कोरोना संक्रमण के लगभग 5 सालों बाद देश में एक के बाद एक दो शहरों में एक नए वायरस का आतंक फैल रहा है। पहले देश की सिलीकॉन सिटी कहलाने वाले बेंगलुरु और अब गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद से ह्यूमैन मेटान्यूमोनियावायरस (HMPV) का मामला सामने आया है। इसके साथ ही देशभर में HMPV वायरस से संक्रमित कुल मरीजों की संख्या 3 हो गयी है।
बेंगलुरु में सोमवार की सुबह ही 2 बच्चों में HMPV वायरस का संक्रमण होने की पुष्टि हुई अहमदाबाद में भी जिस मरीज के शरीर में HMPV वायरस का संक्रमण मिलने की पुष्टि हुई है, वह एक नवजात शिशु ही है।

इससे पहले पिछले साल अगस्त में गुजरात में चांदीपुरा वायरस का प्रकोप भी काफी ज्यादा बढ़ गया था, जिसने 15 साल से कम आयु के बच्चों को ही अपनी चपेट में लिया था। अब एक बार फिर से HMPV वायरस का शिकार भी 5 साल तक की आयु के बच्चे ही सर्वाधिक हो रहे हैं।
दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अहमदाबाद के चनखेड़ा में स्थित ऑरेंज अस्पताल में HMPV वायरस के लक्षण देखे जाने के बाद 2 महीने के एक बच्चे को भर्ती करवाया गया है। अहमदाबाद सिविल अस्पताल की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार बच्चे की तबियत पिछले लगभग 15 दिनों से खराब थी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
पिछले कुछ दिनों से उक्त बच्चा वेंटिलेटर पर था। अब जांच में नवजात के शरीर में HMPV वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। बच्चे की हालत अभी स्थिर बतायी जा रही है। हालांकि गुजरात के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह रिपोर्ट निजी अस्पताल की है। हमारी लैब में अभी तक इसका परीक्षण नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी एक टीम अहमदाबाद के अस्पताल में भेजी है, जो बच्चे की स्थिति की समीक्षा करेगी।

बताया जा रहा है कि यह बच्चा मूल रूप से राजस्थान के डुंगरपुर का रहने वाला है। बच्चे का इलाज करवाने के लिए उसका परिवार उसे अहमदाबाद में लेकर आया था जहां निजी लैब में उसकी जांच की गयी और HMPV संक्रमण का रिपोर्ट पॉजीटिव आया।
गौरतलब है कि बेंगलुरु में संक्रमित पाए गए दोनों बच्चों की तरह ही अहमदाबाद में भी HMPV वायरस से संक्रमित पायी गयी नवजात का अंतर्राष्ट्रीय यात्रा का कोई इतिहास नहीं है। इस वजह से विशेषज्ञों का अनुमान है कि HMPV वायरस स्थानीय स्तर पर फैल रहा है। केरल में जहां बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं और बच्चों के साथ अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गयी है तो दिल्ली, कर्नाटक और गुजरात में स्वास्थ्य दिशा-निर्देश जारी कर दिये गया हैं।
बता दें, बेंगलुरु में एक 8 महीने के बच्चे व एक 3 महीने की बच्ची के शरीर में HMPV वायरस का संक्रमण मिलने की पुष्टि हुई है, जिनका अंतर्राष्ट्रीय यात्रा का कोई इतिहास नहीं है। इन दोनों बच्चों का इलाज बेंगलुरु के बपटिस्ट अस्पताल में किया हुआ है। इनमें से एक बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है लेकिन 8 महीने के दूसरे बच्चे का अभी इलाज अस्पताल में चल रहा है। हालांकि उक्त बच्चे की हालत भी अभी स्थिर ही बतायी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस काफी पुराना है। वर्ष 2001 में पहली बार इस वायरस के बारे में पता चला था। दावा किया जा रहा है कि यह कोरोना जैसा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसी परेशानियां हो रही है और सबसे ज्यादा 5 साल तक के बच्चे इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं।



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