चंडीगढ़ वालों के लिए एक नहीं बल्कि दो-दो बड़ी ही अच्छी खबर है। हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाली अधिकांश गाड़ियां जो चंडीगढ़ होकर ही जाती हैं और टूरिज्म के पिक सीजन में इन गाड़ियों की वजह से चंडीगढ़ वालों को होने वाली परेशानियां अब खत्म होने वाली हैं।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने पंजाब के मुलनपुर के मजरी चौक से सिस्वान होकर हिमाचल प्रदेश के बद्दी तक रिंग रोड का निर्माण शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर NHAI ने जिरकपुर रिंग रोड परियोजना पर भी दोबारा काम शुरू कर दिया है।

अब तक PGIMER तक जाने के लिए अधिकांश बाइक सवार बद्दी से न्यू चंडीगढ़ तक सिंगल रोड का ही इस्तेमाल किया करते थे। इस बारे में Hindustan Times की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पंजाब के राज्यपाल और केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में पिछले महीने आयोजित एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण की बैठक में NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने चंडीगढ़ ट्राईसिटी इलाके में बनने वाले रिंग रोड के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।
अधिकारियों से हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पंजाब सरकार इस परियोजना को शुरू करने के लिए वन विभाग से अनुमति मिलने और DPR (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के तैयार होने का इंतजार कर रही थी।
अपने बयान में NHAI ने कहा कि चंडीगढ़ के आसपास मोहाली, ज़िरकपुर और पंचकुला के हुए तेज विकास ने चंडीगढ़ शहर की ट्रैफिक को भी बढ़ा दिया है। इसके साथ ही ट्राईसिटी के आसपास उपनगरीय शहरों के रूप में देराबस्सी, खरार, मोरिंदा, न्यू चंडीगढ़ और पिंजौर शहरों का भी विकास हुआ है।
इसलिए बढ़े हुए ट्रैफिक को नियंत्रित करने और ट्रैफिक के बहाव को सामान्य बनाने के लिए चंडीगढ़ व ट्राईसिटी इलाके के आसपास NHAI ने रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव रखा था। चंडीगढ़ और ट्राईसिटी रिंग रोड का एक हिस्सा 18 किमी लंबा पंजाब के मुलनपुर से हिमाचल प्रदेश के बद्दी तक रिंग रोड का निर्माण है, जो सिस्वान होकर न्यू चंडीगढ़ को बद्दी से जोड़ेगा, का निर्माण अब शुरू होने वाला है।
वहीं दूसरी ओर NHAI ने ज़िरकपुर रिंग रोड परियोजना पर भी फिर से काम शुरू किया है, जो लगभग 11 सालों से लंबित पड़ा हुआ है। इस रिंग रोड के बनने से अंबाला से शिमला जाने वाले ट्रैफिक को एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना पर काम साल 2013 में शुरू हुआ था लेकिन साल 2014 में कुछ जमीन के मालिकों ने अधिक मुआवजे की मांग को लेकर इस काम पर रोक लगवा दी थी।
इस रिंग रोड का निर्माण पूरा हो जाने से शिमला की ओर जाने वाली गाड़ियां इस रास्ते होकर जा सकेंगी। इसके लिए उन्हें जिरकपुर होकर जाने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधा पंचकुला में शिमला हाईवे पर पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही यह रिंग रोड मोहाली में नवनिर्मित इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता बन जाएगा, जिससे यात्री चंडीगढ़ की भीड़ में फंसने से बच जाएंगे।



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