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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर किराये में वृद्ध‍ि पर क्या है नागर विमानन मंत्री का जवाब, पढ़ें यहां

मौका कोई भी हो, चाहे ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप का मैच हो या कोल्ड प्ले के कॉन्सर्ट की घोषणा...अहमदाबाद की जो बात सबसे ज्यादा सुर्खियों में छा जाती है, वह है विमान का किराया। कई बार अहमदाबाद से और अहमदाबाद के लिए विमान का किराया इतना ज्यादा हो जाता है कि वह आम लोगों की पहुंच से भी बाहर पहुंच जाता है। पिछले दिनों लोकसभा के शीतकालिन सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाया भी गया था।

लोकसभा के शीतकालिन सत्र के दौरान केंद्रीय नागर विमानन मंत्री मुरलीधर मोहोल से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका जवाब जानकर आपको भी हैरानी होगी। इन सवालों में केंद्रीय मंत्री से यह भी कहा गया कि फ्लाईट की कीमतों में वृद्धि का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ता है। मोहोल ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर फ्लाईट के किराए में होने वाली वृद्धि के कारणों के साथ ही इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाये जाने वाले कदमों की भी चर्चा की।

ahmedabad airport

क्यों बढ़ते हैं फ्लाईट की कीमतें?

लोकसभा में पूछे गये इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री का कहना है कि फ्लाईट की कीमतें बदलती रहती हैं। ये हमेशा मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती हैं। भारत में फ्लाईट की कीमतों को अक्सर मौसम, ईंधन की कीमतें, किसी एक रूट पर एयरक्राफ्ट की यात्रीवहन की क्षमता, त्योहार, सेक्टर में आपसी प्रतियोगिता, छुट्टियां, लॉन्ग वीकेंड, कई कार्यक्रम जैसे खेल, मेले या कॉन्सर्ट आदि प्रभावित करते हैं।

इसके साथ ही मोहोल का यह भी कहना था कि फ्लाईट के किराए का निर्धारण काफी हद तक एयरपोर्ट के परिचालन की बाधाओं पर भी निर्धारित होता है। जिन रूट्स पर पर्यटन के लिहाज से मांग सबसे ज्यादा होती है, कई बार वे सीमित परिचालन समय, मौसम की स्थिति व अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। इन सभी परिस्थितियों का प्रभाव फ्लाईट्स के किराए पर पड़ता रहता है, जिस कारण किराए में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं।

हालांकि केंद्रीय मंत्री ने यह भी दावा किया कि साल 2023 के मुकाबले 2024 में फ्लाईट के किराए में कमी दर्ज की गयी है। इसकी वजह उन्होंने सरकार द्वारा लगातार की गयी निगरानी को माना है। उनका कहना है कि सभी एयरलाइंस को पिक सीजन में किराए को तय करते समय क्या और कितना उचित है, इसे और आम यात्रियों के हितों को सुनिश्चित करने के प्रति जागरूक किया गया है।

2023 के मुकाबले 2024 में बढ़ी है यात्रियों की संख्या

केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल विमानों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गयी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां घरेलू उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 13,60,28,656 दर्ज की गयी थी, वहीं वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान घरेलू उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़कर 15,36,74,310 हो गयी है।

बात अगर वर्तमान वित्तीय वर्ष (2024-25) की करें, तो अक्तूबर 2024 तक घरेलू उड़ान से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 9,30,02,510 पर पहुंच गयी है, जो पिछले साल इसी समय (8,79,95,187) की तुलना में करीब 5.7% अधिक है। विमान से यात्रा करने वाले घरेलू यात्रियों की संख्या बढ़ने की वजह के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि अधिक क्षमता वाले विमानों को बेड़े में शामिल करना, एयरपोर्ट्स का आधुनिकीकरण और नए एयरपोर्ट्स के विकास के कारण ही संभव हुआ है।

कैसे नियंत्रित हो रहा है किराया?

DGCA ने एयरलाइंस पर निगरानी के लिए एक टैरिफ निगरानी यूनिट (TMU) की स्थापना भी की है, जो हर महीने विभिन्न एयरलाइंस के वेबसाइट पर चुनिंदा घरेलू रूट्स पर फ्लाईट्स के किराए की निगरानी करता है। इससे यह सुनिश्चित हो पाता है कि एयरलाइंस घोषित सीमा से ज्यादा किराया न वसूले।

हालांकि केंद्र सरकार मार्केट में एयरलाइंस के बीच किराए को लेकर होने वाली प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के पक्ष में है और वह किरायों में किये जाने वाले हेरफेर के खिलाफ नहीं है। लेकिन वह हमेशा यह सतर्क रहती है कि किराए में किये जाने वाले हेरफेर की वजह से आम यात्रियों को कोई समस्या न हो और किरायों का अत्यधिक मूल्य निर्धारण को रोका जा सकें।

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