भरुच में नवनिर्मित नर्मदा मैया ब्रिज पर गाड़ियों की आवाजाही को 3 महीनों के लिए प्रतिबंधित किया गया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यह फैसला पिछले लंबे समय से इस ब्रिज पर हो रही दुर्घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए लिया गया है। हालांकि इस ब्रिज पर सभी प्रकार की गाड़ियों की आवाजाही को प्रतिबंधित न करते हुए चुनिंदा प्रकार की गाड़ियों को ही बंद करने का फैसला जिलाधिकारी की तरफ से लिया गया है। बताया जाता है कि चुनिंदा गाड़ियों पर लगाया गया यह प्रतिबंध 5 फरवरी से लागू हो चुका है।

नर्मदा नदी पर बनाया गया यह ब्रिज गुजरात में भरुच और अंकेश्वर को जोड़ने का काम करता है। इन दोनों शहरों के बीच कामकाज, व्यापार, छात्र अथवा सामान्य लोगों का अक्सर आना-जाना लगा रहता है। इस वजह से नर्मदा मैया ब्रिज के बन जाने से दोनों शहरों के बीच लोगों के लिए आना-जाना भी काफी आसान बन गया था। इस ब्रिज के आसपास ही कई होस्टल, मॉल, कॉलेज व बस स्टेशन भी मौजूद है।
लेकिन इस ब्रिज का निर्माण पूरा होने और उसे आम लोगों के लिए खोल दिये जाने के कुछ समय बाद से ही यहां हो रही दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए चिंता का सबब बन गयी थी। Desh Gujarat की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नर्मदा मैया ब्रिज पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं भारी वाहनों की वजह से ही हुए हैं।
बताया जाता है कि स्थानीय नागरिकों ने अपने इस दावे के समर्थन में सबूत के तौर पर कई वीडियो और फोटो भी जमा किये थे। जिसमें यह स्पष्ट दिखाई दे रहा था कि ब्रिज से होकर गुजरने वाली भारी वाहनों जैसे निजी बसों, ट्रकों आदि की वजह से दुर्घटनाएं बढ़ रही थी। दुर्घटनाओं में वृद्धि खासतौर पर रात के समय हो रही थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही जिलाधिकारी की तरफ से नर्मदा मैया ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही को 3 महीने के लिए बंद करने का फैसला लिया है।
यह आदेश 5 फरवरी से लागू हो चुका है जो 4 मई 2025 तक लागू रहेगा। हालांकि भारी गाड़ियों के नर्मदा मैया ब्रिज से होकर आने-जाने पर लगा प्रतिबंध आपातकालिन सेवाओं में शामिल गाड़ियां जैसे एंबुलेंस, अग्निशमन ट्रक आदि पर लागू नहीं है। इसके साथ ही गुजरात राज्य परिवहन (GSRTC) की बसों को भी इस ब्रिज से होकर आने-जाने पर छूट दी गयी है।
मीडिया रिपोर्ट में किये गए दावे में कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी का यह आदेश ब्रिज से होकर आने-जाने वाले सभी लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ ब्रिज पर दुर्घटना की संभावनाओं को कम करने के उद्देश्य से ही लागू किया गया है। बताया जाता है कि 3 महीने तक परिस्थिति पर नजर रखी जाएगी, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।



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