अगर आप अहमदाबाद में रहते हैं या दिवाली के मौके पर अहमदाबाद जाने वाले हैं तो सावधान हो जाएं। दिवाली को लेकर अहमदाबाद पुलिस ने कई रोक लगाएं हैं और अगर कोई व्यक्ति इन पाबंदियों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार अहमदाबाद पुलिस ने एक विज्ञप्ति जारी कर दिवाली को लेकर लागू की गयी पाबंदियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। अहमदाबाद पुलिस ने दिवाली को लेकर कौन-कौन सी पाबंदियां लागू की हैं इस बारे में विस्तार से जानने के लिए यह आर्टिकल अंत तक जरूर पढ़े।

Times of India की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अहमदाबाद पुलिस ने हाल ही में एक विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें बताया गया है कि रात के समय आतिशबाजी, गाड़ियों के हॉर्न, आवाज पैदा करने वाले यंत्रों, लाउड स्पीकर या फिर वाद्य यंत्रों पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। यह पाबंदी रात को 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक रहेगी। ऐसा ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) को रोकने के लिए किया गया है।
इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिवाली के समय पटाखों की आवाजों से और नवरात्रि, शादियों या समारोहों के दौरान लाउड स्पीकर का इस्तेमाल, ड्रम आदि बजाने की वजह से काफी ज्यादा ध्वनि प्रदूषण फैला है। यह प्रदूषण आवासीय क्षेत्रों में भी काफी ज्यादा फैलता है क्योंकि वहां वाहनों की आवाजाही से लेकर हॉर्न का भरपूर इस्तेमाल भी किया जाता है।
विज्ञप्ति में अहमदाबाद पुलिस की ओर कहा गया है कि यह ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, कम्यूनिटी हॉल या फिर पार्टी प्लॉट के मैनेजर की जिम्मेदारी है कि वे ध्वनि से जुड़े मानदंडों का पालन और नियमों के विषय में लोगों को जानकारी दे, डिस्प्ले बोर्ड लगाएं।

कौन सी चीजों पर लगायी गयी पाबंदी
- सार्वजनिक स्थानों या सड़कों, आवासीय क्षेत्रों के आसपास निजी स्थानों पर किसी कार्यक्रम या पार्टी प्लॉट पर उपयोग करने के लिए माइक्रोफोन सिस्टम को किराए पर नहीं लिया जा सकेगा।
- अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, कोर्ट या फिर धार्मिक स्थानों, जो साइलेंट ज़ोन में आते हैं, से 100 मीटर की दूरी पर मौजूद जगहों पर भी माइक्रोफोन सिस्टम को नहीं चलाया जा सकता है।
- किसी की भी धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने, भड़काऊ भाषण देने आदि के लिए माइक्रोफोन सिस्टम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
- अगर कोई जुलूस निकाला जाता है तो उसे सड़क के बाएं ओर चलना होगा, न की सड़क को रोककर। ट्रैफिक के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है और बीच सड़क पर रुककर गाना या नाचने की अनुमति नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स में अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जी एस मलिक के हवाले से बताया गया है कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी ये पाबंदियां सिर्फ दिवाली पर ही नहीं बल्कि 31 दिसंबर यानी नववर्ष के समय तक लागू रहेंगी। अगर कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो असीस्टेंट सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पूरा अधिकार है कि वे उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।
बता दें, हर साल अहमदाबाद में आम जनता देर रात तक पटाखे फोड़ने से लेकर तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजाने की शिकायतें करती रहती हैं। इस साल उन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अहमदाबाद पुलिस ने लाउड स्पीकर बजाने की समयसीमा के साथ-साथ ध्वनि की उच्चता की सीमा की लिस्ट भी जारी की है जो निम्न है :
| क्षेत्र का प्रकार | सुबह 9 से रात 10 बजे तक (डेसीबल) | रात 10 से सुबह 6 बजे तक (डेसीबल) |
| औद्योगिक | 75 | 60 |
| व्यापारिक | 65 | 55 |
| आवासीय | 55 | 45 |
| शांत | 50 | 40 |



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