भारत अपनी ऐतिहासिक धरोहरों का धनी रहा है। देश के हर एक कोने में कोई ना कोई ऐतिहासिक भवन या इमारत मिल जाएगी जो भारत के समृद्ध इतिहास की कहानी सुनाता है। इन ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए हर साल दुनिया भर के कोने-कोने से लाखों लोग भारत आते रहते हैं जो यहां पर्यटन को भी बढ़ावा देता है।

केंद्रीय संस्थान आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) पर ना सिर्फ भारत के इतिहास और उनकी प्रमाणिकता को लेकर शोध करने की जिम्मेदारी होती है बल्कि देशभर में फैले ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी है। ASI देशभर में करीब 3696 ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। देश की इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ASI ने 4 सितंबर 2023 को 3 नयी पहलों को लॉन्च करने का फैसला लिया है। इनमें से पहला है 'Adopt a Heritage 2.O' अभियान, मोबाइल ऐप 'इंडियन हेरिटेज' और 'ई-परमिशन' पोर्टल।

पहला, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय 'Adopt a Heritage 2.O' अभियान के तहत कॉर्पोरेट कंपनी को अपनी CSR फंडिंग से ऐतिहासिक इमारतों में सुविधाओं को बढ़ाने में मदद करने का आह्वान करेगी। इस अभियान का हिस्सा बनने वाली कॉर्पोरेट कंपनियां किसी ऐतिहासिक धरोहर या ASI के अधिनस्थ किसी इमारत को गोद लेगी और उसे सुरक्षित व संरक्षित करने, मरम्मत करने और विकास में मदद करेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट कंपनियों की मदद से भारती की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित व संरक्षित रखना है।
कॉर्पोरेट कंपनियां आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक वेबसाइट www.indianheritage.gov.in पर जाकर किसी ऐतिहासिक इमारत के देखरेख की जिम्मेदारी उठाने या यूं कहे कि गोद लेने के लिए आवेदन कर सकती है। यहां कॉर्पोरेट कंपनियां पहले 5 सालों के लिए किसी भी ऐतिहासिक इमारत की देखरेख करने की जिम्मेदारी उठा सकता है, जिसे बाद में 5 और सालों के लिए बढ़ाया जा सकता है।

ASI की दूसरी पहल है, इंडियन हेरिटेज मोबाइल ऐप। इस ऐप को चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा। पहले चरण में जिन धरोहरों में प्रवेश करने के लिए टिकट खरीदने की जरूरत है, उन्हें लॉन्च किया जाएगा। बाद में बाकी धरोहरों को इस ऐप पर लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप में प्रत्येक राज्य में मौजूद ऐतिहासिक धरोहर की जानकारी फोटो समेत उपलब्ध करवायी जाएगी। इन धरोहरों पर मिलने वाली सार्वजनिक सुविधाओं, लोकेशन से संबंधित जानकारियां भी रहेंगी। इसके साथ ही मोबाइल ऐप पर आम नागरिकों के लिए Feedback की सुविधा भी रहेगी।

वर्तमान समय में जब वीडियो और फोटो का महत्व काफी बढ़ गया है, किसी भी धरोहर पर जाकर फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करने के लिए ASI की अनुमति आसानी से प्रदान की जा सके, इसके लिए ही ई-परमिशन पोर्टल को लॉन्च किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस पोर्टल के शुरू हो जाने के बाद वीडियो, फोटोग्राफी से संबंधित विभिन्न अनुमतियों को मिलने में लोगों को आसानी होगी। इससे लोगों का काफी ज्यादा समय भी बचेगा।



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