भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर तेजी से काम चल रहा है। मुंबई से अहमदाबाद रूट पर देश की पहली बुलेट ट्रेन का संचालन होने वाला है। यह बुलेट ट्रेन परियोजना कुल 508 किमी लंबी है लेकिन अब इससे भी बड़ी बुलेट ट्रेन रूट की घोषणा कर दी गयी है।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली से पटना के बीच चलेगी। बताया जाता है कि यह नई बुलेट ट्रेन दिल्ली-मुंबई हाई स्पीड रेल परियोजना का ही विस्तार होगी। इस रूट पर बुलेट ट्रेन करीब 1,050 किमी का सफर तय करेगी।

राजधानी दिल्ली से पटना के बीच किसी भी सामान्य मेल अथवा एक्सप्रेस ट्रेन को पहुंचने में 17 घंटों का समय लगता है। लेकिन दिल्ली से पटना बुलेट ट्रेन यह दूरी महज 3 घंटे में पूरी कर लेगी। बुलेट ट्रेन से पहले इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जाता है जो 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ती है। वंदे भारत को दिल्ली से पटना पहुंचने में करीब 9 घंटे का समय लगता है लेकिन बुलेट ट्रेन 350 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी। यह ट्रेन सिर्फ 3 घंटे में दिल्ली से पटना के बीच की दूरी को तय करेगी।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में बुलेट ट्रेन के लिए एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा जिसका रूट भी फाइनल हो चुका है। बताया जाता है कि जल्द ही जमीन अधिग्रहण का काम भी शुरू हो जाएगा। इस साल अगस्त में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की टीम पटना का दौरा करेगी।
इस दौरे के बाद ही रेलवे स्टेशन कहां-कहां बनाया जाएगा और पूरे रूट में कितने रेलवे स्टेशन बनेंगे इस बारे में फैसला लिया जा सकेगा। बुलेट ट्रेन के लिए बनने वाले रेलवे लाइनों की ऊंचाई जमीन से लगभग 2-3 मंजीला ऊंची इमारत के बराबर होगी।

कहां होगा स्टेशन
दिल्ली-पटना रूट पर चलने वाली बुलेट ट्रेन का ठहराव बक्सर, पटना और गया में निश्चित किया गया है। बताया जाता है कि इन सभी जिलों में एक-एक स्टेशनों का निर्माण होगा। वहीं पटना के फुलवारी शरीफ या बिहटा में किसी एक स्थान पर स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।
लेकिन स्टेशन कहां बनेगा, इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। बुलेट ट्रेन के शुरू हो जाने से न सिर्फ इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को आराम से यात्रा करने का मौका मिलेगा बल्कि व्यापार और वाणिज्य में भी वृद्धि होगी। दोनों शहरों के बीच आर्थिक गतिविधि काफी ज्यादा बढ़ेगी।
शनिवार (15 जून) को रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए बुलेट ट्रेन से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन सेवा में सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड रेनफॉल मॉनिटरिंग सिस्टम लगायी जाएगी, ताकि मूसलाधार बारिश में भी 320 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन का संचालन सुरक्षित तरीके से हो सकें। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम उन्नत उपकरण प्रणाली से जुड़ी है, जो बारिश को लेकर रियल टाइम डाटा प्रदान करेगी।



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