हाल ही में बेंगलुरु के नम्मा मेट्रो का किराया लगभग 50 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इसके बाद से दावा किया जा रहा है कि बेंगलुरु मेट्रो का किराया देश के सभी प्रमुख शहरों, जहां मेट्रो सुविधा उपलब्ध है, में सबसे ज्यादा हो गया है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म से लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में सरकार के इस फैसले की लगातार निंदा की जा रही है।
दावा किया जा रहा है कि बेंगलुरु मेट्रो का किराया बढ़ने के बाद इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में भी गिरावट आयी है। पर क्या सच में बेंगलुरु मेट्रो का किराया दिल्ली और मुंबई में चलने वाली मेट्रो से भी ज्यादा हो चुका है?

कितना बढ़ा है बेंगलुरु मेट्रो का किराया?
मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो में नया किराया लागू होने के बाद न्यूनतम किराए में तो परिवर्तन नहीं हुआ है लेकिन अधिकतम किराया लगभग 50 प्रतिशत बढ़ गया है। बताया जाता है कि नया किराया लागू होने के बाद बेंगलुरु मेट्रो का न्यूनतम किराया पहले की तरह ही ₹10 है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन अधिकतम किराया जो अब तक ₹60 हुआ करता था, वह बढ़कर ₹90 हो गया है। यानी एक ही छलांग में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।
यात्रियों की संख्या में आयी गिरावट
बेंगलुरु मेट्रो प्रबंधन द्वारा दावा किया जा रहा था कि मेट्रो का किराया बढ़ने से आय भी बढ़ेगी। लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मेट्रो का किराया बढ़ने का बुरा असर इसकी यात्री संख्या पर पड़ा है। news18 की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार किराया बढ़ाने के बाद पहली सोमवार को कुल 8.29 लाख यात्रियों ने बेंगलुरु में मेट्रो से सवारी की। दावा किया जा रहा है कि किराया बढ़ाए जाने से पहले और बाद की यात्री संख्या में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आयी है।
मेट्रो स्टेशन और ट्रेन के अंदर पहले के मुकाबले यात्रियों की संख्या भी कम बतायी जा रही है। कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया इतना ज्यादा किराया बढ़ाने का विरोध जताते हुए पोस्ट कर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। यात्रियों का दावा है कि बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) का कहना है कि किराया मात्र 45% ही बढ़ाया गया है लेकिन कुछ स्टेशनों पर किराया 70% से 110% भी बढ़ाया गया है। बताया जाता है कि पहले जहां व्हाइटफिल्ड से सिंगय्यनपल्या तक मेट्रो का किराया ₹28.5 हुआ करता था, वह अब ₹60 हो गया है।
बता दें, BMRCL केंद्र और कर्नाटक सरकार की संयुक्त शाखा के तौर पर काम करती है, जिसपर बेंगलुरु के नम्मा मेट्रो के संचालन की जिम्मेदारी है। बताया जाता है कि वर्ष 2017 के बाद से बेंगलुरु मेट्रो का किराया बढ़ाया नहीं गया था। इसलिए BMRCL ने पहल करते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जिसके बाद फेयर फिक्सेशन कमेटी की सिफारिश पर नया किराया लागू किया गया। दावा किया जाता है कि फेयर फिक्शेसन कमेटी ने दिल्ली और चेन्नई मेट्रो का दौरा किया था और BMRCL के अधिकारियों से भी किराया बढ़ाने के संबंध में बातचीत की थी।
क्या वाकई दिल्ली और मुंबई से ज्यादा है बेंगलुरु मेट्रो का किराया?
बेंगलुरु मेट्रो के किराए में वृद्धि से पहले फेयर फिक्शेसन कमेटी ने मुंबई और दिल्ली मेट्रो के किराए की भी पड़ताल की थी। बताया जाता है कि दिल्ली और मुंबई दोनों महानगरों में ही मेट्रो का किराया बेंगलुरु मेट्रो के वर्तमान (बढ़ाने के बाद) किराए से ज्यादा है।
मुंबई मेट्रो का न्यूनतम किराया ₹10 है वहीं अधिकतम किराया ₹80 है। वहीं दिल्ली मेट्रो, जो देश की सबसे लंबी मेट्रो नेटवर्क है, का न्यूनतम किराया ₹10 और अधिकतम किराया ₹60 है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सभी राज्यों में, दिल्ली को छोड़कर, मेट्रो का शुरुआती किराया संबंधित राज्य की मेट्रो निगम ने ही तय किया था।



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