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अहमदाबाद में अब पानी में डूब रहे लोगों की जान बचाएगा रोबोट, नदी की गहराई में कैसे काम करेगा रोबोट?

नदियों या झीलों के किनारे लोग घूमना-फिरना तो खुब पसंद करते हैं, लेकिन यहां डूबने का खतरा भी कई बार ज्यादा होता है। अहमदाबाद में अक्सर साबरमती नदी में किसी स्थानीय या पर्यटक के डूब जाने या बह जाने की खबरें भी आती रहती है। इन स्थितियों से निपटने के लिए ही अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने एक तकनीकी पहल की है, जिसमें पानी में डूब रहे लोगों की जान बचाने के लिए अत्याधुनिक रोबोट की मदद ली जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार आपातकालिन परिस्थिति में पानी के अंदर से लोगों को बचाने के लिए रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित होने वाले रोबोट की मदद लेने के बारे में AMC ने सोचा है।

robot rescue

क्यों लिया गया ऐसा फैसला?

Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अंडरवाटर बचाव अभियान में कई तरह के खतरे होते हैं और इंसानों या डाइवर्स के लिए कई बार यह काफी चुनौतीपूर्ण भी होता है। जैसे खतरनाक जल धाराएं, दृश्यता का शून्यता पर पहुंच जाना, दुषित जल और जलीय जीवों से खतरा आदि हमेशा बना रहता है।

इन सभी चुनौतियों और खतरों को दूर कर AMC ने बचाव अभियान के साथ-साथ शरीरों को सुरक्षित तरीके से ढूंढ निकालने के लिए ही रोबोट को इस काम में लगाने के बारे में विचार किया है। बताया जाता है कि हाल ही हुई AMC की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया कि डीप ट्रेकर अंडरवाटर रोबोट खरीदी जाएगी, जिसके लिए जल्द ही टेंडर भी जारी किया जाएगा।

कैसे काम करेगा रोबोट?

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार डीप ट्रेकर अंडरवाटर एक अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम है, जिसका नियंत्रण रिमोट कंट्रोल के माध्यम से होता है। AMC ने जिन रिमोट नियंत्रित रोबोट का इस्तेमाल बचाव अभियान आदि कार्यों के लिए करने का फैसला लिया है, वह पानी की गहराई से सीधे फोटो खिंचकर सतह पर मौजूद लोगों के पास भेजेगा।

robot ahmedabad

इन फोटो को देखकर डूबे व्यक्ति या शव की वास्तविक जगह के साथ-साथ आसपास के वातावरण और जलीय जीवों से खतरे आदि का अनुमान मिल जाएगा। इसके बाद ही बचाव अभियान चलाना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सुरक्षित और आसान बन जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार AMC राज्य का पहला प्रशासक होगा, जो साबरमती नदी या अन्य तालाबों आदि में बचाव कार्य, डूब चुके व्यक्तियों के शव आदि की खोज में रोबोट की मदद लेने वाला है। AMC ने इस परियोजना के लिए ₹1 करोड़ खर्च करने का फैसला लिया है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि रिमोट चालित ये रोबोट पानी की गहराई में 200 मीटर तक खोज चलाने के साथ ही 100 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम हैं।

पिछले दिनों अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विस द्वारा साबरमती नदी पर फायर सेफ्टी डे पर इसका ट्रायल रन भी किया जा चुका है। AMC के एक अधिकारी का कहना है कि एक बार पूरी तरह से चार्ज करने पर ये रोबोट लगातार 6 घंटे तक चल सकते हैं और मात्र 30 सेकेंड के अंदर काम पर लग सकते हैं।

पानी में एक बार डुबकी लगाने के बाद यह रोबोट पानी की गहराई, पानी का तापमान, कैमरा एंगल, बैटरी का स्तर से संबंधित आदि जानकारियां रिमोट के जरिए आप तक पहुंचाएगा। बताया जाता है कि यह रोबोट 10 डिग्री सेल्सियस से 50 डिग्री सेल्सियस तक पानी में डुबकी लगाकर काम कर सकता है। इसके कैमरे को लॉक या मुव किया जा सकता है। बताया जाता है कि साबरमती के 11 किमी लंबे रिवरफ्रंट पर इस रोबोट का इस्तेमाल आपातकाल की स्थिति में किया जाएगा।

तो अगली बार जब आप अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे घूम रहे हो या किसी दुर्घटना का साक्षी बनते हैं जिसमें कोई व्यक्ति या बच्चा नदी में डूब रहा हो और उसे रिमोट से नियंत्रित हो रहा कोई रोबोट नदी की गहराई से बचाकर किनारे तक लेकर आता है, तो ऐसा होता देखकर चौंकिएगा बिल्कुल मत। क्योंकि वह दिन अब दूर नहीं है जब रिमोट कंट्रोल की मदद से गहरी नदी में डूब रहे किसी व्यक्ति की मदद के लिए AMC के कर्मचारी अपना हाथ आगे बढ़ाने वाले हैं।

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