लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर कबीरपुर गांव के सामने बने रनवे पर वायु सेना के लड़ाकु विमान अभ्यास करेगी। यह अभ्यास 6 और 7 अप्रैल को होगा। इसमें जैगुआर, सुखोई, मिराज आदि लड़ाकू विमानों के साथ ही अन्य जहाज व हेलीकॉप्टर के भी शामिल होने की संभावना है।
इस वजह से अगले 1 हफ्ते तक रनवे पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी के मुताबिक यह रिहर्सल भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता का प्रतिक है।

बता दें, लगभग 7 सालों के बाद एक बार फिर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के रनवे पर सैन्यू लड़ाकू विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ का रिहर्सल होगा। इन विमानों को इस तरह से रनवे पर उतारने का अभ्यास करवाने के पीछे मुख्य वजह किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में लड़ाकू विमानों की सफल लैंडिंग का अभ्यास करवाना बताया जाता है। ऐसा तीसरी बार होगा जब भारतीय वायु सेना की तरफ से इस तरह के अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले साल 2016 और 2017 को अभ्यास हुआ था जब एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ था।
कब से कब तक रहेगा रूट डायवर्जन
भारतीय वायुसेना के विमान 2 अप्रैल की सुबह 8 बजे से अपना अभ्यास शुरू कर चुके हैं। इसलिए 2 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल के दोपहर 12 बजे तक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 और 7 अप्रैल को किसी भी वाहन को एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ की सीमा में जाने की अनुमति नहीं जाएगी। वायुसेना के अभ्यास के मद्देनजर रनवे के क्षेत्र को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।
क्या होगा रूट डायवर्जन
रूट डायवर्जन के कारण सभी वाहनों को हैबतपुर के अंडरपास से बांगरमऊ-संडीला मार्ग के अंडरपास से गुजारा जाएगा। ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान सर्विस रोड पर कोई जाम न लगे, इसलिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बस को तैनात किया जा रहा है। 2 अप्रैल (मंगलवार) की सुबह 8 बजे से रविवार 7 अप्रैल की शाम तक रनवे के 4 किमी के दायरे में ट्रैफिक डायवर्जन को लागू किया गया है। वाहनों को सीधे निकालने के बजाए, सर्विस रोड से निकाला जाएगा।



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