राम नवमी को लेकर अयोध्या में तैयारियां काफी तेज हो गयी हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली राम नवमी होगी। इसलिए इस साल की राम नवमी अयोध्यावासियों के साथ-साथ पूरी दुनिया में फैले राम भक्तों के लिए काफी खास होने वाली है।
संभावना जतायी जा रही है कि राम नवमी पर अयोध्या में लगभग 50 लाख श्रद्धालु पहुंचने वाले हैं। भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के मद्देनजर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कसकर तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अपील श्रद्धालुओं को चौंका रही है।

ट्रस्ट ने अयोध्या आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपने साथ सत्तू लेकर आने का अनुरोध किया है। पर क्यों?
क्या होगा राम नवमी पर अयोध्या का रोडमैप
अयोध्या में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा के समय जिस तरह की तैयारियां की गयी थी, ठीक उसी तरह की तैयारियां राम नवमी के समय भी की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन के बाहर बैरियर लगाकर टेंपो, ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों के आवागमन को नियंत्रित किया जा रहा है। राम नवमी के समय मंदिर परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर भी बैरियर लगाने की योजना है।

मिली जानकारी के अनुसार राम नवमी के समय अयोध्या में अत्यधिक भीड़ होगी। इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी तैनात किया जा सकता है। राम नवमी के समय अयोध्या में साफ-सफाई, प्रकाश और शौचालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आसपास के शहरों से आने वाले लोगों की गाड़ियों के लिए पार्किंग स्पॉट का चुनाव भी किया जा चुका है।
12 स्वास्थ्य शिविर और 12 जगहों पर एंबुलेंस होंगे तैनात
मार्च के अंत से ही पड़ ही भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य शिविरों और एंबुलेंस को अयोध्या में विभिन्न जगहों पर तैनात करने का फैसला लिया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा मुहैया करवायी जा सकें। जिन 12 जगहों पर स्वास्थ्य शिविर बनाएं जाएंगे, वो हैं श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, झुनकी घाट, कच्चा घाट, कन्ट्रोल रूम, तुलसी उद्यान, हनुमान गुफा, साकेत पेट्रोल पम्प, बस अड्डा, राम सेवकपुरम, कारसेवकपुरम, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन।

इसके साथ ही पक्का घाट पर 10 बेड वाला अस्थायी अस्पताल भी बनाया जाएगा। राम नवमी के समय जिन 12 जगहों पर एंबुलेंस को तैनात किया जाएगा, वो हैं कंट्रोल रूम, पक्का घाट, साकेत पेट्रोल पंप, हनुमान गुफा, कारसेवकपुरम, झुनकी घाट, कनक भवन जन्मभूमि, रेलवे स्टेशन, हनुमानगढ़ी आदि। बीमार लोगों की देखरेख का पूरा ध्यान रखने के लिए 3 शिफ्ट में 34 चिकित्सक, 34 फार्मासिस्ट, 34 वार्ड ब्वॉय, 6 सुपरवाइजर और 9 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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सत्तू लाने की क्यों हो रही है अपील?
अयोध्या आने वाले सभी श्रद्धालुओं से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से एक अपील की जा रही है। श्रद्धालुओं को अपने साथ सत्तू लेकर आने के लिए कहा जा रहा है। जी नहीं, रामलला को प्रसाद या किसी विशेष भोग में चढ़ाने के लिए नहीं बल्कि किसी और कारण से ऐसा करने के लिए कहा जा रहा है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इसका कारण बताते हुए कहा कि इस समय गर्मी एक बड़ी चुनौती बन रही है।

हमारे पास पानी तो पर्याप्त मात्रा में मौजूद है लेकिन गर्मी के कारण श्रद्धालुओं के शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो जाए, इसलिए उनसे अपने पास सत्तू रखने के लिए कहा जा रहा है। जब भी जरुरत हो, श्रद्धालु इसका जरूर सेवन करें। इससे गर्मी में उन्हें राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि राम नवमी के समय अयोध्या में भारी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने का ज्यादा से ज्यादा मौका मिल सकें, इसलिए जिला प्रशासन की तरफ से मंदिर प्रबंधन से अपील की गयी थी कि राम मंदिर को 24 घंटों के लिए खुला रखा जाए।

लेकिन इसपर संतों ने असहमति जतायी है। मीडिया रिपोर्ट्स में तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के हवाले से दावा किया जा रहा है कि रामलला 5 वर्ष के एक बालक के रूप में विराजमान हैं। उन्हें 24 घंटे जगाना उचित नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय विचार-विमर्श के बाद ही होगा।



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