असम की राजधानी गुवाहाटी में स्थित कामाख्या मंदिर में हर साल मानसून के समय अंबुबाची मेला आयोजित होता है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में एक है और तंत्र साधना के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर में देवी की योनि की पूजा होती है। अंबुबाची मेला के दौरान माना जाता है कि देवी रजस्वला होती है, जिस समय मंदिर परिसर में पुरुषों का प्रवेश निषेध रहता है।
इस दौरान मंदिर को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया जाता है। मान्यतानुसार देवी के सामने सफेद रंग का एक कपड़ा रखकर मंदिर को बंद किया जाता है और 3 दिन बाद जब मंदिर के पट खुलते हैं तो वह कपड़ा लाल रंग से भीगा रहता है। उस कपड़े को प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरित किया जाता है।

कब है अंबुबाची मेला?
इस साल अंबुबाची मेला 22 जून से शुरू हो रही है जो 25 जून 2024 तक चलेगी। 25 जून की रात को 9.08 बजे कामाख्या मंदिर के कपाट फिर से खोले जाएंगे। इस दौरान मंदिर में देशभर से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं जो पारंपरिक रीति-रिवाजों के मुताबिक आयोजित होने वाले अनुष्ठानों में हिस्सा लेते हैं। 3 दिन के मासिक धर्म के बाद जब कामाख्या मंदिर के कपाट फिर से खोले जाते हैं तो उसे एक शुभ घटना मानी जाती है।
इस घटना का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर परिसर में उपस्थित रहते हैं। मंदिर के फिर से खुलने के बाद भक्तों में अंगोदक (पवित्र जल) और अंगवस्त्र (योनि को ढकने वाला सफेद कपड़ा, जो लाल रंग का हो जाता है) को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

अंबुबाची मेला 2024 को लेकर जारी दिशा-निर्देश और प्रतिबंध
VIP पास नहीं - इस साल मंदिर में देवी कामाख्या के दर्शन के लिए कोई VIP पास जारी नहीं किया जाएगा। अगर अंबुबाची के दौरान कोई VIP देवी के दर्शन करने मंदिर पहुंचते हैं तो उन्हें भी आम श्रद्धालुओं की तरह कतारबद्ध होकर ही देवी के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
सड़क रहेगी बंद - कामाख्या मंदिर की ओर जाने वाली सड़क रात को 8 बजे से बंद कर दी जाएगी। इसके अलावा पांडुघाट से आने वाली सड़क भी रात को बंद रहेगी।
नौका व वाहन सेवा बंद - अंबुबाची मेले के दौरान कामाख्या गेट से नौका सेवा और वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। मेले के दौरान पांडु से कामाख्या मंदिर मार्ग पर ही सिर्फ नौका सेवा उपलब्ध होगी।
भोजन व पानी वितरण - कामाख्या मंदिर व आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न संस्थाएं जो अक्सर खाद्य पदार्थ और पेयजल का वितरण कार्यक्रम चलाती हैं, उन्हें मेले के दिनों में अपनी पसंद के स्थानों पर भोजन व पेयजल वितरित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अंबुबाची मेला में शामिल होने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्देश
मंदिर खुलने व बंद होने का समय - आम दिनों में कामाख्या मंदिर सुबह 7.30 बजे खुलता और शाम को 5 बजे बंद हो जाता है। दोपहर 1 से 2.30 बजे के बीच मंदिर को बंद रखा जाता है। लेकिन मेले के दौरान मंदिर के कपाट सुबह 8 से रात 9 बजे तक खुले रहेंगे।
प्रवेश निःशुल्क - अंबुबाची मेला में प्रवेश करने के लिए किसी विशेष टिकट की जरूरत नहीं होगी। सभी श्रद्धालुओं के लिए मेला में प्रवेश निःशुल्क होगा।
अंबुबाची मेला सिर्फ किसी देवी की पूजा नहीं बल्कि एक महिला के नारीत्व का जश्न मनाता है, उसे सम्मानित करने की पूजा है। इस पूजा में शामिल होने आने वाले भक्त पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ देवी कामाख्या के इस स्वरूप की पूजा करते हैं। इसके साथ ही इस समय यह पूरा क्षेत्र तंत्र साधना का केंद्र बिन्दु भी बन जाता है, जिसे खास तौर पर अनुभव करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त गुवाहाटी पहुंचते हैं।



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