अमरनाथ यात्रा के शुरू होने का हर साल श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस साल अमरनाथ की पवित्र गुफा की यात्रा 1 जुलाई से शुरू होने वाली है। अमरनाथ यात्रा के लिए कोई भी श्रद्धालु बिना रजिस्ट्रेशन के नहीं जा सकता है। 17 अप्रैल से अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है।

इस माह के शुरुआत में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने अमरनाथ यात्रा के दौरान भोजन से संबंधित खाद्य पदार्थों की सूची जारी कर दी थी। जिस बारे में हमने आपको पहले ही जानकारी दे दी थी।
आइए अमरनाथ यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां आपको दे देते हैं :
यात्रा की तारीख
अमरनाथ गुफा की यात्रा साल में सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही खुलती है। इस साल यह पवित्र यात्रा 1 जुलाई 2023 से शुरू हो रही है जो अगले 62 दिनों तक जारी रहेगी। 31 अगस्त 2023 को यह यात्रा समाप्त हो जाएगी। अमरनाथ की गुफा श्रीनगर से 141 किमी दूर 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अमरनाथ की पवित्र गुफा में बर्फ की बूंदों से मिलकर बना शिवलिंग हर साल सावन के समय खुद ही बनता है।

कहा जाता है कि चंद्रमा के आकार के साथ-साथ अमरनाथ गुफा में शिवलिंग का आकार भी घटता-बढ़ता रहता है। इस शिवलिंग का निर्माण गुफा की छत से टपकते बर्फ के बूंदों के जमने के कारण होता है। यह शिवलिंग ठोस आकार में होता है जबकि इस गुफा में बर्फ कणों के रूप में होती है। अमरनाथ शिवलिंग से जुड़े कुछ ऐसे ही रहस्य हैं, जिनको आज तक कोई भी नहीं सुलझा पाया है।
अमरनाथ यात्रा का रुट
अमरनाथ गुफा की पवित्र यात्रा दो रुटों से होती है। इसमें एक रुट 48 किमी लंबा पहलगांव से होते हुए है और दूसरा रुट थोड़ा छोटा 14 किमी लंबा बलटाल रुट है। अमरनाथ की पवित्र गुफा के लिए तीर्थ यात्रियों का पहला जत्था 30 जून को जम्मु से निकलेगा जो जम्मु-श्रीनगर हाईवे से होते हुए पहलगाम और बलटाल में अपने-अपने बेसकैंप पर पहुंचेगा।
पहलगाम होते हुए जाने वाला जत्था जम्मु से पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सु टॉप, शेषनाग, पंचतरणी होकर पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचेगी। वहीं बलटाल होकर जाने वाला जत्था जम्मु से बलटाल, डोमेल, बरारी होकर अमरनाथ गुफा पहुंचेगी।
अमरनाथ गुफा की यात्रा के दौरान ले जाने योग्य और जिन खाद्य पदार्थों पर पाबंदी लगायी गयी है, उनसे संबंधित जानकारी के लिए Nativeplanet यह आर्टिकल जरूर पढ़े।



Click it and Unblock the Notifications













