान कटना भी शुरू हो चुका है। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगायी गयी तो अब जल्द ही जुर्माना लगना भी शुरू हो जाएगा या फिर आपका वाहन जब्त भी किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि यह नंबर प्लेट आपकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही तैयार किया गया है। पर HSRP को लगाने से कौन सी सुविधाएं मिलेंगी? किसी भी नयी चीज के मार्केट में आते ही, उसका फर्जी या नकली वर्जन भी सस्ती कीमतों पर उपलब्ध होने लगता है। क्या बाजार में वाहनों पर नकली HSRP भी लगाया जा रहा है? कहीं आपके साथ यह फर्जीवाड़ा तो नहीं हो गया...असली और नकली HSRP को कैसे पहचानेंगे और HSRP नहीं लगवाने पर क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है?

आइए इन सभी सवालों का जवाब ढूंढते हैं -
क्या है हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट?
सबसे पहले आपको समझा देते हैं कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) क्या है? HSRP को एल्यूमिनियम से तैयार किया जाता है। इस प्लेट के बाईं तरफ ऊपर कोने में क्रोमियम आधारित एक होलोग्राम लगा होता है, जिसमें वाहन से संबंधित पूरी जानकारी रहती है। HSRP पर सुरक्षा के लिए यूनिक लेजर कोड भी रहता है, जो हर वाहन के लिए अलग-अलग होता है। इस कोड को जल्दी हटाना संभव नहीं होता है।
क्या है HSRP लगवाने के फायदे?
- अगर आपका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो वाहन पर लगी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के जरिए वाहन मालिक की तुरंत पहचान हो जाएगी। इससे दुर्घटना के संबंध में परिजनों को जल्दी जानकारी दी जा सकेगी।
- अगर किसी भी कारणवश यह नंबर प्लेट टूट जाता है तो इसे फिर से जोड़ा नहीं जा सकेगा।
- कोई भी इस नंबर प्लेट को कॉपी करके नकली नंबर प्लेट नहीं बना सकता।
- नंबर प्लेट के चोरी होने की आशंका कम है, क्योंकि यह किसी एक वाहन के लिए रजिस्टर्ड होगा। दूसरे वाहन में इसे इस्तेमाल करने पर तुरंत पकड़े जा सकते हैं।
- नंबर प्लेट चोरी नहीं हो सकती इसलिए वाहन की सुरक्षा भी पहले से ज्यादा सुनिश्चित होगी।
कैसे पहचाने असली और नकली HSRP?
- असली और नकली HSRP एक जैसी ही दिखती है लेकिन इसमें फर्क कोड का होता है।
- HSRP पर वाहनों का नंबर समेत होलोग्राम और लेजर से अंकित बारकोड का होना अनिवार्य है।
- अगर किसी HSRP पर बार कोड अंकित नहीं है, तो वह नकली नंबर प्लेट है।
- HSRP के बाई तरफ ऊपर में 20X20 मिमी का होलोग्राम लगा होता है।
- नंबर प्लेट के बाई ओर नीचे 10 अंको का बार कोड अंकित रहता है।
- हर वाहन का बार कोड अलग होता है। नकली नंबर प्लेट पर बार कोड अंकित नहीं रहता है।
नकली HSRP लगवाने पर लगेगा जुर्माना
अगर किसी वाहन मालिक ने शॉर्ट कट लेने के चक्कर में नंबर प्लेट बनाने वाली दुकान से HSRP लगवा ली है तो लेने के देने पड़ सकते हैं। सामान्य नंबर प्लेट की दुकान से लगाया गया HSRP नकली है। नकली HSRP लगाकर वाहन चलाना गैर कानूनी है।
पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना हो सकता है और जुर्माने के साथ वाहन को सीज करने की कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए किसी भी धोखाधड़ी और जुर्माने के चक्कर में फंसने से बेहतर है कि जिस डीलर से वाहन खरीदा है, उससे अथवा अधिकृत वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग कर लें।
कैसे लगवाएं HSRP?
- HSRP लगवाने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत पंजीकरण पोर्टल Bookmyhsrp.com पर जाएं।
- इसके बाद हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट विद कलर स्टीकर पर क्लिक करें।
- बुकिंग डिटेल- वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, पता, संपर्क आदि भरें।
- अगर वाहन व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए है तो वाहन श्रेणी विकल्प के तहत 'non-transport' पर क्लिक करें।
- इस फॉर्म को सबमिट करें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड नंबर पर एक यूजरनेम और पासवर्ड आएगा।
- यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन कर पेमेंट कर दें, जिसकी आपको रसीद भी मिलेगी।
- इसके तीन से चार दिन बाद आपकी HSRP बन जाती है।
- जब आपके वाहन का HSRP तैयार हो जाएगा, आपके मोबाइल नंबर इसकी सूचना मिल जाएगी।
- HSRP बनवाने के लिए दोपहिया वाहन के लिए ₹400 और चार पहिया वाहन के लिए ₹1100 का शुल्क चुकाना होगा। इसके साथ ही कलर कोडेड स्टीकर के लिए ₹100 देने होंगे।
नोट - HSRP बनवाने की आखिरी तारीख 31 मई 2024 है। इसलिए जल्दी से अपने वाहन का HSRP के लिए आवेदन करें।



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