पिछले कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली की हवा में घुलता जहर पर्यावरणविदों की चिंता का कारण बना हुआ था। लेकिन दिवाली के बाद यह स्थिति और भी गंभीर बन गयी। पटाखों पर बैन होने के बावजूद दिवाली के बाद दिल्ली का औसत प्रदूषण एकबार फिर से खतरनाक स्तर पर पहुंचा है।
जिसे लेकर पर्यावणविदों ने चिंता जाहिर की है। शुक्रवार की सुबह दिल्ली में नेहरू नगर, पटपड़गंज, अशोक विहार और ओखला आदि का AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) का स्तर 350 से 400 के बीच पहुंच गया। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि कोलकाता, मुंबई, पटना, लखनऊ आदि शहरों का भी यहीं हाल रहा।

दिल्ली में जहर बनी हवा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह 6 बजे तक दिल्ली में जगह-जगह पर वायु की गुणवत्ता का सूचकांक (AQI) का स्तर बेहद खराब रहा। दिल्ली में दिवाली की रात को हुई आतिशबाजी के बाद दिल्ली और एनसीआर में आधी रात को प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था।
हालांकि आधी रात के बाद प्रदूषण में थोड़ी गिरावट तो दर्ज की गयी लेकिन उसके बाद से लेकर आज सुबह तक स्थिति वैसी ही बनी हुई है। बता दें, दिल्ली में लगातार हवा जहरीली बनी हुई है। पिछले 2 दिनों में हालातों में थोड़े से सुधार तो देखे गये थे लेकिन दिवाली के दिन हुई आतिशबाजी के बाद दिल्ली की AQI में वृद्धि की आशंका भी जाहिर की गयी थी, जो सच भी साबित हुई।
दिल्ली में कहां कितना रहा AQI
| इलाका | AQI |
| अशोक विहार | 384 |
| अलीपुर | 350 |
| जवाहरलाल नेहरू | 340 |
| लोधी रोड | 352 |
| द्वारका | 349 |
| बुराड़ी क्रॉसिंग | 394 |
| IGI एयरपोर्ट | 375 |
| आनंद विहार | 396 |
| आया नगर | 352 |
| बवाना | 388 |
| चांदनी चौक | 336 |
| नरेला | 288 |
| नजफगढ़ | 329 |
| ऑरोविंदो मार्ग | 312 |
| सोनिया विहार | 392 |
| पंजाबी बाग | 391 |
| नॉर्थ कैंपस | 390 |
| दिलशाद गार्डन | 257 |

मुंबई भी पहुंचा दिल्ली के करीब
बात अगर दूसरे महानगरों की करें तो दिवाली की रात मुंबई में हुई आतिशबाजी के बाद हवा में प्रदूषण की मात्रा दिल्ली के करीब ही पहुंच गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार खुली हवा में सांस लेने के लिए हानिकारक कण PM2.5 के महीन कण सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा हो गये हैं। मिली जानकारी के अनुसार मुंबई में जिन इलाकों में प्रदूषण की मात्रा सर्वाधिक ज्यादा दर्ज की गयी, वो हैं :
- खेरवाड़ी (बांद्रा ईस्ट)
- नेवी नगर (कोलाबा)
- बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स
- देवनार
- बायकुला
- सेवरी, मुलुंड पश्चिम
- चेंबूर
- वर्ली
- कांदिवली पश्चिम
- मलाड पश्चिम
- विले पार्ले पश्चिम
- बोरीवली पूर्व
- घाटकोपर
- सिद्धांत नगर (वर्ली)
- पवई
- कांदिवली पूर्व
- वसई पश्चिम
- बोरीवली पश्चिम
दिवाली के पटाखों ने बढ़ाया कोलकाता में ध्वनि प्रदूषण
कोलकाता में आवाज वाले पटाखों पर बैन लगाने के बावजूद दिवाली की रात को महानगर में काफी ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया। दिवाली की रात को जहां महानगरवासी देवी काली की आराधना में व्यस्त रहे लेकिन कुछ इलाकों में लोगों ने खूब पटाखे फोड़े। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की देर रात से लेकर शुक्रवार की भोर तक कोलकाता में सबसे ज्यादा ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया।
औद्योगिक क्षेत्र कसबा में रात को 10 बजे जहां ध्वनि प्रदूषण की मात्रा 75 डेसीबल होना चाहिए, वहीं रात को 12 बजे वहां ध्वनि प्रदूषण की मात्रा 104.6 डेसीबल पर पहुंच गया। अस्पताल परिसर के आसपास के इलाके, जिसे साइलेंट ज़ोन में रखा जाता है, वहां भी रात को 12 बजे के बाद काफी ज्यादा ध्वनि प्रदूषण दर्ज की गयी। न्यू मार्केट, पाटुली, एसएसकेएम परिसर, सॉल्टलेक, बागबाजार, टॉलीगंज, तारातल्ला आदि इलाकों में भी दिवाली को आधी रात के बाद भारी मात्रा में ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया।

पटना समेत बिहार में बिगड़ी हालत
दिन में पछुआ हवा की रफ्तार कम होने की वजह से रात के वक्त कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बिहार के मौसम में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिल सकता है। रात के न्यूनतम तापमान में कमी आने की संभावना है। इसके साथ ही शुष्क हवा के कारण आसमान भी साफ रहेगा और सुबह के समय अब हल्का-हल्का कोहरा छा सकता है।
बिहार में दिवाली के बाद कहां कितना रहा AQI
| जिला | AQI |
| पूर्णिया | 280 |
| हाजीपुर | 265 |
| बेतिया | 243 |
| कटिहार | 211 |
| मुजफ्फरपुर | 187 |
| किशनगंज | 168 |
| पटना | 150 |
| भागलपुर | 150 |
| बेगुसराय | 150 |
गैस चेंबर बना उत्तर प्रदेश
दिवाली की रात को छुड़ाए गये पटाखों से निकली जहरीले धुआं ने उत्तर प्रदेश के कई शहरों की स्थिति काफी खराब कर दी है। दिवाली के बाद लखनऊ, प्रयागराज, मुरादाबाद, नोएडा आदि की हवा काफी ज्यादा खराब दर्ज की गयी। बताया जाता है कि दिन के समय गर्मी और रात के वक्त सर्दी होने के साथ ही प्रदूषण का बढ़ना स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक माना जा रहा है। गाजियाबाद के कई इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी में पहुंच गया, जहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है।
UP में कहां कितना रहा प्रदूषण
| शहर | AQI |
| नोएडा | 332 |
| मेरठ | 326 |
| आगरा | 160 |
| हापुड़ | 312 |
| कानपुर | 210 |
| मुरादाबाद | 373 |
| लखनऊ | 174 |
| बुलंदशहर | 286 |
| संभल | 384 |



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