जल्द ही दिल्ली मेट्रो को मिलने वाले हैं दो नये कॉरिडोर। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज 4 के विस्तार और 2 नये मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। मिली जानकारी के अनुसार मेट्रो के दोनों कॉरिडोर को तैयार करने की आनुमानिक लागत लगभग 8,399 करोड़ रूपए होगी।
बताया जाता है कि दिल्ली मेट्रो के दोनों नये कॉरिडोर को बनाने का काम मार्च 2029 तक पूरा कर लिया जाएगा। दोनों नये कॉरिडोर दिल्ली के इंद्रलोक को इंद्रप्रस्थ और लाजपत नगर को साकेत G ब्लॉक से जोड़ेगी।

इस बात की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि लाजपत नगर से साकेत G ब्लॉक वाला कॉरिडोर 8.4 किमी लंबा होगा, जिसमें कुल 8 स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर सिल्वर, मजेंटा, पिंक और वायलेट लाइन से जुड़ा होगा। बताया जाता है कि इस कॉरिडोर के सभी स्टेशन एलीवेटेड (जमीन से ऊपर) ही होंगे। वहीं इंद्रलोक को इंद्रप्रस्थ से जोड़ने वाली दिल्ली मेट्रो की लाइन 12.4 किमी लंबी होगी, जिसमें कुल 10 स्टेशन बनेंगे।
बताया जाता है कि दिल्ली मेट्रो का यह कॉरिडोर ग्रीन लाइन, यलो लाइन, एयरपोर्ट लाइन, मजेंटा लाइन, वायलेट लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर का 11.34 किली हिस्सा भूमिगत (अंडरग्राउंड) बनने वाला है और 1.02 किमी हिस्सा एलिवेटेड होगा।

गौरतलब है कि इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ लाइन हरियाणा के बहादुरगढ़ के साथ यातायात संपर्क को बढ़ाने में सबसे बड़ी मददगार साबित होगी। यात्री इंद्रप्रस्थ, सेंट्रल और पूर्वी दिल्ली के विभिन्न जगहों पर जाने के लिए सीधे ग्रीन लाइन पकड़ सकेंगे। इन दोनों नये मेट्रो कॉरिडोर पर 8 नये इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जिन्हें इंद्रलोक, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, लाजपत नगर, चिराग दिल्ली और साकेत G ब्लॉक पर बनाया जाएगा।

दिल्ली मेट्रो के चौथे फेज के विस्तार के रूप में 65 किमी के निर्माण के साथ ही तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है। संभावना है कि इस फेज का निर्माण मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। दिल्ली मेट्रो इस समय दुनिया का सबसे तेजी से विस्तृत हो रहा मेट्रो नेटवर्क है। DMRC का नेटवर्क 391 किमी के क्षेत्र में 286 मेट्रो स्टेशनों के साथ एक विशाल मेट्रो नेटवर्क बन चुका है।



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