दरार नजर आने के बाद माथेरान के टूरिस्ट स्पॉट को बंद कर दिया गया, जो मानसून में सबकी फेवरिट लिस्ट में हमेशा अपनी सबसे ऊपर जगह बनाती है। पर आप घबराइए नहीं, पूरे माथेरान हिल स्टेशन को बंद नहीं किया गया है बल्कि सिर्फ मालडुंगा प्वाएंट को बंद किया गया है।

माथेरान के मालडुंगा प्वाएंट पर दरार के नजर आने के बाद इसे सुरक्षा के लिहाज से माथेरान हिल म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बंद करने का फैसला लिया है। पिछले 1 महीने के दौरान माथेरान में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गयी है।
माथेरान में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है। यहां पिछले 10 दिनों में 1,987 मिमी और सिर्फ एक दिन में 182 मिमी तक बारिश दर्ज की गयी है। अधिकारियों ने मालडुंगा प्वाएंट पर पहाड़ों से लाल मिट्टी और कीचड़ सनी पानी को नीचे आते देखा जो एक कृत्रिम झरने की तरह दिख रहा था। जांच करने पर पता चला कि वहां लगभग 100 मीटर लंबी और 6 फीट चौड़ी दरार बन गयी है। इसके बाद ही अधिकारियों ने पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत उस प्वाएंट को बंद करने का फैसला लिया।
बता दें, मालडुंगा प्वाएंट देहरांग या गधेश्वर बांध और पनवेल के दोधानी गांव के बीच में है। पहाड़ों पर जो दरार नजर आयी है वह मालडुंगा प्वाएंट से महज कुछ मीटर की दूरी पर ही बनी है। पिछले कुछ दिनों से माथेरान में लगातार भारी बारिश हो रही है। पिछले 20 जुलाई को माथेरान हिल स्टेशन में इरशलवाड़ी के सामने के क्षेत्र चौक प्वाएंट पर भूस्खलन भी हुई थी। उससे ठीक एक दिन पहले यानी 19 जुलाई को माथेरान में 343 मिमी बारिश हुई थी।
माथेरान हिल स्टेशन म्यूनिसीपल काउंसिल के एक अधिकारी ने बताया, "हमारी 10 सदस्यीय टीम ने जहां पर दरार बनी है, उस जगह का दौरा किया है और वहां एक चेतावनी बैनर भी लगाया गया है। इस बैनर में सभी पर्यटकों से व्यू प्वाएंट एरिया में नहीं जाने की हिदायत दी गयी है।" वहीं म्यूनिसीपल काउंसिल के मौसम अधिकारियों का कहना है कि इस साल 1 जुलाई से 28 जुलाई के बीच माथेरान में 3,955 मिमी बारिश दर्ज की गयी। इससे पहले साल 2019 में इससे ज्यादा 7,467 मिमी बारिश यहां हुई थी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।



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