कहीं वेकेशन पर जाना हो या ऑफिस ट्रिप पर, आपने होटलों में बुकिंग तो जरूर की होगी। क्या आपने कभी गौर किया है कि किसी भी होटल में रिसेप्शन पर चेकइन और चेकआउट का समय जरूर लिखा होता है। सिर्फ रिसेप्शन काउंटर पर ही नहीं बल्कि होटल की बुकिंग या चेकइन करते समय जो बिल और नियमावली दी जाती है, उसमें भी चेकइन और चेकआउट का समय स्पष्ट रूप से लिखा रहता है।
भारत के अधिकांश होटलों में चेकइन का समय दोपहर 2 बजे के बाद और चेकआउट का समय हमेशा दोपहर 12 बजे ही होता है। हां, अर्ली चेकइन या किसी कारणवश अगर मेहमान होटल जल्दी छोड़ देना चाहे तो ऐसे मामलों में बात अलग होती है, अथवा कुछ होटल्स में चेकइन का समय सुबह 10 बजे का होता है, उन्हें अगर छोड़ दिया जाए।

लेकिन अमूमन सभी होटलों के नियमानुसार चेकइन दोपहर 2 और चेकआउट दोपहर 12 बजे ही करना होता है। पर क्यों? इसकी एक खास वजह है, जिसे जानकर आप भी जरूर कहेंगे, बात तो बिल्कुल सही है!
तो चलिए समझते हैं कि क्यों होटल में ऐसे अजीब नियम बने होते हैं और इसके पीछे का लॉजिक क्या होता है -
सबसे पहले बताते हैं चेकआउट का समय दोपहर 12 बजे होने की वजह -
वजह नंबर 1
साफ-सफाई - होटल में जब भी किसी कमरे में कोई कस्टमर ठहरता है तो उसके जाने के बाद कमरे से लेकर बाथरुम तक की अच्छी तरह से सफाई होती है। सभी बेड के बेडशीट, तकियों के कवर, तौलिया से लेकर बाथरुम में टॉयलेट सीट और नहाने-शेविंग के सभी सामानों को बदला जाता है।
अगर बाथरुम गीला है तो उसे सुखाया जाता है। इन सभी कामों को करने में काफी समय लग जाता है। अगर कस्टमर दोपहर 12 बजे चेकआउट करता है तो इन सभी साफ-सफाई को करने के लिए होटल स्टाफ को पर्याप्त समय मिल जाता है।
वजह नंबर 2
सभी कमरों का एक साथ खाली होना - जिस समय होटल में कमरे बुक किये जाते हैं, उसी समय रिकॉर्ड में यह भी दर्ज हो जाता है कि कस्टमर कमरों से चेकआउट कब करने वाला है। इसलिए अगर एक साथ में कई कमरों से कस्टमर भी एकसाथ चेकआउट करते हैं तो होटल के स्टाफ को पता होता है कि कौन-कौन से कमरे दोपहर 12 बजे खाली होने वाले हैं। उसके आधार पर आपस में काम बांटकर होटल के स्टाफ सभी कमरों को फिर से तैयार कर देते हैं।

वजह नंबर 3
कस्टमर्स का वेकेशन मूड - कस्टमर अगर छुट्टियां बिताने के लिए होटल में ठहरा हुआ है तो वह निश्चित रूप से अहले सुबह नहीं जागेगा। ट्रेन या फ्लाइट की टिकट बुक करते समय भी पर्यटक कम से कम 12 बजे के बाद का ही समय चुनते हैं ताकि आराम से तैयार होकर निकला जा सकें।
मेहमानों की इस आदत से होटल वाले भी अच्छी तरह से वाकिफ होते हैं। इसलिए अपने मेहमानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही चेकआउट का समय दोपहर 12 बजे का रखा जाता है, सुबह 9 या 10 बजे का नहीं।
क्यों दोपहर 2 बजे के बाद ही होता है चेकइन का समय?
वजह नंबर 1
मेहमानों को न करना पड़े इंतजार - अगर होटल के किसी कमरे का कोई मेहमान 12 बजे चेकआउट करता है तो उस कमरे की साफ-सफाई शुरू करने में ही कम से कम 12.30 बज जाते हैं। ऐसे में 12.30 या बजे तक अगर चेकइन का समय दिया जाए तो होटल में आने वाले नये मेहमानों को गंदे कमरे ही देने पड़ जाएंगे या फिर उन्हें लॉबी में ही इंतजार करना पड़ेगा। कई बार जब लॉबी में ही मेहमानों को कमरों के रेडी होने का इंतजार करना पड़ता है, तब होटल्स में कितना हंगामा मचता है, ये तो हम सभी जानते हैं।

वजह नंबर 2
न रखना पड़े ज्यादा स्टाफ - दोपहर 12 बजे कमरे खाली मिलने के बाद नये मेहमानों के चेकइन कमरे में अगर कम से कम 2 घंटों का समय मिल जाएगा, तो कम स्टाफ भी एक बड़े से कमरे की साफ-सफाई जल्दी और आसानी से कर सकेंगे। ऐसे में होटल के मालिक को हाउस कीपिंग के लिए ज्यादा स्टाफ रखने की जरुरत नहीं पड़ेगी। हाउस कीपिंग और दूसरी सारी सुविधाएं बिना किसी हड़बड़ी या गड़बड़ी के आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
वजह नंबर 3
अगर किसी मेहमान की ट्रेन या फ्लाइट अहले सुबह की होती है, तो वह होटल से पहले ही अर्ली चेकइन के बारे में बात कर लेता है। लेकिन अमूमन घूमने जाने पर स्टेशन या एयरपोर्ट से होटल पहुंचने में दोपहर ही हो जाती है, क्योंकि लोग आराम से घूमते हुए और रिलैक्स्ड मूड में होटल पहुंचते हैं।
अगर सुबह ही चेकइन करना होगा, तो उस कमरे में रहने वाले पहले वाले मेहमानों को भी परेशानी होगी क्योंकि उन्हें भी सुबह जल्दी-जल्दी में भागमभाग करते हुए कमरा खाली करना पड़ जाएगा। होटल के कर्मियों को भी जल्दी-जल्दी कमरा साफ करना होगा, जिसमें गंदगी रह जाने की संभावना रहती है और अगर मेहमान देर से होटल पहुंचे (घूमने जाने पर जिसकी सबसे अधिक संभावना रहती है) तो काफी देर कमरा यूं ही खाली पड़ा रहेगा, जो होटल वालों के लिए नुकसानदायक होगा।
हमें पूरी उम्मीद है कि अगली बार जब भी आप किसी ट्रिप पर जाएंगे तो वहां होटल में चेकइन और चेकआउट समय न सिर्फ नोटिस करेंगे बल्कि इसके लिए क्यों एक खास समय ही तय किया गया है, यह भी आपको जरूर समझ में आ जाएगा।



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