अहमदाबाद के दो प्रमुख ब्रिज को बंद कर दिया गया है। इन दोनों ब्रिज को ही मरम्मत कार्यों के लिए बंद कर दिया गया है। लेकिन दिन के व्यस्त समय में भी अहमदाबाद शहर की ट्रैफिक को आसान बनाने वाली दो प्रमुख ब्रिज को एक साथ बंद करने का फैसला क्यों लिया गया? यकिन मानिए वजह जानकर एक पल के लिए आप भी सोच में पड़ जाएंगे कि क्या ऐसा भी हो सकता है भला!
अहमदाबाद में जिन दो ब्रिज को बंद करने का फैसला अहमदाबाद नगरपालिका (AMC) और भारतीय रेलवे ने संयुक्त रूप से लिया है, उनमें से एक ब्रिज 100 साल से भी अधिक पुरानी है और दूसरी ब्रिज भी 80 सालों से अधिक पुरानी है।

कौन से दो ब्रिज को किया गया बंद?
अहमदाबाद के जिन दो प्रमुख ब्रिज को बंद करने का फैसला लिया गया है वो हैं -
1. कालूपुर ब्रिज - जो लगभग 108 साल पुराना है।
2. सारंगपुर ब्रिज - जो करीब 83 साल पुराना है।
क्यों बंद करना पड़ा?
अहमदाबाद का कालूपुर और सारंगपुर ब्रिज ट्रैफिक के बहाव को सुव्यवस्थित बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। इन दोनों ब्रिज के देखभाल की जिम्मेदारी ही अहमदाबाद नगरपालिका और भारतीय रेलवे संयुक्त रूप से निभाती है। पिछले कुछ दिनों से अहमदाबाद का मुख्य रेलवे स्टेशन, कालूपुर जंक्शन की मरम्मत और इसके नवीनीकरण का काम चल रहा है।
इसी बीच AMC के पार्षद इकबाल शेख ने इन दोनों ब्रिज के बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट जमा दी। लेकिन दोनों ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए कैसे? कालूपुर और सारंगपुर ब्रिज को नुकसान चूहों की वजह से पहुंचा है। जी हां, इन दोनों ब्रिज की संरचना के साथ-साथ लोहे के ग्रिल को भी चूहों ने कुतरकर, मल-मूत्र त्याग कर भारी नुकसान पहुंचाया है।
ट्रैफिक डायवर्जन लागू
अहमदाबाद के कालूपुर स्टेशन की ओर जाने वाली मुख्य सड़क 3 सालों के लिए बंद है, इसलिए यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने के लिए पुराने प्रवेश द्वार और स्टेशन से बाहर निकलने के लिए पश्चिम दिशा में बने फूटब्रिज का इस्तेमाल करना होगा। मेन रोड से स्टेशन को जोड़ने के लिए 30 फीट चौड़ा एक नया फूट रोड बनाया जा चुका है।
वहीं सारंगपुर सर्किल से कालूपुर स्टेशन की ओर जाने वाले लोगों को सिंधी मार्केट से पंचकुवा होते हुए जाना पड़ेगा। जो लोग कालूपुर की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें मोतीमहल होटल रोड से होकर जाने की सलाह दी जाती है। कालूपुर से सारंगपुर, रायपुर, कांकरिया या गीता मंदिर की ओर जाने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने कालूपुर रेलवे स्टेशन से वन-वे रोड को खुला रखा है।
कब तक पूरी होगी ब्रिज की मरम्मत?
Gujarat Samachar से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय रेलवे और अहमदाबाद नगरपालिका संयुक्त रूप से लगभग ₹439 करोड़ की लागत से इन दोनों ब्रिज की मरम्मत करने वाली है। दोनों ब्रिज को चार लेन चौड़ा बनाया जाएगा ताकि पहले के मुकाबले गाड़ियों को आवाजाही करने में ज्यादा आसानी हो। बताया जाता है कि दोनों ब्रिज के नवीनीकरण और मरम्मत का काम लगभग 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी वर्ष 2026 से अहमदाबादवाले इन दोनों ब्रिज का इस्तेमाल करना दोबारा शुरू कर सकते हैं।



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