नए-नए रूट्स पर लग्जरी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने की खबरें तो आप अक्सर पढ़ते हैं। अगर बजट से बाहर होने की वजह से वंदे भारत एक्सप्रेस की सवारी नहीं कर पाते हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। मध्यम वर्गीय परिवारों की सुविधा का ध्यान रखते हुए ही भारतीय रेलवे ने नॉन एसी स्लीपर अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की थी।
अगर आप जनरल स्लीपर क्लास में यात्रा करते हैं तो आपके लिए बड़ी अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश से 3 नयी अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू होने वाली है। अमृत भारत एक्सप्रेस को ट्रेनों में किफायती किराए पर अधिक से अधिक सुविधाओं के साथ चलाने के उद्देश्य से ही शुरू किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 3 रूट्स पर अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन होता है, जिसमें आनंद विहार से दरभंगा वाया लखनऊ अमृत भारत एक्सप्रेस भी शामिल है। इसके अलावा पिछले दिनों ही भारतीय रेल ने कुल 26 रूट्स पर अमृत भारत एक्सप्रेस को चलाने की घोषणा भी की थी। इनमें से 3 अमृत भारत एक्सप्रेस को वाया लखनऊ चलाया जाएगा।
अब मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों को सच माने तो 3 नयी रूट्स पर अमृत भारत एक्सप्रेस को चलाने की तैयारी की जा रही है और तीनों ही रूट्स की शुरुआत उत्तर प्रदेश से होने वाली है।
जिन 3 नए रूट्स पर अमृत भारत एक्सप्रेस को चलाने की तैयारी चल रही है, उनमें शामिल है -
- गोरखपुर से मुंबई
- हावड़ा से दिल्ली वाया लखनऊ
- चंडीगढ़ से वाराणसी
हालांकि इन रूट्स पर अमृत भारत एक्सप्रेस को कब से शुरू किया जाएगा, इस बारे में आधिकारिक रूप से अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गयी है।

क्यों खास है अमृत भारत एक्सप्रेस?
अमृत भारत एक्सप्रेस को भारतीय रेलवे ने उन लोगों को ध्यान में रखकर ही उतारा था, जो एसी ट्रेनों में महंगा सफर नहीं कर पाते हैं। एसी ट्रेनों वाली सुविधा को नॉन एसी ट्रेन में देने के लिए स्लीपर क्लास नॉन एसी ट्रेन अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की गयी। अमृत भारत एक्सप्रेस का डिजाइन बिल्कुल किसी एसी ट्रेन जैसा ही है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अमृत भारत एक्सप्रेस 22 कोच वाली ट्रेन होती है जिसमें कुल 1834 यात्री यात्रा कर सकते हैं। इस ट्रेन का हर कोच सीसीटीवी कैमरे से लैस होता है।
वंदे भारत की तरह ही अमृत भारत एक्सप्रेस भी 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ती है। यह ट्रेन पुश-पुल तकनीक के आधार पर चलती है। ट्रेन के दोनों तरफ इलेक्ट्रिक इंजन लगे हुए हैं, जिसकी वजह से सफर के दौरान यात्रियों को थोड़ा भी झटका महसूस नहीं होता है। किसी भी आपातकालिन स्थिति में लोको पायलट या ट्रेन के मैनेजर से बात करने के लिए टॉक-बैक सिस्टम लगाया गया है।
ट्रेनों में आरामदायक सीट होने के साथ ही साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए वैक्यूम बायो टॉयलेट बनाए गये हैं। ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय दिव्यांगों को कोई परेशानी न हो, इसलिए रैंप और मुड़ने वाले स्नैक्स टेबल लगाए गये हैं। इसके साथ ही रात के अंधेरे में चमकने वाली रेडियम प्रणाली, यात्री घोषणा और सार्वजनिक सूचना प्रणाली का भी इस ट्रेन में इस्तेमाल किया जाता है।



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