अहमदाबाद में अक्सर ऑटो रिक्शावालों पर मनमाना किराया वसूलने का आरोप लगाया जाता है। किराए को लेकर सवारी के साथ हो रही कहा सुनी कई बार हाथापाई तक पहुंच जाती है। ऑटो रिक्शा में सवार होने से पहले ही किराए को लेकर ड्राईवर के साथ बहसबाजी का शुरू हो जाना तो अब आम बात हो चुकी है। लेकिन जल्द ही इस समस्या का हल मिलने वाला है।
अहमदाबाद की ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार को घोषणा कर दी है कि ऑटो रिक्शा में किराए के लिए अब करना पड़ेगा मीटर डाउन। नहीं समझे...अब अहमदाबाद में ऑटो रिक्शा मीटर पर चलेगी। मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है पिछले कुछ समय से अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस के पास ऑटो रिक्शा ड्राईवरों द्वारा मनमना भाड़ा वसूलने की लगातार शिकायतें आ रही थी। जिसके बाद ऑटो रिक्शा में किराए के मीटर लगाने का फैसला लिया गया। लेकिन मीटर कब से लागू होगा?

कब से होगा मीटर डाउन?
बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने इस बात की घोषणा की। अपनी घोषणा में उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2025 से अहमदाबाद में चलने वाले सभी ऑटो रिक्शा में किराए के लिए मीटर का होना अनिवार्य होगा।
Ahmedabad Mirror की एक रिपोर्ट में डेप्यूटि पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक-ईस्ट) सफिन हसन के हवाले से बताया गया कि मोटर व्हीकल नियमों के अधीन सभी ऑटो रिक्शा में किराए का मीटर लगाना अनिवार्य होगा, जिसकी मंजूरी, जांच और सील कंट्रोलर ऑफ वेट्स एंड मेजर द्वारा की गयी हो। उन्होंने बताया कि हमने ड्राईवरों को मीटर लगवाने के लिए 1 महीने का समय दिया है।
नहीं लगा मीटर तो लगेगा जुर्माना

बकौल सफिन हसन अगर जनवरी से ऑटो रिक्शा में किराए के लिए मीटर नहीं लगाया गया तो पहली बार पकड़े जाने पर जुर्माना देना पड़ेगा। 1 जनवरी के बाद अहमदाबाद में अगर किसी ऑटो रिक्शा में किराए का मीटर नहीं लगा होता है, तो पहली बार पकड़े जाने पर ड्राईवर को ₹500 का जुर्माना भरना पड़ेगा।
अगर कोई ड्राईवर ऐसा करता हुआ लगातार 3 बार पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऑटो रिक्शा में किराए का मीटर न लगाने वाले ड्राईवर अगर लगातार 3 बार पकड़े जाते हैं तो उनके वाहन का रजिस्ट्रेशन ही रद्द कर दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुभाष नगर में मौजूद क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) भी इस बदलाव के लिए खुद को तैयार कर रहा है। मीडिया से बात करते हुए RTO अधिकारी जे जे पटेल का कहना है कि ऑटो रिक्शा में मीटर के लगे होने का नियम हमेशा से ही लागू था। जब वाहनों की फिटनेस की जांच की जाती थी, तब इसकी भी जांच होती थी।
लेकिन ऑटो रिक्शा में मीटर के होने का नियम एक बार फिर से लागू किया जा रहा है, जिस बारे में हमें संवाददाता सम्मेलन से ही पता चला। हमें अभी तक इसकी आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दी गयी है। हम आधिकारिक विज्ञप्ति जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।

वहीं ऑटो रिक्शा ड्राईवरों ने इस नियम को लागू करने पर अपनी चिंता जाहिर की है। मीडिया से बात करते हुए ऑटो रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राज शिरके ने बताया कि डिजीटल मीटर की मरम्मत करने में ₹5000 तक का खर्च आता है। जो निश्चित रूप से ड्राईवरों पर बोझ बढ़ाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 40% ऑटो रिक्शा सड़कों पर अवैध तरीके से चलते हैं, जो इस नियम के पूरी तरह से लागू होने में बहुत बड़ी बाधा बन सकते हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में संबंधित अधिकारियों से बात करने की बात कही है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि ऑटो रिक्शा में किराए का मीटर लगाने का अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस के फैसले ने एक ओर जहां आम लोगों को बड़ी राहत पहुंचायी है, किराए को लेकर रोज होने वाली बहस से राहत दिलायी है वहीं दूसरी ओर इसने ऑटो रिक्शा ड्राईवरों की मुश्किलें थोड़ी बढ़ा दी हैं।



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