अक्सर दोस्तों या ऑफिस के सहयोगियों की मदद करते हुए लोग IRCTC के अपने अकाउंट से अगर दूसरों का टिकट बुक कर देते हैं। लेकिन अब अगर ऐसा किया गया तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है और जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। भारतीय रेलवे ने IRCTC ऐप और वेबसाइट के माध्यम से ट्रेन की टिकट बुकिंग के नियमों में परिवर्तन किया है!
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें खुब फैल रही हैं। क्या इन बातों में जरा भी सच्चाई है? क्या सिर्फ खून के रिश्ते या उन लोगों का ही टिकट आप अपने IRCTC अकाउंट से बुक कर सकते हैं, जिनका और आपका सरनेम एक है? रेलवे ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट कर इन सभी बातों को स्पष्ट कर दिया है।

सबसे पहले आपको सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के बारे में बता देते हैं -
सोशल मीडिया पर IRCTC के टिकट बुकिंग से संबंधित जो खबरें फैल रही हैं, उनके मुताबिक रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत, सिर्फ आधिकारिक रूप से नियुक्त कोई एजेंट ही तीसरी पार्टी यानी अपने और अपने परिवार के अलावा और किसी और के लिए टिकट बुक कर सकता है। अगर इस नियम का उल्लंघन होता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उसे 3 साल तक की जेल और ₹10,000 का जुर्माना भी हो सकता है। इन वायरल खबरों में दावा किया गया है कि कोई भी व्यक्ति अपने ID से सिर्फ उन लोगों के लिए ही टिकट बुक कर सकता है जिसके साथ उसका खुन का रिश्ता हो अथवा दोनों का एक ही सरनेम हो।
रेलवे ने बतायी वायरल खबर की सच्चाई

भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट कर सोशल मीडिया पर वायरल इस खबर की सच्चाई बतायी है। भारतीय रेलवे ने IRCTC ऐप या वेबसाइट पर व्यक्तिगत ID से टिकट बुकिंग पर लगाये गये रोक की खबरों को पूरी तरह से फर्जी करार दिया है। भारतीय रेलवे ने इस बाबत पूरी सच्चाई बताते हुए स्पष्ट किया है कि IRCTC के साइट से रेलवे बोर्ड के दिशानिर्देशों के आधार पर की जाने वाली टिकट बुकिंग को लेकर निम्न नियम लागू हैं :
- कोई व्यक्ति अपने व्यक्तिगत ID से परिवार, दोस्त या रिश्तेदारों के लिए टिकट बुक कर सकता है।
- आधार-प्रमाणीकृत (Authenticated) यूजर (व्यक्ति) हर महीने 12 टिकट बुक कर सकता है। अगर जिनकी टिकट बुकिंग हो रही है, उनमें से कोई व्यक्ति आधार-प्रमाणीकृत है तो टिकटों की संख्या हर महीने 24 भी हो सकती है।
- अपने व्यक्तिगत ID से टिकट बुक करके उसको बेचा नहीं जा सकता है। ऐसा करने वाले के खिलाफ रेलवे एक्ट 1989 के अधीन धारा 143 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह भारतीय रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि IRCTC के अपने व्यक्तिगत ID से टिकट बुकिंग के लिए खुन का रिश्ता या सरनेम एक होना अनिवार्य नहीं है। हां, रेलवे एक्ट की जिस धारा का उल्लेख सोशल मीडिया पर वायरल खबरों में किया गया है, उस धारा के तहत कोई व्यक्ति सिर्फ तभी दोषी करार दिया जाएगा जब वह अधिकृत एजेंट न होकर IRCTC के अपने व्यक्तिगत ID से टिकट बुक कर उसे बेचता हुआ पकड़ा जाता है।



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