वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता के बाद अब रेल मंत्रालय वंदे भारत मेट्रो का संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार देश में पहली वंदे भारत मेट्रो गुजरात में चलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गुजरात के अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन पर वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की पहली रेक भी पहुंच चुकी है। वहीं वंदे भारत से जुड़ी दूसरी जानकारी वंदे भारत मेट्रो नहीं बल्कि एक्सप्रेस को लेकर है।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार अब वंदे भारत एक्सप्रेस की लंबाई राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस से भी ज्यादा होने वाला है।

क्या होगा वंदे भारत मेट्रो का रूट?
पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी जे. के. जयंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पहली वंदे भारत मेट्रो का संचालन अहमदाबाद से वडोदरा के बीच शुरू किया जा सकता है। अहमदाबाद से मुंबई के रूट को हाल ही में अपग्रेड किया गया है। इसलिए इस रूट पर इस ट्रेन को चलाने की संभावनाएं ज्यादा हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अगले कुछ दिनों में रूट को लेकर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वंदे भारत मेट्रो का संचालन शुरू होने से रोज आवाजाही करने वाले यात्रियों का काफी समय बचेगा। इसके साथ ही मेट्रो में वंदे भारत ट्रेनों के मुकाबले खर्च भी कम होगा, जो उनके पॉकेट का भी ध्यान रखेगा।
जयंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जल्द ही वंदे भारत मेट्रो का ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। अगर वंदे भारत मेट्रो का संचालन अहमदाबाद से वडोदरा के बीच होता है ति इस रूट पर नाडियाद, आणंद आदि शहरों में रहने वाले लोगों को भी काफी सुविधा होगी। बताया जाता है कि वंदे भारत ट्रेनों की तरह मेट्रो भी 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड मात्र कुछ सेकंड में पकड़ लेगी। वंदे भारत मेट्रो अधिकतम 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी।

राजधानी-शताब्दी से लंबी होगी वंदे भारत एक्सप्रेस
वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत होने के बाद यह 16 अथवा 8 कोच वाली ही रही है। लेकिन अब रेल मंत्रालय ने 24 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस बनाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार भारत की प्रीमियम ट्रेनों में यह सबसे ज्यादा लंबी होने वाली है। अब तक इस श्रेणी में सबसे लंबी ट्रेन राजधानी हुआ करती थी जो 22 कोच वाली होती थी।
नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट में किये गये दावे के अनुसार भारतीय रेल ने अपने टेंडर में संशोधित किया है। यह टेंडर 35,000 करोड़ रुपए का है। पहले रेलवे ने 120 सेट ट्रेन सप्लाई करने का ऑर्डर दिया था। हर सेट के ट्रेन में 16 कोच होने वाले थे। अब नयी योजना के तहत सप्लायर को 80 सेट ट्रेन सप्लाई करना होगा और हर सेट ट्रेन में 24 कोच होंगे।
बताया जाता है कि इन ट्रेनों को बनाने का पहला पार्टनर रेल मंत्रालय की कंपनी आरवीएनएल होगी। इसके साथ ही रुसी इंजीनियरिंग कंपनी मेट्रोवागोनमैश और लोकोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी शामिल हैं। तीनों कंपनियां मिलकर नयी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के सेट को महाराष्ट्र के लातूर में तैयार करेंगी।



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