चंडीगढ़ में अंडरग्राउंड मेट्रो को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है। इसका मतलब है कि अब चंडीगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर को बिना कोई नुकसान पहुंचाये ही लोगों तक मेट्रो सुविधा का लाभ पहुंचाया जा सकेगा। मिली जानकारी के अनुसार केंद्रशासीत प्रदेश के अधिकारियों के साथ केंद्रीय हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। बताया जाता है कि यह परियोजना 3 फेज में पूरी की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना को बनाने की लागत करीब ₹19,000 करोड़ रुपए होने वाली है। पहले फेज में तीन कॉरिडोर होंगे जिसमें मोहाली, पंचकुला और चंडीगढ़ शामिल है। Times of India की एक रिपोर्ट के मुताबिक पहले फेज में 86 किमी लंबा मेट्रो स्ट्रेच का निर्माण किया जाएगा जिसमें से 40 किमी मेट्रो स्ट्रेच चंडिगढ़ में और 15 किमी स्ट्रेच आसपास के इलाकों में होगा, जो हेरिटेज सेक्टर कहलाता है।
चंडीगढ़ के सेक्टर 1 से 30 तक का हिस्सा हेरिटेज सेक्टर कहलाता है, जिसमें UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट ऑफ कैपिटल कंप्लेक्स भी शामिल है। पंचकुला और मोहाली में मेट्रो लाइन को एलिवेटेड बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।

पहले फेज के 3 प्रमुख रूट
चंडीगढ़ मेट्रो के पहले फेज के 3 प्रमुख रूट हैं। इसमें पहला रूट सेक्टर 28, पंचकुला से सुल्तानपुर, न्यू चंडीगढ़ है। दूसरा रूट जिरकपुर ISBT से सुखना लेक वाया मोहाली ISBT होगा और तीसरा रूट ग्रेन मार्केट चौक, सेक्टर 39 से ट्रांसपोर्ट चौक, सेक्टर 26 होगा।
कब तक पूरा होगा चंडीगढ़ मेट्रो का पहला फेज
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ मेट्रो का पहला फेज 2034 तक पूरा होने की संभावना है। वहीं 2034 से दूसरे फेज का काम शुरू होगा। इस फेज में मेट्रो का रूट 25 किमी लंबा प्रस्तावित किया गया है। चंडीगढ़ मेट्रो का दूसरा फेज मणकपुर कल्लर को एयरपोर्ट चौक से जोड़ेगा। इस फेज का अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड ही होगा।



Click it and Unblock the Notifications














