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बर्फ की सफेद चादर से ढंके मनाली-लेह हाईवे पर 5 महीने बाद BRO ने फिर से बहाल किया यातायात

लगभग 5 महीने बाद मनाली-लेह हाईवे से बर्फ को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और इसे यातायात के लिए खोल दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार बार्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने 6 मार्च को इस हाई पर जमी बर्फ को साफ करने का अभियान 'हिमांक' शुरू किया था।

लगभग 47 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इस रास्ते को साफ कर इसपर यातायात को बहाल कर दिया गया है। इस काम को BRO की दो टीम ने एक साथ शुरू किया था। पहली टीम ने लेह की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था जिसने सरचु तक इसे साफ किया था। वहीं दूसरी टीम ने मनाली की तरफ से बर्फ हटाकर हाईवे को साफ करने का काम किया।

leh manali highway opened

दोनों टीम अपनी-अपनी तरफ से काम करते हुए सरचु की तरफ बढ़ी और पिछले मंगलवार को सरचु में 'गोल्डन हैंडशेक सेरीमनी' पर दोनों टीमें मिली। मनाली-लेह के बीच हाईवे पर बर्फ साफ करते हुए दोनों टीमों ने कई चुनौतियों का सामना किया, जिसमें बर्फिले तुफान और 4 पहाड़ी दर्रे भी शामिल हैं।

BRO की टीम ने जिन पहाड़ी दर्रों से बर्फ को साफ कर मनाली-लेह हाईवे को फिर से खोला है, उनमें बरलचा ला (4,850 मीटर), नकील ला (4,738 मीटर), लाचुलुंग ला (5,059 मीटर) और तंगलंग ला (5,328 मीटर) भी शामिल हैं। बताया जाता है कि हाईवे की जांच के बाद कुछ दिनों में इसे आम लोगों के लिए भी खोल दिया जाएगा। जांच में इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा कि यह रोड सामान्य ट्रैफिक के लिए सुरक्षित है अथवा नहीं।

leh-manali highway snow

बता दें, मनाली-लेह हाईवे लगभग 428 किमी लंबी है, जिसे पिछले साल 20 नवंबर को भारी बर्फबारी के बाद बंद कर देना पड़ा था। BRO ने रिकॉर्ड 47 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इस हाईवे को खोलकर फिर से यातायात बहाल कर दी है।

लेकिन अभी इस हाईवे के एक ही लेन को साफ कर उसपर गाड़ियों की आवाजाही की अनुमति दी गयी है। लाहौल-स्पीति के एसपी मयंक चौधरी ने मीडिया से हुई बातचीत में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल सैलानियों को इस हाईवे से होकर जाने की अनुमति नहीं है केवल सेना की गाड़ियां ही अभी चलेंगी।

सेना के लिए भी है काफी अहम

manali-leh highway

लेह-मनाली हाईवे सिर्फ सैलानियों ही नहीं बल्कि सेना के लिए भी एक अहम रास्ता है। चीन बॉर्डर पर तैनात भारतीय सेना के लिए श्रीनगर और मनाली दो रास्ते हैं। मनाली वाले रास्ते से ही बॉर्डर पर तैनात सेना के जवानों के लिए राशन और सामान आदि भेजा जाता है।

भारतीय सेना की तरफ से ही इस रास्ते की देखरेख भी की जाती है। घूमने के शौकीन और बाईक्स के लिए भी यह रास्ता काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि लेह तक जाने के लिए खासतौर पर बाईकर्स मनाली-लेह हाईवे का ही अधिक इस्तेमाल करते हैं।

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