अरुणाचल प्रदेश की हरी भरी जीरो घाटी में सबसे बड़ा Ziro Music Festival 28 सितंबर से शुरू होने वाला है। इस आउटडोर म्यूजिक फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी काफी संख्या में लोग जीरो घाटी में पहुंचेंगे। यह किसी भी आम म्यूजिक फेस्टिवल से काफी अलग होगा।

यह एक ऐसा फेस्टिवल है जो ना सिर्फ म्यूजिक लवर्स बल्कि कल्चर लवर्स को भी आकर्षित करता है। इस म्यूजिक फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए देश के हर एक कोने से कलाकार यहां पहुंचते हैं।
4 दिनों तक चलने वाले इस म्यूजिकल फेस्टिवल को जीरो घाटी में रहने वाले अपातानी जनजाति के लोग ही होस्ट करते हैं। इस साल Ziro Festival of Music 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगी। बता दें, इस जनजाति के लोग अपनी मेहमानवाजी और म्यूजिक के प्रति अपने लगाव के कारण दुनिया में काफी लोकप्रिय हैं।

यह म्यूजिक फेस्टिवल एनर्जी का पावर हाउस होता है, जिसमें शामिल होने वाला हर एक म्यूजिक लवर एनर्जी के इस सागर में गोते लगाता है। इस म्यूजिक फेस्टिवल की शुरुआत साल 2012 में बॉबी हैनो और मेनव्होपॉज गिटारिस्ट अनुप कुट्टी ने की थी। जीरो घाटी ने यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भी अपना नाम दर्ज करवा लिया है। इस साल Ziro Music Festival में शिवमनी, ली रोनाल्डो, स्टीव शैली, शाएर एनफंक, पीटर कैट रिकॉर्डिंग कंपनी, मेनव्होपॉज, गुरु यूर्बेन मशांगा और बार्मर ब्वॉयज के शामिल होने की संभावना है।

इसके अलावा देश-विदेश से और भी कई कलाकार होंगे जो इस आउटडोर म्यूजिक फेस्टिवल का हिस्सा बनेंगे। अरुणाचाल प्रदेश के जीरो घाटी में पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट गुवाहाटी है। यहां से जीरो घाटी तक पहुंचने में करीब 7 घंटों का समय लग जाता है। ईटानगर से जीरो घाटी के लिए बसें भी मिल जाएंगी।



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